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RBI के फैसले से NRI निवेशकों की चांदी, डॉलर जमा करने पर मिल सकता है ज्यादा ब्याज

विदेश में रहने वाले भारतीयों को जल्द ही भारतीय बैंकों में अपने डॉलर जमा पर पहले से ज्यादा ब्याज मिलने का मौका मिल सकता है. भारतीय रिजर्व बैंक ने महज 10 दिनों के भीतर दूसरा बड़ा कदम उठाते हुए बैंकों को NRI जमा पर अधिक ब्याज दर देने की छूट दे दी है.

RBI के फैसले से NRI निवेशकों की चांदी, डॉलर जमा करने पर मिल सकता है ज्यादा ब्याज

पहले चरण में RBI ने बैंकों को डॉलर और रुपये के विनिमय दर से जुड़े जोखिम से राहत दी थी. अब केंद्रीय बैंक ने FCNR जमा पर ब्याज दर की ऊपरी सीमा भी हटा दी है, जिससे बैंक अपनी जरूरत के हिसाब से अधिक ब्याज ऑफर कर सकेंगे.

यह फैसला इतना महत्वपूर्ण क्यों है?

क्वांटम AMC की फिक्स्ड इनकम फंड मैनेजर स्नेहा पांडे के अनुसार, यह सिर्फ जमा दरों में छूट देने का फैसला नहीं है, बल्कि रुपये को मजबूती देने और विदेशी मुद्रा भंडार बढ़ाने की एक रणनीतिक पहल है. इससे भारतीय बैंक NRI निवेशकों से ज्यादा डॉलर जुटा सकेंगे.

FCNR जमा में क्या बदलाव हुआ?

FCNR यानी Foreign Currency NonResident खाते में NRI अपनी विदेशी मुद्रा जमा कर सकते हैं. पहले 3 से 5 साल की FCNR जमा पर ब्याज दर एक तय सीमा से अधिक नहीं हो सकती थी.

अब RBI ने 17 जून 2026 से 30 सितंबर 2026 तक के लिए इस सीमा को अस्थायी रूप से हटा दिया है. इसका मतलब है कि बैंक अब अपनी जरूरत और बाजार की स्थिति के अनुसार अधिक ब्याज दर दे सकते हैं.

क्या अब ब्याज दर 7% से ऊपर जा सकती है?

विशेषज्ञों का मानना है कि कुछ बैंक खास मुद्राओं और अवधि वाली जमा पर 7% से अधिक ब्याज भी दे सकते हैं. हालांकि NRI निवेशक सिर्फ ज्यादा ब्याज नहीं देखते, बल्कि बैंक की विश्वसनीयता, पहुंच और सुरक्षा को भी महत्व देते हैं.

इस बदलाव का फायदा उठाने वाले शुरुआती बैंकों में पंजाब नेशनल बैंक शामिल है. बैंक ने FCNR जमा पर ब्याज दर बढ़ाकर 6.5% और कुछ मामलों में 6.6% तक कर दी है.

किन बैंकों को सबसे ज्यादा फायदा होगा?

विशेषज्ञों के मुताबिक, बड़े बैंक जैसे State Bank of India , HDFC Bank और ICICI Bank इस फैसले से सबसे ज्यादा लाभ उठा सकते हैं. इनके पास मजबूत वैश्विक नेटवर्क और बड़ी NRI ग्राहक संख्या है, जिससे वे ज्यादा विदेशी मुद्रा जमा आकर्षित कर सकेंगे.

NRE खातों को भी मिली राहत

RBI ने NRE जमा खातों के नियमों में भी ढील दी है. पहले NRE जमा पर ब्याज दर घरेलू रुपये की समान अवधि वाली FD से ज्यादा नहीं हो सकती थी. अब 3 साल या उससे अधिक अवधि की नई NRE जमा पर यह सीमा भी 17 जून 2026 से 30 सितंबर 2026 तक हटा दी गई है.

ध्यान देने वाली बात यह है कि यह छूट केवल NRE खातों पर लागू होगी, NRO खाते से NRE खाते में ट्रांसफर की गई राशि पर नहीं.विशेषज्ञों का मानना है कि RBI के इस कदम से भारतीय बैंकों में विदेशी मुद्रा जमा बढ़ेगी, रुपये को समर्थन मिलेगा और NRI निवेशकों को बेहतर रिटर्न कमाने का अवसर मिलेगा.

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