देहरादून: उत्तराखंड में चारधाम यात्रा शुरू हुए 61 दिन हो गए. अब तक 37 लाख से ज्यादा श्रद्धालु चारों धामों के दर्शन कर चुके हैं लगातार भारी संख्या में श्रद्धालु चार धाम पहुंच रहे हैं. सबसे ज्यादा 12 लाख से ज्यादा यात्री केदारनाथ के दर्शन के लिए पहुंचे. वहीं बदरीनाथ में 11 लाख से ज्यादा यात्रियों ने दर्शन किए. भारी भीड़ और उत्साह के बीच प्रशासन यात्रियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं पर लगातार नजर बनाए हुए है.

61 दिनों में 37 लाख श्रद्धालु चार धाम पहुंचे
उत्तराखंड की चार धाम यात्रा 19 अप्रैल से शुरू हुई थी. लेकिन ऑनलाइन और ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन पहले ही शुरू हो गए थे. यही वजह है कि बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं. 61 दिनों में 37 लाख 35 हजार 502 यात्री दर्शन कर चुके हैं. चारों धामों में सबसे ज्यादा श्रद्धालु केदारनाथ धाम पहुंच रहे हैं. सिर्फ केदारनाथ में अब तक 12 लाख 61 हजार 397 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए हैं, बदरीनाथ धाम में 11 लाख 67 हजार 460, गंगोत्री धाम में 6 लाख 17 हजार 417, यमुनोत्री धाम में अब तक 5 लाख 83 हजार 759 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए हैं.
चार धाम यात्रा में टूटेगा 20265 का रिकॉर्ड?
2025 में करीब 51 लाख श्रद्धालु चारों धाम पहुंचे थे. जिस तरह से इस साल 61 दिनों में 37 लाख से ज्यादा यात्री दर्शन कर चुके हैं, उम्मीद है कि पिछले साल का रिकॉर्ड टूट जाएगा, क्यों कि अभी यात्रा के लिए समय काफी है, हालांकि मॉनसून आने से यात्रा थोड़ी धीमी पड़ जाती है. लेकिन बाद में फिर से रफ्तार पकड़ लेती है.
चार धाम यात्रा राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़
बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के चार धाम पहुंचने के पीछे बेहतरीन सड़कें, यात्रियों के लिए तमाम सुविधाएं बड़ी वजह हैं. राज्य सरकार यात्रियों की सुविधा के लिए व्यापक प्रबंध कर रही है. नेशनल हाईवे पर तेजी से काम हुआ है. दरअसल उत्तराखंड की चारों धाम की यात्रा राज्य की अर्थव्यवस्था की रीड की हड्डी मानी जाती है. यही वजह है कि यात्रा पर न सिर्फ सरकार की नजर रहती है बल्कि वहां के स्थानीय लोगों और व्यापारियों को भी इसका इंतजार रहता है.
ट्रेन शुरू होने से पहुंचेंगे ज्यादा श्रद्धालु
चार धाम यात्रा का फायदा राज्य को भी मिलता है. सीमांतवर्ती क्षेत्र होने की वजह से उनका विकास भी तेजी से हो रहा है. सड़कों का जाल फैल चुका है, अब जिस तरह से ऋषिकेशकर्णप्रयाग रेल लाइन का काम चल रहा है, उम्मीद की जा रही है कि आने वाले समय में लाखों यात्री की संख्या करोड़ों में बदल सकती है. जब ऋषिकेश से कर्णप्रयाग पहुंचने के लिए ट्रेन शुरू हो जाएगी तो यात्रियों की संख्या में इजाफा जरूर देखा जाएगा.


