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टैक्सपेयर्स अलर्ट! ITR फॉर्म में हुए बड़े बदलाव, जानिए क्या-क्या भरना होगा अब

फाइनेंशियल ईयर 202526 के लिए इनकम टैक्स रिटर्न भरने वाले करदाताओं को इस बार फॉर्म में कई अहम बदलाव देखने को मिलेंगे. कैपिटल गेन, शेयर ट्रेडिंग, बैंक बैलेंस और टैक्स छूट से जुड़ी ज्यादा जानकारी अब देनी होगी. सरकार ने इन बदलावों को टैक्स विभाग की डेटा आधारित जांच प्रणाली के अनुरूप तैयार किया है.

टैक्सपेयर्स अलर्ट! ITR फॉर्म में हुए बड़े बदलाव, जानिए क्या-क्या भरना होगा अब

टैक्स विशेषज्ञों के अनुसार, सरकार अब Annual Information Statement , TDS रिकॉर्ड, ब्रोकरेज रिपोर्ट और अन्य स्रोतों से मिले डेटा का मिलान कर रही है. ऐसे में रिटर्न भरते समय छोटी गलती या जानकारी में अंतर भी नोटिस या जांच का कारण बन सकता है.

चार्टर्ड अकाउंटेंट श्रेया गुप्ता गोयल के मुताबिक, अब रिटर्न फाइलिंग को केवल औपचारिक प्रक्रिया समझने की गलती नहीं करनी चाहिए. टैक्स विभाग के पास उपलब्ध जानकारी और रिटर्न में दी गई जानकारी का मेल होना पहले से ज्यादा जरूरी हो गया है.

ITR1 में क्या बदला?

  • अब दो मकानों तक की आय वाले लोग भी ITR1 भर सकेंगे. पहले एक से ज्यादा मकान होने पर ITR2 भरना पड़ता था.
  • सूचीबद्ध शेयरों और इक्विटी म्यूचुअल फंड से धारा 112A के तहत 1.25 लाख रुपये तक का लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन ITR1 में दिखाया जा सकेगा.
  • सेकेंडरी पता, मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी की नई जानकारी देनी होगी.
  • विदेश से पेंशन पाने वालों को अब विदेशी पेंशन खाते की जानकारी नहीं देनी होगी.

ITR2 में क्या नया है?

  • कैपिटल गेन से जुड़े लेनदेन की अधिक विस्तृत जानकारी देनी होगी.
  • शेयर बायबैक से हुए नुकसान की अलग से रिपोर्टिंग करनी होगी.
  • विदेशी संपत्ति, विदेशी बैंक खाते, विदेशी शेयर या विदेश से होने वाली आय की जानकारी देना पहले की तरह अनिवार्य रहेगा.
  • अतिरिक्त संपर्क विवरण देने का विकल्प जोड़ा गया है.

ITR3 में बड़े बदलाव

  • फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस , इंट्राडे ट्रेडिंग, कमोडिटी ट्रेडिंग और करेंसी ट्रेडिंग की अलगअलग जानकारी देनी होगी.
  • ऑडिटर से संबंधित कुछ रिपोर्टिंग नियम सरल किए गए हैं.
  • व्यापार और बड़े वित्तीय लेनदेन से जुड़ी अधिक जानकारी मांगी जाएगी.
  • वैकल्पिक पता, मोबाइल और ईमेल देने की सुविधा जोड़ी गई है.

ITR4 में क्या बदला?

  • अनुमानित कराधान योजना अपनाने वाले करदाता अब दो मकानों तक की आय ITR4 में दिखा सकेंगे.
  • धारा 112A के तहत 1.25 लाख रुपये तक का LTCG भी रिपोर्ट किया जा सकेगा.
  • 31 मार्च 2026 तक बैंक खाते में मौजूद बैलेंस बताना अनिवार्य कर दिया गया है.
  • विदेशी पेंशन खाते का विवरण देने की बाध्यता खत्म कर दी गई है.

राजनीतिक चंदे पर नई रिपोर्टिंग

एस.के. पाटोदिया एलएलपी के एसोसिएट डायरेक्टर मिहिर तन्ना के अनुसार, राजनीतिक दलों को दिए गए दान पर 100% टैक्स छूट का दावा करने वाले कई लोगों को हाल में नोटिस मिले हैं. इसलिए अब ITR में संबंधित राजनीतिक दल का PAN नंबर भरने के लिए नया कॉलम जोड़ा गया है.

ITR भरने की आखिरी तारीख

वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए ITR दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई रहेगी. वहीं, गैरऑडिट बिजनेस मामलों और कुछ ट्रस्टों के लिए समयसीमा बढ़ाकर 31 अगस्त कर दी गई है. F&O ट्रेडिंग से आय कमाने वालों को भी 31 अगस्त तक रिटर्न दाखिल करने का समय मिलेगा क्योंकि इसे व्यवसायिक आय माना जाता है.

इसके अलावा संशोधित रिटर्न दाखिल करने की अवधि भी बढ़ाई गई है. जनवरी 2027 से मार्च 2027 के बीच संशोधित रिटर्न जमा किया जा सकेगा. इसके लिए 5 लाख रुपये तक की आय वालों को 1,000 रुपये और इससे अधिक आय वालों को 5,000 रुपये तक की लेट फीस देनी पड़ सकती है.

विशेषज्ञों का कहना है कि अब यह मान लेना गलत होगा कि रिटर्न में कोई आय नहीं दिखाई गई तो टैक्स विभाग को पता नहीं चलेगा. विभाग को बैंक, म्यूचुअल फंड, ब्रोकर, नियोक्ता और अन्य संस्थाओं से सीधे जानकारी मिलती है. इसलिए रिटर्न जमा करने से पहले सभी विवरणों की अच्छी तरह जांच जरूर कर लें.

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