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कौन है मीनाक्षी तक्षक, जो NDA के जरिये देश की पहली महिला फाइटर पायलट बनीं.

कौन है मीनाक्षी तक्षक, जो NDA के जरिये देश की पहली महिला फाइटर पायलट बनीं

चरखी दादरी. हरियाणा की धरती ने एक बार फिर देश को गौरवान्वित करने वाली बेटी दी है. चरखी दादरी जिले के गांव भागवी की होनहार बेटी मीनाक्षी तक्षक ने भारतीय सैन्य इतिहास में अपना नाम स्वर्ण अक्षरों में दर्ज कराते हुए भारतीय वायुसेना में फ्लाइंग ऑफिसर (फाइटर पायलट) बनकर नया इतिहास रच दिया है. राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) के माध्यम से चयनित होकर इस मुकाम तक पहुंचने वाली मीनाक्षी गांव गांव में पहुंचने पर आयोजित कार्यक्रम में उसे सम्मानित किया गया.

बचपन से ही देशभक्ति और सैन्य अनुशासन के माहौल में पली-बढ़ी मीनाक्षी ने दिल्ली के धौला कुआं स्थित आर्मी पब्लिक स्कूल से 12वीं की शिक्षा पूरी करने के बाद पहले ही प्रयास में एनडीए जैसी प्रतिष्ठित और कठिन परीक्षा में सफलता हासिल की. इसके बाद उन्होंने पुणे के खड़कवासला स्थित राष्ट्रीय रक्षा अकादमी में तीन वर्ष का कठोर सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त किया, जहां उन्हें एयरफोर्स विंग आवंटित की गई. इसके पश्चात हैदराबाद में छह माह तक फाइटर विमान उड़ाने का विशेष प्रशिक्षण पूरा करने के बाद उन्होंने भारतीय वायुसेना में फाइटर पायलट के रूप में कमीशन प्राप्त किया.

रगों में बह रही है देश सेवा की विरासत

मीनाक्षी की सफलता के पीछे उनका सैन्य परिवेश भी प्रेरणास्रोत रहा है. उनके पिता रविंद्र तक्षक भारतीय सेना में सूबेदार मेजर के पद पर कार्यरत हैं, जबकि माता मुकेश देवी गृहिणी हैं. बड़े भाई सचिन कुमार भी एनडीए के माध्यम से भारतीय सेना की इंजीनियर रेजिमेंट में कैप्टन हैं और वर्तमान में सिक्किम में तैनात होकर देश सेवा कर रहे हैं. मीनाक्षी का भाई भी सेना में कैप्टन है.

गांव ने तिरंगों और फूलों के साथ किया स्वागत

फाइटर पायलट बनने के बाद गांव भागवी पहुंची मीनाक्षी का ग्रामीणों ने भव्य स्वागत किया. उनके सम्मान में आयोजित समारोह में सरपंच प्रतिनिधि अनिल कुमार सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे. पूरा गांव तिरंगों और फूलों से सजा दिखाई दिया तथा ग्रामीणों ने अपनी लाडली बेटी का पलक-पावड़े बिछाकर स्वागत किया. ट्रेैनिंग पूरी करने के बाद मीनाक्षी गांव लौटी तो भव्य स्वागत किया गया.

मेरे जीवन का सबसे गौरवपूर्ण क्षणःपिता

भावुक पिता सूबेदार मेजर रविंद्र तक्षक ने कहा कि यह उनके जीवन का सबसे गौरवपूर्ण क्षण है. वहीं सरपंच प्रतिनिधि अनिल कुमार का कहना है कि मीनाक्षी की यह उपलब्धि क्षेत्र की बेटियों और युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी तथा उन्हें सेना में करियर बनाकर देश सेवा के लिए प्रोत्साहित करेगी. मीनाक्षी तक्षक की यह ऐतिहासिक सफलता इस बात का प्रमाण है कि दृढ़ संकल्प, कठिन परिश्रम और देशभक्ति की भावना के बल पर बेटियां भी आसमान की ऊंचाइयों को छूकर नया इतिहास रच सकती हैं.

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