हैदराबाद में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की एक बड़ी कार्रवाई ने राज्य प्रशासनिक तंत्र में हलचल मचा दी है, जब अधिकारियों ने आय से अधिक संपत्ति के एक गंभीर मामले में वरिष्ठ सरकारी अधिकारी के खिलाफ व्यापक छापेमारी कर करोड़ों की संपत्ति का खुलासा किया। यह मामला तेलंगाना के सर्वे एवं भूमि अभिलेख विभाग में तैनात उप निदेशक सुंकरी नरहरि राव से जुड़ा हुआ है, जिन्हें ACB ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया है।

जानकारी के अनुसार, ACB ने नरहरि राव से जुड़े कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई लगभग दस अलगअलग स्थानों पर की गई, जिनमें हैदराबाद स्थित उनका आवास, उनके रिश्तेदारों और सहयोगियों से जुड़े परिसर तथा बैंकिंग गतिविधियों से जुड़े संदिग्ध स्थान शामिल थे। जांच के दौरान अधिकारियों को भारी मात्रा में नकदी, कीमती धातुएं और संपत्तियों के दस्तावेज प्राप्त हुए, जिससे मामले की गंभीरता और भी बढ़ गई।
छापेमारी के दौरान जांचकर्ताओं ने कुल ₹1.54 करोड़ नकद बरामद किए, साथ ही 1.3 किलोग्राम सोने के आभूषण और 8 किलोग्राम चांदी भी जब्त की गई। इसके अतिरिक्त, विभिन्न अचल संपत्तियों का भी खुलासा हुआ, जिनमें फ्लैट, प्लॉट, कृषि भूमि और बड़े आवासीय भवन शामिल हैं। प्रारंभिक आकलन में इन संपत्तियों का दस्तावेजी मूल्य लगभग ₹13.05 करोड़ बताया गया है, जबकि कई रिपोर्टों में इनके बाजार मूल्य के ₹30 करोड़ से अधिक होने की संभावना जताई गई है।
जांच में यह भी सामने आया कि अधिकारी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया गया था, जिसके बाद ACB ने विस्तृत जांच शुरू की। आरोप है कि सुंकरी नरहरि राव ने अपनी वैध आय से कहीं अधिक संपत्ति अर्जित की, जिसके लिए उन्होंने विभिन्न माध्यमों से निवेश और संपत्ति अर्जन किया। इस जांच में उनके परिवार और अन्य संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।
अधिकारियों ने यह भी पाया कि आरोपी की पत्नी के नाम पर दो बैंक लॉकर मौजूद हैं, जिन्हें जांच के दायरे में लिया गया है। इन लॉकरों को खोला जा रहा है और उनकी सामग्री का विस्तृत परीक्षण जारी है। हालांकि सोशल मीडिया और कुछ प्रारंभिक दावों में ₹1.5 करोड़ की राशि को बैंक लॉकर से बरामद बताया गया, लेकिन आधिकारिक रिपोर्टों में स्पष्ट किया गया है कि नकदी की बरामदगी छापेमारी के दौरान विभिन्न स्थानों से हुई है और लॉकरों की पूरी जांच अभी जारी है।
ACB की यह कार्रवाई केवल नकदी और आभूषण तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसमें बड़ी वित्तीय संपत्तियों का भी खुलासा हुआ है। बैंक बैलेंस में लगभग ₹2.29 करोड़ और फिक्स्ड डिपॉजिट में करीब ₹5.04 करोड़ की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा हैदराबाद के विभिन्न इलाकों जैसे पुप्पलगुडा, नरसिंगी और राजेंद्रनगर में फ्लैट्स, रंगारेड्डी जिले में प्लॉट और महेश्वरम क्षेत्र में कृषि भूमि का भी पता चला है।
कुल मिलाकर इस मामले में अब तक लगभग ₹13.05 करोड़ की संपत्ति का दस्तावेजी मूल्य सामने आ चुका है, जबकि जांच एजेंसियों का मानना है कि वास्तविक बाजार मूल्य इससे कई गुना अधिक हो सकता है। इसी कारण इस मामले को तेलंगाना में हाल के वर्षों की सबसे बड़ी आय से अधिक संपत्ति मामलों में से एक माना जा रहा है। गिरफ्तारी के बाद सुंकरी नरहरि राव को हैदराबाद स्थित एसीबी विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। मामले की आगे की जांच जारी है और जैसेजैसे बैंक लॉकरों की जांच पूरी होगी, और भी बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।


