
बंगाल में राजनीतिक उठापटक के बीच एक बड़ा कदम उठाते हुए कांग्रेस ने अपने विधायक दल का नेता और उपनेता घोषित किया है। यह फैसला तृणमूल कांग्रेस (TMC) में जारी फूट के बीच आया है, जहां पार्टी के अंदर कलह और असंतोष ने जन्म ले लिया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने इस संबंध में तत्काल प्रभाव से मंजूरी दी है और इसके साथ ही पार्टी ने आधिकारिक आदेश भी जारी कर दिया है।
कांग्रेस की ओर से जारी प्रेस रिलीज में कहा गया है कि, “कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसके तहत पश्चिम बंगाल में कांग्रेस विधायक दल का नेता जुल्फिकार अली और उपनेता मोताब शेख नियुक्त किए गए हैं।”
जुल्फिकार अली के बारे में:
जुल्फिकार अली पश्चिम बंगाल की राजनीति के एक जाने-माने नेता हैं। वह मुर्शिदाबाद के रानीनगर निर्वाचन क्षेत्र से कांग्रेस के विधायक हैं। उनका बैकग्राउंड बिजनेस से जुड़ा हुआ है और उन्होंने माध्यमिक शिक्षा प्राप्त की है। राजनीतिक करियर में उन्होंने अपने क्षेत्र में खास पहचान बनाई है।
मोताब शेख के बारे में:
मोताब शेख भी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हैं। वह मुर्शिदाबाद के फरक्का विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा वहीं से प्राप्त की है और अपने बिजनेस के साथ-साथ राजनीति में सक्रिय हैं। चुनाव आयोग को दिए हलफनामे में उन्होंने अपनी 17 करोड़ रुपये की संपत्ति का उल्लेख किया है। हाल ही के चुनाव में उन्होंने बीजेपी के सुनील चौधरी को 8,193 वोटों के अंतर से हराया था।
बैंकों में जमा राशि का मामला:
वहीं, बंगाल की पुलिस ने ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (TMC) के तीन बैंक खातों को फ्रीज कर दिया है। इन खातों में कुल मिलाकर लगभग 400 करोड़ रुपये जमा हैं। अब HDFC बैंक में मौजूद इन तीन खातों से पैसे निकालना संभव नहीं है। यह कदम चुनावी हार के बाद पार्टी के भीतर की लड़ाई और संपत्तियों को लेकर उठाया गया है।
वर्तमान में, बंगाल में राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है, जहां तृणमूल कांग्रेस के भीतर की जंग अब पार्टी के वित्तीय संसाधनों पर भी आ पहुंची है। इस घटनाक्रम से बंगाल की राजनीति में नई हलचलें पैदा हो सकती हैं।



