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शेयर बाजार पर सबसे बड़े IPO की तैयारी? यहां समझें Jio Platforms के प्राइस बैंड और वैलुएशन का पूरा गणित

DRHP फाइलिंग के डेटा के आधार पर, Jio Platforms के IPO की कीमत लिस्टेड दूसरी कंपनियों के मुकाबले प्रीमियम पर तय की गई है. इसकी सबसे बड़ी वजह टेलीकॉम और डिजिटल सर्विस में कंपनी की मार्केट में लीडरशिप और बड़े पैमाने पर कामकाज है. इसके अलावा, सालाना रेवेन्यू और मुनाफे के मामले में छोटी होने के बावजूद, Jio का वैल्यूएशन प्रीमियम अपनी ग्लोबल कंपनियों के मुकाबले काफी ज्यादा है. इसकी वजह इसके अलग तरह के ऑफर हैं, जो पूरी तरह से 4G और 5G नेटवर्क और अपने खुद के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आधारित हैं. वहीं, ग्लोबल दिग्गज कंपनियां पुराने 2G और 3G इंफ्रास्ट्रक्चर वाली पुरानी यूटिलिटी प्रोवाइडर हैं.

शेयर बाजार पर सबसे बड़े IPO की तैयारी? यहां समझें Jio Platforms के प्राइस बैंड और वैलुएशन का पूरा गणित

कुछ ऐसा है वैल्यूएशन का मैथ

जियो प्लेटफॉर्म्स 270 मिलियन नए इक्विटी शेयर जारी करने की योजना बना रही है, जिससे कुल पेडअप इक्विटी 9.21 बिलियन शेयर हो जाएगी. 1214 लाख करोड़ रुपए से ज़्यादा के अनुमानित मार्केट कैपिटलाइजेशन के साथ, कंपनी के प्राइमरी मार्केट से 42,000 करोड़ रुपए या 4 बिलियन से ज्यादा जुटाने का अनुमान है. इसका मतलब है कि प्राइसअर्निंग मल्टीपल 40 और 46 के बीच होगा, जबकि इसकी एंटरप्राइज वैल्यू डेप्रिसिएशन और अमॉर्टाइजेशन से पहले ऑपरेटिंग मुनाफे का 1619 गुना होगी. इसकी तुलना में, भारती एयरटेल का P/E 43.6 और EV/Ebitda 10.8 है.

टॉप ग्लोबल टेलीकॉम कंपनियों का गणित

मार्केट कैपिटलाइजेशन के आधार पर टॉप ग्लोबल टेलीकॉम दिग्गज, जैसे TMobile, Verizon और AT&T, 10 और 17 के बीच P/E मल्टीपल पर ट्रेड करते हैं, जबकि उनका EV/EBITDA 7 और 11 के बीच होता है. रेवेन्यू के मामले में, ये कंपनियां Jio Platforms से छहनौ गुना बड़ी हैं. वित्त वर्ष 2024 और वित्त वर्ष 2026 के बीच Jio Platforms का ऑपरेशन से रेवेन्यू सालाना 16 फीसदी बढ़कर 1.5 लाख करोड़ रुपए हो गया, जबकि नेट प्रॉफिट 18.4 फीसदी बढ़कर 30,049 करोड़ रुपए हो गया.

कंपनी का नेट प्रॉफिट

इस दौरान Ebitda मार्जिन 5052 फीसदी की सीमित रेंज में रहा. भारती एयरटेल के लिए, रेवेन्यू सालाना 19 फीसदी बढ़कर 2.1 लाख करोड़ रुपए हो गया, जबकि नेट प्रॉफिट चार गुना बढ़कर 33,823 करोड़ रुपए हो गया. भारती का ऑपरेटिंग मार्जिन वित्त वर्ष 2024 में 52 फीसदी से बढ़कर वित्त वर्ष 2026 में 57 फीसदी हो गया. EBITDA के मुकाबले भारती का नेट डेट 1.4 गुना था, जबकि इस्तेमाल की गई पूंजी पर रिटर्न 19 फीसदी था. इसकी तुलना में Jio Platforms के लिए ये आंकड़े क्रमशः 0.4 गुना और 10.8 फीसदी थे.

कितने हैं जियो के यूजर्स

ऑपरेटिंग मोर्चे पर, Jio Platforms का दायरा बड़ा था. वित्त वर्ष 2026 के आखिर में इसके ग्राहकों की संख्या 524.4 मिलियन थी, जबकि भारती के भारतीय कारोबार के ग्राहकों की संख्या 482.4 मिलियन थी. इसके अलावा, Jio ने 241.4 बिलियन गीगाबाइट डेटा ट्रैफ़िक संभाला, जो भारती के 101.3 बिलियन GB के मुकाबले दोगुने से भी ज़्यादा था. हालांकि, भारती का प्रति यूजर औसत रेवेन्यू 257 रुपए था, जो Jio Platforms के 214 से ज्यादा था.

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