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पहले दोस्ती, फिर फिल्मी दुनिया में मौका दिलाने का झांसा… हनी ट्रैप गैंग का घिनौना काला सच आया सामने…

पहले दोस्ती, फिर फिल्मी दुनिया में मौका दिलाने का झांसा… हनी ट्रैप गैंग का घिनौना काला सच आया सामने…

Karan Kakkar Murder Case: मुंबई के अरुण टिक्कू और करण कक्कड़ के दोहरे हत्याकांड के मामले में जब एक मॉडल का नाम सामने आया तो सब हैरान रह गए. वह मॉडल सिमरन सूद थी. जिसके बारे में बताया जा रहा है कि वो गैंगस्टर विजय पलांडे की पत्नी के तौर पर जानी जाती थी. सिमरन ने हनी ट्रैप का इस्तेमाल करके अरुण और करण दोनों को अपने जाल में फंसाया. हैरान करने वाली बात है कि विजय ने सिमरन को अपनी बहन बताया था.

करण कक्कड़ की बात करें तो वो रियल एस्टेट सेक्टर में काम करते थे. उनकी दोस्ती सिमरन से हुई, जिसने उन्हें बॉलीवुड एक्टर बनने का सपना दिखाकर लुभाया और करण उसकी जाल में फंस गए.

सिमरन और विजय ने करण का किया अपहरण

5 मार्च को करण ने अपने भाई हनीश को बताया कि वह एक शानदार फिल्म प्रोजेक्ट पर काम करने जा रहे हैं. उसी दिन सिमरन और विजय ने उनका अपहरण कर लिया. इसके बाद, उस ग्रुप ने करण के क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करके लाखों रुपये की शॉपिंग की और 10 अप्रैल 2012 को अंधेरी के एक किराए के फ्लैट में उनकी हत्या कर दी. कातिलों ने करण की लाश को फ्लैट में रखे दो बैगों में भरा और उनकी ही कार में रखकर चिपलूण के जंगलों में ले गए, जहां उन्होंने लाश को ठिकाने लगा दिया.

अक्सर अमीर और अकेले रहने वालों को बनाते थे शिकार

विजय पलांडे और सिमरन का गैंग अक्सर अमीर और अकेले रहने वाले लोगों को निशाना बनाता था और उन्हें फिल्म इंडस्ट्री में जान-पहचान का झांसा देकर अपने जाल में फंसाता था. करण की तरह ही अरुण टिक्कू की भी इसी तरह हत्या कर दी गई थी. और इस मामले में भी विजय और सिमरन का नाम सामने आया था. अरुण टिक्कू के बेटे अनुज से दोस्ती की थी, जो एक्टिंग में अपना करियर बनाने के लिए मुंबई आया था. इसके बाद उसके फ्लैट पर जर्मन महिला को ठहरा दिया. उसके बाद धीरे-धीरे विजय के साथी धनंजय शिंदे और मनोज गजकोश भी वहां रहने लगे.

अरुण ने फ्लैट खाली करने को कहा

एक दिन अचानक अरुण फ्लैट पर पहुंच गए. अपने अपार्टमेंट में किसी और को देखकर उन्हें बहुत गुस्सा आया और उन्होंने तुरंत उनसे जगह खाली करने को कहा. जब सिमरन और विजय को एहसास हुआ कि फ्लैट हड़पने का उनका सपना पूरा नहीं हो पाएगा तो उन्होंने अपने 2 साथियों की मदद से उसकी हत्या कर दी. बताया जा रहा है कि विजय इस तरह की हत्याओं का माहिर था. वह एक कुख्यात गैंगस्टर था, जो पहले 1998 और 2002 में दोहरे हत्याकांड के मामलों में जेल की सजा काट चुका था. 2003 में पैरोल पर रिहा होने के बाद उसने एक नई पहचान अपनाई और बैंकॉक में बस गया. वह 2005 में भारत लौटा और 2012 में एक और दोहरे हत्याकांड को अंजाम दिया.

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