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अस्पताल में भर्ती बच्ची को कुत्तों ने नोंच डाला, लाइट कटने पर आई थी बाहर घूमने.

अस्पताल में भर्ती बच्ची को कुत्तों ने नोंच डाला, लाइट कटने पर आई थी बाहर घूमने.

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के जिला अस्पताल में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है. बुखार से पीड़ित एक करीब 3 साल की मासूम बच्ची इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती थी, तभी अचानक उस पर आवारा कुत्तों के झुंड ने हमला कर दिया. इस हमले में बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई. जानकारी के अनुसार, सहारनपुर जनपद निवासी मीरब नाम की यह बच्ची मुजफ्फरनगर की नगर कोतवाली क्षेत्र स्थित शेरपुर गांव में अपने नाना ( ननिहाल) के यहां आई हुई थी. शनिवार को उसे बुखार आने पर परिजनों ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया था.

अस्पताल के अंदर बच्ची को कुत्तों ने नोंच डाला
आरोप है कि रविवार दोपहर लाइट जाने के बाद बच्ची की मां इरम पानी लेने के लिए वार्ड से बाहर गई. इसी दौरान बच्ची भी वार्ड से बाहर निकल गई. बताया जा रहा है कि जैसे ही बच्ची बाहर आई, आवारा कुत्तों के एक झुंड ने उस पर अचानक हमला कर दिया. देखते ही देखते कुत्तों ने बच्ची को बुरी तरह नोंच डाला और बच्ची लहूलुहान हो गई. शोर-शराबा सुनकर परिजन और अस्पताल कर्मी मौके पर पहुंचे और किसी तरह बच्ची को कुत्तों के झुंड से बचाया. इसके बाद उसे तुरंत अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है. बच्ची की हालत नाजुक बनी हुई है.

4-5 कुत्तों ने बच्ची को झपट लिया
जिला चिकित्सालय के सीएमएस डॉ. संजय वर्मा का कहना है कि बच्ची को तुरंत उपचार दिया जा रहा है और उसकी स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है. हालांकि, परिजन अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं. उनका कहना है कि अस्पताल परिसर में आवारा कुत्तों की भरमार है और मरीज असुरक्षित हैं. मासूम बच्ची के परिजन इस्लाम ने अस्पताल प्रबंधन पर नाराजगी जताते हुए कहा, “हमने इस बच्ची को कल ही बुखार के चलते भर्ती कराया था. जैसे ही लाइट गई, लोग गेट से बाहर निकले. बच्ची भी बाहर आ गई। बाहर निकलते ही 4-5 कुत्ते आए और बच्ची को झपट लिया.’

परिवार ने की कुत्तों पर कार्रवाई की मांग
इसके अलावा उन्होंने कहा कि बच्ची की हालत बहुत गंभीर है, सर से लेकर पैर तक कुत्तों ने काट रखा है. यहां तो आदमी कम, कुत्ते ज्यादा हैं. पहले इनका इलाज कर दो, आदमी को तो रहने दो. डॉ साहब कह रहे हैं कि ट्रीटमेंट चालू कर रहे हैं. देखते हैं क्या होता है. जरा सी देर में कह देंगे कि मेरठ ले जाओ, चाहे किसी का जुगाड़ भी न हो. जुगाड़ होता तो यहां क्यों आते? हम चाहते हैं कि इन कुत्तों पर कार्रवाई हो और बच्ची का सही इलाज हो.”

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