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प्यार, जुनून और अपराध! हर 100 में करीब 10 हत्याओं के पीछे रिश्तों का विवाद, आंकड़ों ने बढ़ाई चिंता..

प्यार, जुनून और अपराध! हर 100 में करीब 10 हत्याओं के पीछे रिश्तों का विवाद, आंकड़ों ने बढ़ाई चिंता..

प्यार को अक्सर जिंदगी की खूबसूरत भावना माना जाता है, लेकिन कई बार यही रिश्ता अपराध और हिंसा की वजह बन जाता है। देश में सामने आ रहे कई मामलों में प्रेम संबंध, ब्रेकअप, शक और अवैध रिश्तों के कारण हत्याओं की घटनाएं सामने आई हैं।

हाल के महीनों में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जहां रिश्तों में आई दरार ने अपराध का रूप ले लिया। मुंबई के विरार में एक युवक पर अपनी मंगेतर और उसकी मां की हत्या का आरोप लगा था। वहीं छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में एक युवती पर अपने बॉयफ्रेंड की हत्या का आरोप लगा, क्योंकि उसने उसे सोशल मीडिया पर ब्लॉक कर दिया था।

इसी तरह पुणे में भी एक मामले में सिया गोयल पर अपने मंगेतर केतन अग्रवाल की हत्या का आरोप लगा। पुलिस जांच में सामने आया कि कथित तौर पर इसमें उसके साथी की भूमिका भी थी। शुरुआत में घटना को हादसा बताया गया था, लेकिन जांच के बाद मामला हत्या का निकला।

रिश्तों की वजह से परिवार भी बने निशाना

ऐसे मामलों में सिर्फ प्रेमी-प्रेमिका ही नहीं, बल्कि परिवार के लोग भी कई बार हिंसा का शिकार बन जाते हैं। हाल ही में बेंगलुरु में एक युवती पर अपने बॉयफ्रेंड के साथ मिलकर माता-पिता और बहन की हत्या करने का आरोप लगा।

मार्च 2025 में मेरठ में सामने आए सौरभ राजपूत हत्याकांड ने भी पूरे देश को झकझोर दिया था। आरोप था कि उसकी पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर हत्या की और शव को छिपाने की कोशिश की।

NCRB आंकड़ों में सामने आई तस्वीर

नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (NCRB) के आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2024 में देशभर में 27,049 हत्याएं दर्ज हुईं। इनमें करीब 2,802 हत्याओं की वजह प्रेम संबंध या अवैध संबंध बताए गए। यानी लगभग हर 10 में से 1 हत्या के पीछे लव अफेयर या रिश्तों से जुड़ा विवाद रहा।

आंकड़ों के अनुसार 2010 से 2014 के बीच ऐसी हत्याओं का हिस्सा करीब 7 से 8 प्रतिशत था, जो बाद के वर्षों में बढ़कर लगभग 10 से 11 प्रतिशत तक पहुंच गया।

क्यों प्यार बन जाता है मौत की वजह?

मनोवैज्ञानिकों के अनुसार प्रेम संबंधों में हत्या के पीछे कई कारण हो सकते हैं। एक अध्ययन में ऐसे मामलों के चार प्रमुख कारण बताए गए हैं—

  • ब्रेकअप को स्वीकार न कर पाना
  • रिश्ते में किसी तीसरे व्यक्ति का आ जाना
  • धोखा या बेवफाई
  • रिजेक्शन यानी अस्वीकार किए जाने की भावना

विशेषज्ञों के मुताबिक कई बार व्यक्ति भावनात्मक तनाव, गुस्से, शक और अधिकार जताने की भावना में इतना उलझ जाता है कि वह अपने ही साथी को दुश्मन मानने लगता है।

शक और गुस्सा रिश्तों को पहुंचा रहे नुकसान

कई मामलों में देखा गया है कि रिश्ते में भरोसे की कमी, जलन और नियंत्रण की भावना हिंसा तक पहुंच जाती है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे हालात में संवाद, भावनात्मक संतुलन और समय पर मदद लेना जरूरी है, ताकि रिश्ते किसी अपराध की वजह न बनें।

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