
NEET परीक्षा के दिन 21 जून को बेंगलुरु में कांग्रेस की तरफ से बड़ी रैली का आयोजन किया गया. भाजपा का आरोप है कि रैली की वजह से एग्जाम सेंटर्स तक पहुंचने में छात्रों को इस वजह से काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा. (फाइल फोटो/PTI)
NEET Exam Day Congress Rally: NEET रीएग्जाम रविवार 21 जून को बिना किसी बाधा के संपन्न हो गया. देशभर में आयोजित इस परीक्षा में तकरीबन 22 लाख छात्रों ने हिस्सा लिया. पेपर लीक होने की वजह से NEET की परीक्षा को रद्द कर दोबारा से कराना पड़ा. इस बार ऐसा कुछ नहीं हुआ. हालांकि, कर्नाटक में NEET परीक्षा को लेकर नया बखेड़ा खड़ा हो गया है. NEET एग्जाम के दिन ही कांग्रेस की तरफ से बेंगलुरु में बड़ी रैली का आयोजन किया गया था. भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस की इस रैली की वजह से छात्रों को परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा. कांग्रेस ने भाजपा के आरोपों का जवाब दिया है.
दरअसल, बेंगलुरु में रविवार को आयोजित कांग्रेस के एक बड़े राजनीतिक कार्यक्रम को लेकर सियासी विवाद खड़ा हो गया है. भारतीय जनता पार्टी के सांसद तेजस्वी सूर्या ने आरोप लगाया कि कांग्रेस की मेगा रैली की वजह से शहर में भारी ट्रैफिक जाम लगा, जिससे NEET परीक्षा देने जा रहे कई छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़ा. इस आरोप पर कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियंक खड़गे ने पलटवार करते हुए इसे आधा सच करार दिया. ‘हिन्दुस्तान टाइम्स’ की रिपोर्ट के अनुसार, यह विवाद कांग्रेस के उस मेगा सम्मेलन को लेकर शुरू हुआ, जो बेंगलुरु के पैलेस ग्राउंड्स में आयोजित किया गया था. यह कार्यक्रम बीके हरिप्रसाद के कांग्रेस के नए प्रदेश अध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभालने के मौके पर रखा गया था. तेजस्वी सूर्या ने X पर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी इस रैली के लिए कोई और दिन चुन सकती थी, लेकिन उसने वही दिन चुना जब हजारों छात्र NEET जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा दे रहे थे.
भाजपा का क्या आरोप?
बेंगलुरु दक्षिण से सांसद सूर्या ने कहा कि शहर में बड़े पैमाने पर ट्रैफिक बाधित हुआ, जिसके कारण कई छात्र परीक्षा केंद्रों तक देर से पहुंचे. उन्होंने दावा किया कि कुछ छात्र घबराहट की स्थिति में परीक्षा केंद्र पहुंचे और उन्हें अंदर प्रवेश देने के लिए अधिकारियों से अनुरोध करना पड़ा. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि परीक्षा अधिकारियों ने छात्रों को राहत देते हुए अतिरिक्त समय दिया. सूर्या ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधा और कहा कि वे छात्रों और परीक्षाओं को लेकर घड़ियाली आंसू बहाते रहे हैं. उन्होंने कहा कि अगर छात्रों के प्रति चिंता वास्तव में होती, तो कांग्रेस को ऐसे दिन शहर के बीचों-बीच बड़ा राजनीतिक आयोजन नहीं करना चाहिए था. सूर्या ने कहा कि छात्रों को संवेदनशीलता चाहिए, न कि राजनीतिक दिखावा.
कांग्रेस का पलटवार
तेजस्वी सूर्या के आरोपों पर कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियंक खड़गे ने कड़ी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने बिना नाम लिए सूर्या को सीरियल मिसइन्फॉर्मेशन MP बताते हुए कहा कि वे हमेशा की तरह आधी-अधूरी जानकारी के आधार पर भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं. खड़गे ने कहा कि RC कॉलेज में कुल 720 छात्रों को NEET परीक्षा के लिए आवंटित किया गया था, जिनमें से 142 छात्र अनुपस्थित रहे. उनके अनुसार, केवल तीन छात्र परीक्षा नहीं दे सके. प्रियंक खड़गे ने बताया कि एक छात्रा मगड़ी से आ रही थी, लेकिन समय पर बस नहीं मिलने के कारण वह देर से पहुंची और परीक्षा में शामिल नहीं हो सकी. दूसरी अभ्यर्थी पुराना हॉल टिकट (एडमिट कार्ड) लेकर पहुंची थी, जो 3 मई को हुई परीक्षा का था, इसलिए उसे परीक्षा देने की अनुमति नहीं मिली. उन्होंने कहा कि एक अन्य छात्र RT नगर की ओर से आ रहा था और उसके देर से पहुंचने के कारणों की जांच की जा रही है.
ट्रैफिक पुलिस की एडवायजरी
कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियंक खड़गे ने यह भी कहा कि बेंगलुरु ट्रैफिक पुलिस ने कार्यक्रम और यातायात व्यवस्था को लेकर पहले ही सार्वजनिक सूचना और ट्रैफिक एडवायजरी जारी कर दी थी. खड़गे ने भाजपा पर पलटवार करते हुए कहा कि जो लोग आज छात्रों की चिंता जता रहे हैं, वे NEET में कथित कुप्रबंधन, पेपर लीक और उससे जुड़े छात्र संकट पर चुप रहे. इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर शिक्षा, परीक्षा प्रबंधन और राजनीतिक जवाबदेही के मुद्दे को सियासी बहस के केंद्र में ला दिया है.



