Agra Stray Dog Attack: देशभर में आवारा कुत्तों के हमलों को लेकर लगातार चिंता बढ़ रही है। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक पर हमलों की घटनाएं आए दिन सामने आ रही हैं, लेकिन आगरा से आई एक घटना ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। यहां कुत्तों के झुंड ने एक बुजुर्ग किसान पर ऐसा हमला किया कि उनकी जान ही चली गई। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और लोग रात में घरों से निकलने से डर रहे हैं।

कार्यक्रम से लौटते समय हुआ किसान पर हमला
मामला आगरा के इरादतनगर थाना क्षेत्र के भिड़ावली गांव का है। गांव निवासी 65 वर्षीय किसान प्रेम सिंह बुधवार शाम सिलोखर गांव में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होने गए थे। देर रात कार्यक्रम से लौटते समय उन्हें कोई वाहन नहीं मिला, जिसके चलते वह पैदल ही घर की ओर रवाना हो गए।
बताया जा रहा है कि इरादतनगर और भिड़ावली के बीच सुनसान रास्ते पर अचानक आवारा कुत्तों के झुंड ने उन पर हमला कर दिया। कुत्तों ने उन्हें चारों तरफ से घेर लिया और बुरी तरह नोचना शुरू कर दिया। घायल किसान पूरी रात दर्द से कराहते रहे, लेकिन सुनसान इलाके में उनकी मदद के लिए कोई नहीं पहुंच सका।
गुरुवार तड़के करीब चार बजे वहां से गुजर रहे कुछ राहगीरों ने चीखनेचिल्लाने की आवाज सुनी। मौके पर पहुंचने पर उन्होंने देखा कि प्रेम सिंह गंभीर रूप से घायल अवस्था में पड़े हैं और कुत्ते उन पर हमला कर रहे हैं। राहगीरों ने साहस दिखाते हुए कुत्तों को भगाया और तत्काल परिजनों को सूचना दी।
उपचार के दौरान हुई मौत
परिजन घायल किसान को पहले स्थानीय चिकित्सक के पास लेकर पहुंचे, जहां से उनकी गंभीर हालत को देखते हुए एसएन मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। चिकित्सकों ने उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन अत्यधिक रक्तस्राव और गंभीर चोटों के चलते उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
घटना के बाद गांव और आसपास के क्षेत्रों में भय का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से बना हुआ है। कई बार शिकायतें किए जाने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन की लापरवाही अब जानलेवा साबित हो रही है।
आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या पर प्रभावी कदम उठाने की मांग
भिड़ावली के अजय त्यागी ने बताया कि मामले की सूचना तहसील प्रशासन को दे दी गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से आवारा कुत्तों की बढ़ती समस्या पर तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।
यह घटना केवल आगरा तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के कई हिस्सों में आवारा कुत्तों के बढ़ते हमले गंभीर चिंता का विषय बन चुके हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते ठोस नीति और प्रभावी नियंत्रण व्यवस्था नहीं बनाई गई तो ऐसी घटनाएं भविष्य में और बढ़ सकती हैं।



