
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में वीवीआईपी और सबसे सुरक्षित माने जाने वाले विधानसभा भवन के सामने सोमवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब हरदोई जिले से आईं एक मां-बेटी ने आत्मदाह (Self-Immolation) करने का प्रयास किया। दोनों महिलाएं अपने साथ पेट्रोल से भरी बोतल लेकर पहुंची थीं और खुद पर छिड़कने ही वाली थीं कि वहां मुस्तैद लखनऊ पुलिस के जवानों ने तत्परता दिखाते हुए उनके हाथ से बोतल छीन ली। पुलिस दोनों को तुरंत हिरासत में लेकर हजरतगंज थाने ले गई, जहां उनसे घंटों पूछताछ की गई।
हजरतगंज कोतवाली में पूछताछ के दौरान पीड़ित बेटी ने स्थानीय पुलिस के खिलाफ अपना दर्द और आक्रोश बयां किया। पीड़ित महिलाओं की पहचान हरदोई जिले के थाना संडीला अंतर्गत ग्राम ककरहिया (मजरा भण्डोली) निवासी मिथिलेश कुमारी (पत्नी स्वर्गीय देवदार) और उनकी बेटी के रूप में हुई है।
बेटी का आरोप है कि उनके सगे चाचा ने उनके ही घर में घुसकर चोरी की वारदात को अंजाम दिया। जब उन्होंने इस चोरी का विरोध किया, तो दबंग चाचा ने उनके साथ बेरहमी से मारपीट की और जान से मारने की नीयत से जहर देने तक की कोशिश की। पीड़ित परिवार का आरोप है कि वे इस मामले की एफआईआर (FIR) दर्ज कराने के लिए पिछले एक महीने से संडीला थाने के चक्कर काट-काटकर थक चुके हैं, लेकिन स्थानीय पुलिस रसूखदारों के दबाव में उनकी एक नहीं सुन रही है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ शिकायती पत्र, सीएम और डीजीपी से लगाई गुहार
इस दुस्साहसिक कदम के बाद सोशल मीडिया पर पीड़ित महिलाओं का एक हस्तलिखित प्रार्थना पत्र भी तेजी से वायरल हो रहा है। इस पत्र में महिलाओं ने साफ तौर पर लिखा है कि स्थानीय स्तर पर कोई सुनवाई न होने और खुद को गांव में असुरक्षित महसूस करने के कारण उन्हें न्याय के लिए लखनऊ का रुख करना पड़ा। महिलाओं ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) और अन्य आला अधिकारियों से अपनी सुरक्षा की भीख मांगते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच कराने की गुहार लगाई है।
लखनऊ पुलिस ने हरदोई प्रशासन से साधा संपर्क, जांच के बाद महिलाओं को भेजा घर
इस पूरे घटनाक्रम पर हजरतगंज पुलिस का कहना है कि दोनों महिलाओं को समय रहते सुरक्षित बचा लिया गया है और फिलहाल वे पूरी तरह से ठीक हैं। पुलिस ने उनकी शिकायतों को बेहद गंभीरता से लिया है। लखनऊ पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने तत्काल हरदोई पुलिस प्रशासन और संडीला थाना प्रभारी से संपर्क कर मामले के वास्तविक तथ्यों का सत्यापन (Verification) शुरू कर दिया है। हजरतगंज पुलिस ने पीड़ित मां-बेटी को समझा-बुझाकर और उचित कानूनी कार्रवाई का ठोस आश्वासन देकर वापस घर भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।



