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Vaping side effects on heart: फ्लेवर सिगरेट ‘वेपिंग’ बन रही हार्ट अटैक का कारण? स्टडी में खुलासा

वेपिंग का ट्रेंड यंगस्टर्स के बीच काफी बढ़ा है. इस नई स्टडी में वैज्ञानिकों का दावा है कि कई ऐसे फ्लेवर हैं जिनमें पाया जाने वाला एक प्रमुख वेपिंग घटक दिल की धड़कन की रिदम को बाधित कर सकता है और यहां तक कि ये कार्डियक अरेस्ट के खतरे को भी बढ़ा सकता है. वेपिंग में वेप या पेन जैसे इक्विपमेंट से लिक्विड को गर्म करते हैं और फिर इसे बनने वाले धुएं को सिगरेट की तरह इनहेल किया जाता है. वेपिंग में तंबाकू की यूज नहीं होता है और इस वजह से लोगों को लगता है कि ये उतनी नुकसानदायक नहीं है, लेकिन हालिया स्टडी ने इसके नुकसान बताए हैं.

Vaping side effects on heart: फ्लेवर सिगरेट ‘वेपिंग’ बन रही हार्ट अटैक का कारण? स्टडी में खुलासा

इस स्टडी में खासकर वेपिंग के उन फ्लेवर का जिक्र किया गया है जिसमें ठंडक देने वाले गुण होते हैं. यानी आमतौर पर मेन्थॉल और आइस फ्लेवर वाली ईसिगरेट के बारे में बताया गया है. ये प्रयोग चूहों के साथ ही ह्यूमन हार्ट की कोशिकाओं पर इन रसायनों का प्रभाव देखा गया. तो चलिए जान लेते हैं इसके बारे में डिटेल के साथ.

तंबाकू से भी ज्यादा नुकसानदायक!

इस के मुताबिक, सामान्य तौर पर तंबाकू के स्वाद वाले वेप्स ने चूहों के दिल की धड़कन को उतना बाधित नहीं किया जितना कि मेन्थॉल या फिर सिंथेटिक कूलेंट से रुकावट आती है. ईसिगरेट में कूलेंट बहुत ज्यादा मिलाया जाता है और इसे नियमों के दायरे में लाने पर विचार करना जरूरी है.

धड़कनों की लय हुई प्रभावित

प्रयोगशाला में चूहों और इंसानों की कोशिकाओं पर किए गए परीक्षणों में इन ई सिगरेट में यूज होने वाले कूलेंट केमिकल ने प्रतिकूल प्रतिक्रिया दी. इन पदार्थों से दिल के धड़कन की गति और रिदम की नियममितता पर असर पड़ा यानी दिल की एक धड़कन से अगली के बीच के समय में बदलाव आना. इससे अनियमित हार्ट बीट की स्पीड की संभावन बढ़ जाती है, क्योंकि पंप एकदूसरे से बहुत जल्दी या बहुत देर से काम करना शुरू कर देते हैं.

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कार्डियक अरेस्ट का खतरा

वैज्ञानिकों के मुताबिक, इससे हाई ब्लड प्रेशर, तेज हार्ट बीट होने के अलावा जानलेवा कार्डियक अरेस्ट जैसी दिल से जुड़ी गंभीर समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है. सिगरेट की तुलना में इसे सेफ और ज्यादा हाई स्टैंडर्ड मानने की वजह से ईसिगरेट काफी पॉपुलर हुई है. आमतौर पर लोग इसे एक स्वस्थ विकल्प मानते हैं, लेकिन इसके बारे में लॉन्ग टर्म हेल्थ को होने वाले नुकसानों के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं है.

सरकार कर रही बैन की तैयारी

जानकारी के मुताबिक, ब्रिटेन में वेपिंग का ट्रेंड काफी ज्यादा बढ़ गया है और ये सिगरेट से भी ज्यादा लोगों के बीच लोकप्रिय है. आमतौर पर लोग सांसों को एक रिलैक्स देने के लिए भी आइस या मेन्थॉल वेपिंग का सहारा लेते हैं. बच्चों के बीच इन फ्लेवरों का अट्रैक्शन कम करने के लिए बनाए गए कानूनों के अंतर्गत ब्रिटिश सरकार ज्यादातर वेप फ्लेवर्स पर प्रतिबंध लगाने की तैयारी कर रही है. अध्ययन के लेखक डॉ. एलेक्स कार्ल ने कहते हैं कि “सिंथेटिक कूलेंट बिना स्वाद के ठंडक का एहसास कराते हैं, इसलिए वे ईसिगरेट के उन प्रतिबंधों के दायरे से बाहर हैं जो स्वाद पर फोकस हैं”.

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