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रक्तदान के बाद कितने दिनों में रिकवर होती है बॉडी? एक्सपर्ट से जानिए ब्लड डोनेशन से जुड़ा हर वैज्ञानिक सच…

रक्तदान के बाद कितने दिनों में रिकवर होती है बॉडी? एक्सपर्ट से जानिए ब्लड डोनेशन से जुड़ा हर वैज्ञानिक सच…

रक्तदान को महादान कहा जाता है, क्योंकि आपका खून दूसरों की नसों में दौड़कर उसकी जिंदगी की हिफाजत करता है।  हालांकि, कई लोग चाहकर भी सिर्फ इस डर से ब्लड डोनेट नहीं कर पाते कि इससे उनके शरीर में कमजोरी आ जाएगी या खून की कमी पूरी होने में लंबा समय लगेगा। ब्लड डोनेट को लेकर जब हमने डॉक्टर से बात की तो पता चला कि हमारा शरीर एक अद्भुत मशीन है जो ब्लड डोनेट करने के तुरंत बाद ही नए ब्लड सेल्स बनाने की प्रक्रिया शुरू कर देता है। रक्तदान के बाद खोए हुए लिक्विड यानी प्लाज्मा की भरपाई तो महज 24 से 48 घंटों में ही हो जाती है, लेकिन पूरे ब्लड काउंट को वापस सामान्य होने में थोड़ा समय लगता है। विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर एक्सपर्ट से जानते हैं कि ब्लड डोनेट करने के बाद शरीर को पूरी तरह रिकवर होने में कितने दिन लगते हैं और इस दौरान किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है।

रक्तदान के दौरान कितना खून लिया जाता है?

एशियन हॉस्पिटल में डायरेक्टर- पैथोलॉजी डॉ. उमा रानी के अनुसार, एक सामान्य रक्तदान के दौरान लगभग 350 से 450 मिलीलीटर रक्त लिया जाता है। यह शरीर में मौजूद कुल रक्त का करीब 8 से 10 प्रतिशत होता है। स्वस्थ व्यक्ति आमतौर पर रक्तदान के कुछ घंटों बाद ही सामान्य महसूस करने लगता है।रक्तदान के बाद शरीर कितनी जल्दी रिकवर करता है?विशेषज्ञों के मुताबिक, रक्त का तरल हिस्सा (प्लाज्मा) सबसे पहले रिकवर होता है और इसकी भरपाई 24 से 48 घंटों के भीतर हो जाती है। इसलिए रक्तदान के बाद पर्याप्त पानी और अन्य तरल पदार्थ पीने की सलाह दी जाती है। यही वजह है कि रक्तदान केंद्रों पर दान के बाद जूस या अन्य पेय पदार्थ दिए जाते हैं, ताकि शरीर तेजी से हाइड्रेट हो सके।रक्तदान के बाद शरीर में क्या होता है?

रक्तदान के बाद शरीर निकले हुए रक्त की भरपाई करना शुरू कर देता है। हालांकि, रक्त के सभी घटक एक ही गति से नहीं बनते। प्लाज्मा की भरपाई जल्दी हो जाती है, लेकिन लाल रक्त कोशिकाओं (Red Blood Cells) को पूरी तरह से बनने में अधिक समय लगता है।

लाल रक्त कोशिकाओं को बनने में कितना समय लगता है?

विशेषज्ञों के अनुसार, रक्तदान के बाद लाल रक्त कोशिकाओं को पूरी तरह से पुनः बनने में लगभग 4 से 6 सप्ताह का समय लग सकता है। वहीं शरीर में आयरन के स्तर को सामान्य होने में कई सप्ताह या कुछ मामलों में कुछ महीने भी लग सकते हैं।

रक्तदान के बाद कमजोरी क्यों महसूस होती है?

कुछ लोगों को रक्तदान के बाद हल्का चक्कर, थकान या कमजोरी महसूस हो सकती है। हालांकि यह आमतौर पर अस्थायी होती है और कुछ समय बाद अपने आप ठीक हो जाती है। डॉक्टर रक्तदान के बाद आयरन, प्रोटीन, फोलिक एसिड और विटामिन बी12 से भरपूर आहार लेने की सलाह देते हैं। हरी पत्तेदार सब्जियां, दालें, अंडे, मछली, मेवे और खट्टे फल शरीर की रिकवरी में मदद करते हैं।

जल्दी रिकवरी के लिए क्या करें?

विशेषज्ञों का कहना है कि रक्तदान के बाद पर्याप्त आराम करें, खूब पानी पिएं और कुछ घंटों तक भारी शारीरिक गतिविधियों से बचें। इससे शरीर तेजी से सामान्य स्थिति में लौट आता है।

सामान्य दिनचर्या कब शुरू कर सकते हैं?

अधिकांश लोग रक्तदान के अगले दिन से अपनी सामान्य दिनचर्या शुरू कर सकते हैं। हालांकि जिम जाने वाले, एथलीट्स या भारी शारीरिक श्रम करने वाले लोगों को 24 से 48 घंटे तक कठिन शारीरिक गतिविधियों से बचना चाहिए।

क्या रक्तदान से स्थायी कमजोरी आती है?

डॉक्टरों के अनुसार, रक्तदान से शरीर में स्थायी कमजोरी नहीं आती। स्वस्थ व्यक्ति का शरीर स्वाभाविक रूप से रक्त की भरपाई कर लेता है और कुछ दिनों के भीतर सामान्य स्थिति में लौट आता है।

कौन लोग रक्तदान करने से पहले सावधानी बरतें?

यदि किसी व्यक्ति को एनीमिया, गंभीर बीमारी, संक्रमण या अन्य स्वास्थ्य समस्याएं हैं, तो उसे रक्तदान करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। केवल वही लोग रक्तदान करें जो निर्धारित स्वास्थ्य मानदंडों को पूरा करते हों।

रक्तदान को लेकर डरना नहीं चाहिए

विशेषज्ञों का कहना है कि रक्तदान को लेकर अनावश्यक डर नहीं रखना चाहिए। यह एक सुरक्षित प्रक्रिया है और जरूरतमंद मरीजों के लिए जीवनदान साबित हो सकती है।

रक्तदान के बाद सही देखभाल क्यों जरूरी है?

उचित आराम, संतुलित आहार और पर्याप्त पानी के सेवन से शरीर तेजी से रिकवर हो जाता है। इसलिए रक्तदान से जुड़ी गलतफहमियों को दूर करना और अधिक से अधिक लोगों को इस जीवन रक्षक अभियान से जोड़ना जरूरी है।


डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जागरूकता और पाठकों की शिक्षा के लिए चिकित्सा सिद्धांतों व डॉक्टरों की सामान्य राय के आधार पर तैयार किया गया है। ब्लड डोनेट करने से पहले हमेशा ब्लड बैंक या संबंधित डॉक्टरों द्वारा किए जाने वाले हेल्थ चेकअप को प्राथमिकता दें। यदि आपको रक्तदान के बाद अत्यधिक चक्कर या कमजोरी महसूस हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

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