
छत्तीसगढ़ में 16 जून से नया शैक्षणिक सत्र शुरू हो रहा है। इस बार स्कूल शिक्षा विभाग बच्चों की पढ़ाई को और रोचक बनाने के लिए नया प्रयोग करने जा रहा है। अब राज्य के प्री-प्राइमरी, प्राइमरी और मिडिल स्कूलों में हर शनिवार गतिविधि दिवस मनाया जाएगा।
हर शनिवार होगी अलग गतिविधियां
स्कूल शिक्षा विभाग के निर्देशों के मुताबिक, हर शनिवार प्रदेश के स्कूलों में गतिविधि दिवस मनाया जाएगा। जिसके दौरान बच्चों को महापुरुषों की जयंती, त्योहारों, मेलों, लोक संस्कृति और छत्तीसगढ़ की परंपराओं के बारे में बताया जाएगा। इसके साथ ही कला, खेल, योग और अन्य रचनात्मक गतिविधियां भी कराई जाएंगी। इसका उद्देश्य बच्चों का सर्वांगीण विकास करना है।
स्थानीय लोगों से भी सीखेंगे बच्चे
स्कूलों में स्थानीय कलाकारों, खिलाड़ियों और अलग-अलग क्षेत्रों के जानकार लोगों को बुलाया जाएगा। वे बच्चों को अपने अनुभव बताएंगे। वहीं कक्षा 6 से 8 तक के विद्यार्थियों को व्यावसायिक शिक्षा और रोजगार से जुड़े कौशल की भी जानकारी दी जाएगी।
16 जून से शुरू होगी पढ़ाई
प्रदेश की सभी सरकारी और निजी स्कूलों में 16 जून से पढ़ाई शुरू हो जाएगी। वहीं 30 जून को शाला प्रवेश उत्सव मनाया जाएगा। इस दौरान बच्चों को यूनिफॉर्म, किताबें और साइकिलें वितरित की जाएंगी। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और स्कूल शिक्षा मंत्री भी शामिल होंगे।
स्कूल समितियों में भी बदलाव
शिक्षा विभाग ने राज्य की सभी शाला विकास समितियों को भंग कर नई स्कूल मैनेजमेंट कमेटी (SMC) बनाने का फैसला किया है। नई समिति में 75 प्रतिशत सदस्य बच्चों के माता-पिता होंगे। अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चयन भी बच्चों के मां बाप में से ही किया जाएगा।
नई समिति संभालेगी ये जिम्मेदारियां
नई SMC को स्कूलों में 1 लाख रुपए तक के निर्माण और मरम्मत कार्यों की स्वीकृति देने का अधिकार होगा। इसके अलावा स्कूल छोड़ चुके बच्चों की पढ़ाई में वापसी, नए नामांकन बढ़ाने, मिड-डे मील की निगरानी और विद्यालय की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने की जिम्मेदारी भी समिति निभाएगी। शिक्षा विभाग ने इस संबंध में सभी कलेक्टरों और जिला शिक्षा अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए हैं।



