शेयर बाजार में शुक्रवार का दिन IT सेक्टर के निवेशकों के लिए किसी बुरे सपने जैसा साबित हुआ. भारत की दिग्गज आईटी कंपनियों के शेयर ताश के पत्तों की तरह बिखर गए. इंफोसिस , टीसीएस और एचसीएल टेक जैसे बड़े और भरोसेमंद शेयरों में भारी बिकवाली देखी गई. इस पूरी तबाही के पीछे वजह भारत की कोई घरेलू घटना नहीं, बल्कि दुनिया की सबसे बड़ी कंसल्टिंग कंपनी एक्सेंचर की एक सख्त चेतावनी है. एक्सेंचर के कमजोर आउटलुक ने निवेशकों को बुरी तरह डरा दिया है, जिसके चलते निफ्टी आईटी इंडेक्स 6.5 फीसदी तक गोता लगा गया और बाजार से कुछ ही घंटों में 1,25,981 करोड़ रुपये स्वाहा हो गए.

एक्सेंचर का वो फैसला जिसने बाजार में मचाया हड़कंप
अचानक ऐसा क्या हुआ कि मुनाफे की गारंटी माने जाने वाले आईटी शेयर भरभरा कर गिर पड़े? दरअसल, ग्लोबल दिग्गज कंपनी एक्सेंचर ने अपने पूरे साल की कमाई का अनुमान घटा दिया है. पहले कंपनी को 3 से 5 प्रतिशत ग्रोथ की उम्मीद थी, जिसे अब घटाकर 3 से 4 प्रतिशत कर दिया गया है. कंपनी ने चौथी तिमाही के लिए भी कमजोर आंकड़े पेश किए हैं. शेयर बाजार पूरी तरह से भविष्य की उम्मीदों पर चलता है. जब एक्सेंचर जैसी बड़ी कंपनी को नए ऑर्डर मिलने में सुस्ती दिख रही है, तो निवेशकों को यह डर सताने लगा है कि इसका सीधा असर भारतीय आईटी कंपनियों के बिजनेस पर भी पड़ेगा. इसी खौफ के चलते निवेशकों ने अपने शेयर धड़ाधड़ बेचे.
इंफोसिस सबसे ज्यादा पस्त, अन्य दिग्गज कंपनियों का भी बुरा हाल
इस भारी बिकवाली का असर मुख्य बाजार यानी निफ्टी 50 पर कम, लेकिन आईटी सेक्टर पर कहीं ज्यादा दिखा. मुख्य बाजार केवल 1 फीसदी गिरा, लेकिन आईटी शेयरों ने बाजार की पूरी तस्वीर बिगाड़ दी. इस मंदी में सबसे तगड़ा झटका इंफोसिस को लगा, जिसका शेयर 8.34 प्रतिशत तक टूट गया. यह गिरावट यहीं नहीं रुकी. एम्फेसिस, टीसीएस, टेक महिंद्रा और पर्सिस्टेंट सिस्टम्स जैसे शेयर लाल निशान में बंद हुए. यह डर सिर्फ भारतीय बाजार तक सीमित नहीं रहा. अमेरिकी बाजार में भी इंफोसिस और विप्रो के एडीआर लगभग 10 फीसदी तक टूट गए. कॉग्निजेंट 10 फीसदी गिरा, वहीं खुद एक्सेंचर का शेयर 17 फीसदी से ज्यादा क्रैश हो गया.
| कंपनी का नाम | शेयर में गिरावट |
| Infosys | 8.34% |
| Mphasis | 6.41% |
| TCS | 5.88% |
| Tech Mahindra | 5.45% |
| LTIMindtree | 5.13% |
| Persistent Systems | 5.10% |
| HCL Tech | 5.04% |
| Coforge | 4.07% |
| Wipro | 3.52% |
नोट: ये आंकड़े सुबह 9:25 बजे तक के रुझानों पर आधारित हैं.
निवेशक अब क्या करें?
जब बाजार में इतनी बड़ी गिरावट आती है, तो आम निवेशक का घबराना स्वाभाविक है. सवाल यह है कि क्या आपको अपने आईटी शेयर बेच देने चाहिए? बाजार के जानकारों के अनुसार, पूरी तस्वीर इतनी खौफनाक नहीं है जितनी अभी नजर आ रही है. भले ही एक्सेंचर ने रेवेन्यू अनुमान घटाया है, लेकिन कंपनी ने साफ किया है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और बड़े डिजिटल बदलाव वाले प्रोजेक्ट्स की मांग बाजार में अभी भी काफी मजबूत है.
एक्सेंचर खुद एआई, डेटा और क्लाउड सेवाओं में अपनी पकड़ बनाने के लिए इस साल करीब 9 अरब डॉलर खर्च करने की योजना बना रही है. इसका मतलब है कि छोटी अवधि में आईटी सेक्टर पर दबाव जरूर दिख सकता है, लेकिन लंबी अवधि में एआई और क्लाउड सेवाओं का भविष्य उज्ज्वल है. निवेशकों को घबराहट में बिकवाली से बचना चाहिए. फिलहाल कंपनियों की ऑर्डर बुक के साथसाथ उनके आने वाले नतीजों पर बारीकी से नजर रखना ही सबसे समझदारी भरा कदम होगा.



