तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में झीलों और सरकारी जमीनों से अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए बनाई गई टास्क फोर्स ‘हाइड्रा’ एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार विवाद इसकी कार्रवाई को लेकर नहीं, बल्कि सूबे के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी के एक बेहद चौंकाने वाले बयान को लेकर हुआ है। बेंगलुरु में आयोजित एक कॉन्क्लेव के दौरान मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने दावा किया कि उन्होंने हाइड्रा का नाम और इसका कॉन्सेप्ट जर्मन तानाशाह एडॉल्फ हिटलर से प्रेरित होकर रखा है। इसके साथ ही उन्होंने हैदराबाद में चल रहे ध्वस्तीकरण अभियान के दृश्यों की तुलना ईरानइजराइल जैसे युद्धग्रस्त क्षेत्रों से कर दी। इस बयान के बाद देश की सियासत गरमा गई है।

हिटलर और युद्ध क्षेत्र का क्या है पूरा कनेक्शन?
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने हाइड्रा की कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा, “हाइड्रा शब्द हिटलर का पसंदीदा शब्द था। उसकी कोर टीम को हाइड्रा कहा जाता था, जो किसी का भी खात्मा कर सकती थी। इसलिए, मैंने हिटलर से प्रेरणा ली और इसका नाम हाइड्रा रखा।” इसके साथ ही उन्होंने शहर में हो रहे डेमोलिशन की तुलना ईरानइजराइल के युद्ध क्षेत्र से कर दी, जिससे हैदराबाद एक नए राजनीतिक विवाद के केंद्र में आ गया है। हालांकि, इतिहासकारों का कहना है कि हिटलर के इनर सर्किल का हाइड्रा शब्द से जुड़े होने का कोई ऐतिहासिक प्रमाण नहीं है, बल्कि यह द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान नाजी जर्मनी के खिलाफ ब्रिटिश रॉयल एयर फोर्स का एक बमबारी मिशन था।
विपक्ष ने घेरा, आलाकमान की चुप्पी पर उठाए सवाल
रेवंत रेड्डी का यह बयान सामने आते ही भारतीय जनता पार्टी और भारत राष्ट्र समिति ने कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोल दिया है। केंद्रीय मंत्री और सिकंदराबाद के सांसद जी. किशन रेड्डी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि रेवंत रेड्डी खुलेआम यह स्वीकार कर रहे हैं कि वे हिटलर से प्रेरित हैं। उन्होंने कहा कि इमरजेंसी से लेकर हिटलर तक, कांग्रेस की हमेशा से लोगों की आवाज दबाने वाली तानाशाही मानसिकता रही है। बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कांग्रेस आलाकमान और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या राहुल गांधी अपने इस ‘हिटलर मानसिकता’ वाले मुख्यमंत्री पर कोई कार्रवाई करेंगे?
हाईकोर्ट भी जता चुका है नाराजगी
यह पहली बार नहीं है जब हाइड्रा की कार्रवाई पर सवाल उठे हैं। इससे पहले तेलंगाना उच्च न्यायालय भी हाइड्रा के कामकाज के तरीकों पर कड़ी नाराजगी जता चुका है। कोर्ट ने पिछली सुनवाइयों के दौरान इसकी तुलना ‘युद्ध जैसी स्थिति’ से की थी और कहा था कि कानून को ताक पर रखकर इस तरह की एकतरफा कार्रवाई को स्वीकार नहीं किया जा सकता। बहरहाल, विपक्षी दलों ने इस मामले में मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी और कांग्रेस पार्टी से तेलंगाना की जनता से बिना शर्त माफी मांगने की मांग की है।



