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उत्तर प्रदेश के आगरा से जालसाजी और धोखेबाज़ी का एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने शादी जैसे पवित्र रिश्ते को तार-तार कर दिया है। यहां एक शातिर महिला पर फर्जी आधार कार्ड और जाली दस्तावेजों के सहारे पहले युवक को प्रेम जाल में फंसाने, फिर शादी कर ससुर की पैतृक जमीन और प्लॉट अपने नाम कराने का गंभीर आरोप लगा है। इतना ही नहीं, इस शातिर दुल्हन ने अपने ही पति पर दुष्कर्म का झूठा केस दर्ज कराकर उसे जेल की सलाखों के पीछे भी भिजवा दिया। अब अदालत के कड़े रुख के बाद पुलिस ने आरोपी महिला के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
दोस्ती से शुरू हुआ खेल, फिर बुना जाल
मामला आगरा के एत्माद्दौला इलाके का है। पीड़ित कालीचरन ने न्याय के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया था। अदालत में दिए प्रार्थना पत्र में कालीचरन ने आरोप लगाया कि कुमकुम नाम की महिला ने उनके बेटे बंटी से पहले दोस्ती की। दोस्ती के आड़ में उसने धीरे-धीरे उनके परिवार की पैतृक संपत्ति और जमीन-जायदाद की पूरी जानकारी जुटाई। इसके बाद शुरू हुआ धोखेबाज़ी का वो खौफनाक खेल, जिसकी कल्पना भी पीड़ित परिवार ने नहीं की थी।
फर्जी आधार कार्ड बनाकर आर्य समाज मंदिर में रचाई शादी
पारिवारिक विवाद को मोड़ देते हुए 21 मई 2020 को कुमकुम के पिता महेश ने बंटी के खिलाफ अपनी बेटी को बहला-फुसलाकर ले जाने का मुकदमा दर्ज करा दिया। इसके ठीक एक महीने बाद, यानी 21 जून 2020 को कुमकुम ने कथित तौर पर एक फर्जी आधार कार्ड तैयार करवाया। इस फर्जी दस्तावेज का इस्तेमाल कर उसने प्रयागराज के एक आर्य समाज मंदिर में बंटी के साथ शादी रचा ली और बहू बनकर उनके परिवार के साथ रहने लगी।
पेंशन का झांसा देकर हड़प ली ससुर की पैतृक जमीन
पीड़ित ससुर कालीचरन का आरोप है कि 5 अगस्त 2021 को कुमकुम ने उन्हें बुजुर्ग पेंशन कार्ड बनवाने का झांसा दिया और धोखे से फतेहाबाद तहसील ले गई। वहां उसने राजेंद्र और बंटी को शामिल कर साजिश के तहत बुजुर्ग कालीचरन के खेत का बैनामा (रजिस्ट्री) अपने नाम करवा लिया। इस जालसाजी का पता बुजुर्ग को तब चला जब फरवरी 2026 में उन्होंने जमीन के कागजात खंगाले। इसके अलावा आरोपी महिला ने कालीचरन की पत्नी भूदेवी को डरा-धमकाकर उनका एक प्लॉट भी अपने नाम लिखवा लिया था।
पति पर दर्ज कराया दुष्कर्म का झूठा केस, मांगी 5 लाख की रंगदारी
साजिश यहीं खत्म नहीं हुई। अपनी पकड़ मजबूत करने और परिवार पर दबाव बनाने के लिए कुमकुम ने 14 फरवरी को अपने ही पति बंटी के खिलाफ शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने की एक झूठी एफआईआर दर्ज करा दी। आरोप है कि केस वापस लेने के एवज में उसने 5 लाख रुपये की मोटी रकम भी मांगी। इस झूठे मुकदमे के कारण बंटी को जेल जाना पड़ा। हालांकि, बाद में 19 फरवरी को कुमकुम ने अदालत में बंटी के पक्ष में बयान दे दिए, जिसके बाद 26 मार्च को बंटी को जेल से रिहा किया गया।
जांच में खुली पोल: स्कूल सर्टिफिकेट और आधार कार्ड में अलग मिली उम्र
अदालत के आदेश पर जब मामले की प्रारंभिक जांच की गई, तो कुमकुम के काले कारनामों की पोल खुल गई। जांच में सामने आया कि महिला ने बंटी पर केस दर्ज कराने और जमीन अपने नाम करवाने के लिए जिन दस्तावेजों का इस्तेमाल किया था, वे फर्जी थे। कुमकुम के स्कूल सर्टिफिकेट (अंकपत्र) और आधार कार्ड में दर्ज जन्मतिथियां अलग-अलग पाई गईं, जिससे यह साफ हो गया कि उसने उम्र छिपाने और धोखाधड़ी करने के लिए फर्जी पहचान पत्र तैयार करवाया था। कोर्ट के सख्त आदेश के बाद एत्माद्दौला थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और कानूनी कार्रवाई की जा रही है।



