Yusuf Pathan: तृणमूल कांग्रेस के संसदीय दल पर संकट गहराता नजर आ रहा है। अधिकांश सांसदों के समर्थन का दावा करने वाले पार्टी के एक गुट ने ममता बनर्जी का साथ छोड़कर NDA का समर्थन करने का फैसला किया है। कहा जा रहा है कि इन बागी सांसदों के गुट में पूर्व क्रिकेटर यूसुफ पठान भी शामिल हैं। हालांकि, उन्होंने इसे लेकर आधिकारिक रूप से कुछ नहीं कहा है। ये सारा घटनाक्रम तब हुआ, जब बनर्जी दिल्ली में INDIA गठबंधन की बैठक में शामिल होने पहुंचीं थीं।

सीएनएन न्यूज18 से बातचीत में टीएमसी की वरिष्ठ नेता और सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने पठान का नाम भी होने के संकेत दिए। उन्होंने कहा कि 20 सांसदों ने बगावत की है और जरूरत पड़ी, तो वह सभी का नाम बता सकती हैं। उन्होंने कहा, ‘मैं एकएक कर सभी का नाम बता सकती हूं। हम 20 सांसद हैं, लेकिन मैं ऐसा नहीं करना चाहती।’
महुआ मित्रा ने साधा निशाना
सोमवार को टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने पठान पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था, ‘और यूसुफ पठान आप दिल्ली जा रहे हैं, क्योंकि आपको अमित शाह का कॉल आया है? थोड़ी हिम्मत तो रखो। आप भारत के लिए खेले हैं। हमारे जिले ने आपको बड़े अंतर से जिताया है। थोड़ी शर्म और रीढ़ की हड्डी को मजबूत रखो।’
लोकसभा सीट पर हो गया था बवाल
हाल ही में खबरें आई थीं कि टीएमसी ने बहरामपुर से सांसद यूसुफ पठान को सीट से इस्तीफा देने के लिए मनाने की कोशिश की थी। साथ ही इसके लिए भी पूर्व क्रिकेटर सौरव गांगुली की मदद ली गई थी। ऐसा इसलिए ताकि ममता बनर्जी सीट से उपचुनाव लड़ सकें। रिपोर्ट में दावा किया गया था कि पूर्व क्रिकेटर ने इस्तीफा देने से मना कर दिया था। हालांकि, बाद में गांगुली ने इन दावों को खारिज कर दिया था।
ओम बिरला को लिख दिया पत्र
बागी गुट की प्रमुख बताई जा रहीं दस्तीदार ने NDA को अपने समर्थन की जानकारी देने के लिए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखने का फैसला किया है। दस्तीदार ने पीटीआई भाषा को फोन पर बताया, ‘मेरे समेत टीएमसी के लगभग बीस सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर NDA को औपचारिक रूप से समर्थन देने का फैसला किया है।’
सूत्रों के अनुसार, बागी सांसदों ने टीएमसी से तुरंत इस्तीफा देने या भाजपा में शामिल होने का विकल्प नहीं चुना है। इसके बजाय, वे राजग का समर्थन करने वाले एक अलग गुट के रूप में काम करने का इरादा रखते हैं, जो दलबदल रोधी कानून से बचने के लिए बनाई गई एक रणनीति है। टीएमसी के पास फिलहाल लोकसभा में 28 सांसद हैं, जिनमें से एक सीट बसीरहाट सांसद हाजी नुरुल इस्लाम के निधन के बाद रिक्त है। 20 सांसदों का समर्थन मिलने पर दलबदल रोधी कानून लागू होने से रोकने के लिए आवश्यक दोतिहाई बहुमत आसानी से प्राप्त हो जाएगा।
ये भी पढ़ें:कुछ शर्महया बची भी है… यूसुफ पठान पर यूं क्यों भड़कीं महुआ मोइत्रा?
पीटीआई भाषा को एक सूत्र ने बताया कि बागी सांसदों के एक समूह ने दिल्ली में भाजपा नेता भूपेंद्र यादव के आवास पर बैठक की। बैठक की एक कथित तस्वीर सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रही है। इस तस्वीर में, राज्यसभा सदस्य सुखेंदु शेखर राय, सांसद अबू ताहिर, असित मल, अरूप चक्रवर्ती, कालीपद खेरवाल, जगदीश बसुनिया, प्रसून बनर्जी, शर्मिला सरकार और शताब्दी रॉय के साथ दिखाई दे रहे हैं।



