
बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में किसान नेता राजू चौधरी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। वारदात बोचहां थाना क्षेत्र के सरफुद्दीनपुर चलेकेलाल गांव में मंगलवार दोपहर को हुई। अपराधियों ने दिनदहाड़े दुकान पर बैठे राजू पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं। दो गोलियां लगने से 45 वर्षीय राजू चौधरी की मौत हो गई। वह बोचहां प्रखंड के किसान अध्यक्ष थे। उन्हें खेती के लिए बिहार सरकार द्वारा सम्मान भी मिल चुका था। तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उन्हें सम्मानित किया था।
इस घटना के बाद से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। घटना के संबंध में बताया गया कि राजू चौधरी अपने घर के समीप स्थित अपनी किराना दुकान पर मौजूद थे। इसी दौरान घात लगाए अपराधियों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। अपराधियों ने उन्हें दो गोलियां मारीं, एक गोली सिर और दूसरी उनके सीने में लगी।
गोली लगने के बाद वह खून से लथपथ होकर वहीं गिर पड़े। घटना को अंजाम देने के बाद अपराधी हथियार लहराते हुए वहां से भाग निकले। गोलीबारी की आवाज सुनकर आस-पास के लोग मौके पर दौड़े। स्थानीय ग्रामीणों और परिजनों ने आनन-फानन में खून से लथपथ जख्मी राजू चौधरी को उठाकर मुजफ्फरपुर स्थित एसकेएमसीएच में भर्ती कराया। यहां इलाज के दौरान डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
मौत की खबर मिलते ही परिजन में कोहराम मच गया। घटना की सूचना मिलते ही मुजफ्फरपुर के ग्रामीण एसपी राजेश सिंह प्रभाकर दलबल के साथ एसकेएमसीएच पहुंचे। उन्होंने मृतक के परिजन से मुलाकात की और घटना के संबंध में विस्तृत जानकारी जुटाई। फिलहाल पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले की छानबीन शुरू कर दी गई है।
पुलिस की पूछताछ में मृतक के बेटे राहुल कुमार ने बताया कि पिता किराना दुकान पर बैठे हुए थे। इसी बीच अपराधी उन्हें गोली मारकर भाग निकले। बेटे ने पुलिस को बताया है कि उनके पिता की किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी। फिर भी किसने यह हत्या की या करवाई है, पुलिस इस बात जल्द खुलासा करे।
ग्रामीण एसपी राजेश सिंह प्रभाकर ने बताया कि मृतक के परिजनों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। साथ ही घटना को अंजाम देने अपराधियों की भी पहचान की जा रही है।



