
Lightning Safety Tips: मानसून की दस्तक से पहले ही छत्तीसगढ़ में बारिश का दौर शुरू हो चुका है। प्रदेश के कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश हो रही है और इसके साथ ही आकाशीय बिजली गिरने की घटनाएं भी सामने आने लगी हैं।
हाल ही में कांकेर जिले के अंतागढ़ में बिजली गिरने से तीन लोगों की मौत हो गई। इससे पहले दंतेवाड़ा, बीजापुर, मनेंद्रगढ़ और अन्य जिलों से भी ऐसे हादसों की खबरें सामने आ चुकी हैं।
विधानसभा में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार पिछले दो सालों में प्रदेश में आकाशीय बिजली गिरने से 434 लोगों की मौत हुई है। ऐसे में यह जानना बेहद जरूरी है कि आखिर बिजली गिरने के दौरान क्या करना चाहिए और किन गलतियों से बचना चाहिए।
सैकड़ों लोगों की जान ले रही आकाशीय बिजली
राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के आंकड़ों के अनुसार छत्तीसगढ़ में प्राकृतिक आपदाओं से होने वाली मौतों में सबसे बड़ा कारण आकाशीय बिजली है। साल 2023 में अकेले 180 लोगों की मौत बिजली गिरने से हुई थी।
इससे पहले 2020 में 246, 2019 में 212 और 2018 में 213 लोगों की जान गई थी। विशेषज्ञों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों में काम करने वाले लोग सबसे अधिक जोखिम में रहते हैं।
सबसे पहले सुरक्षित जगह पर पहुंचें
यदि आसमान में बिजली चमक रही है और बादलों की तेज गड़गड़ाहट सुनाई दे रही है तो इसे खतरे का संकेत मानें। ऐसे समय में तुरंत किसी पक्के मकान, स्कूल, कार्यालय या चार पहिया वाहन के अंदर चले जाएं। खुले मैदान, खेत, पहाड़ी और खाली स्थानों पर खड़े रहने से बचें।
पेड़ के नीचे खड़े होने की गलती न करें
बारिश से बचने के लिए अक्सर लोग पेड़ों के नीचे खड़े हो जाते हैं, लेकिन यह सबसे खतरनाक विकल्पों में से एक है। आकाशीय बिजली अक्सर ऊंची वस्तुओं को निशाना बनाती है। इसलिए किसी अकेले पेड़ के नीचे खड़ा होना जानलेवा साबित हो सकता है।
बिजली के खंभों और लोहे की चीजों से रहें दूर
गरज-चमक के दौरान बिजली के खंभे, लोहे की बाड़, ट्रैक्टर, मोटरसाइकिल और अन्य धातु की वस्तुओं से दूरी बनाकर रखें। धातु बिजली के प्रवाह को बढ़ा सकती है और हादसे का खतरा बढ़ जाता है।
नदी, तालाब और पानी वाले क्षेत्रों से तुरंत निकलें
यदि आप नदी, तालाब, झील या किसी जल स्रोत के पास हैं तो तुरंत वहां से हट जाएं। पानी बिजली का अच्छा संवाहक होता है और ऐसी जगहों पर बिजली गिरने का खतरा अधिक होता है। बारिश के दौरान जल स्रोतों में नहाने या मछली पकड़ने से भी बचना चाहिए।
घर के अंदर भी बरतें सावधानी
बिजली कड़कने के दौरान टीवी, कंप्यूटर, वॉशिंग मशीन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग कम करें। यदि संभव हो तो उपकरणों के प्लग निकाल दें। तार वाले फोन और बिजली से जुड़े उपकरणों का इस्तेमाल करने से भी बचना चाहिए।
खुले मैदान में फंस जाएं तो क्या करें
यदि आप खुले क्षेत्र में हैं और आसपास कोई सुरक्षित भवन नहीं है तो जमीन पर लेटने की बजाय दोनों पैरों को पास रखकर उकड़ू अवस्था में बैठ जाएं। इससे शरीर का जमीन से संपर्क कम होगा और खतरा अपेक्षाकृत कम हो सकता है। हालांकि यह केवल आपातकालीन स्थिति के लिए है।
30-30 नियम को हमेशा याद रखें
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार यदि बिजली चमकने और गरज सुनाई देने के बीच का अंतर 30 सेकंड या उससे कम है तो खतरा आपके आसपास मौजूद है। ऐसे में तुरंत सुरक्षित स्थान पर पहुंचें। वहीं आखिरी गरज सुनने के बाद कम से कम 30 मिनट तक खुले में नहीं निकलना चाहिए।
किसानों और मजदूरों को विशेष सतर्कता की जरूरत,
मानसून के दौरान खेतों में काम करने वाले किसान, मनरेगा मजदूर और निर्माण कार्यों में लगे श्रमिक सबसे ज्यादा जोखिम में रहते हैं। मौसम खराब होते ही काम रोक देना और सुरक्षित स्थान पर पहुंचना सबसे बेहतर विकल्प माना जाता है।
थोड़ी सी सावधानी बचा सकती है जान
आकाशीय बिजली एक ऐसी प्राकृतिक आपदा है जो कुछ ही सेकंड में बड़ा नुकसान पहुंचा सकती है। लेकिन सही समय पर सतर्कता और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करके अधिकांश हादसों को रोका जा सकता है। मानसून के इस मौसम में खुद भी सावधान रहें और अपने परिवार व आसपास के लोगों को भी इन सुरक्षा उपायों की जानकारी जरूर दें।



