मुंबई की जीवनरेखा कही जाने वाली लोकल ट्रेनों में हर दिन लाखों लोग सफर करते हैं, लेकिन 24 जून 2026 की रात एक ऐसी दर्दनाक घटना घटी जिसने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया। चर्चगेटनालासोपारा फास्ट लोकल ट्रेन के प्रथम श्रेणी डिब्बे में 22 वर्षीय युवक मयंक लोहार की कथित तौर पर चाकू मारकर हत्या कर दी गई। मामूली विवाद से शुरू हुई यह घटना कुछ ही मिनटों में खूनी वारदात में बदल गई और एक परिवार का इकलौता सहारा हमेशा के लिए छिन गया।

घटना उस समय हुई जब भारी मानसूनी बारिश के बीच ट्रेन अंधेरी और बोरीवली स्टेशनों के बीच दौड़ रही थी। मृतक मयंक लोहार, जो विरार का निवासी था, रोजाना की तरह अपनी नौकरी पूरी करके घर लौट रहा था। मयंक अंधेरी स्थित एक कपड़ों के शोरूम में कार्यरत था और प्रतिदिन विरार से अंधेरी तक सफर करता था। परिवार के अनुसार वह शांत स्वभाव का युवक था और विवादों से दूर रहता था। पुलिस जांच के अनुसार, ट्रेन के डिब्बे में दरवाजा खुला रखने या बंद करने को लेकर यात्रियों के बीच बहस शुरू हुई। तेज बारिश के कारण कुछ यात्री दरवाजा बंद रखना चाहते थे ताकि पानी अंदर न आए, जबकि अन्य यात्री उसे खुला रखना चाहते थे। इसी मुद्दे पर हुई कहासुनी धीरेधीरे उग्र विवाद में बदल गई।
आरोप है कि इसी दौरान 30 वर्षीय रोशन सुवर्णा ने अपने बैग से एक बड़ा चाकू निकाला और मयंक लोहार पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। जांच एजेंसियों के अनुसार मयंक के पेट, सीने और कमर के हिस्से पर कई वार किए गए। अचानक हुए इस हमले से डिब्बे में मौजूद यात्री घबरा गए और अफरातफरी मच गई। गंभीर रूप से घायल मयंक कुछ ही देर में ट्रेन के भीतर गिर पड़ा और उसकी मौत हो गई।
घटना के बाद आरोपी रोशन सुवर्णा मौके से फरार हो गया। हालांकि, सरकारी रेलवे पुलिस ने तत्काल जांच शुरू करते हुए बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया। पुलिस ने रेलवे स्टेशनों और शहर के विभिन्न हिस्सों में लगे 400 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। जांच के दौरान आरोपी की गतिविधियों को बोरीवली, अंधेरी, मीरा रोड और नालासोपारा सहित कई स्थानों पर ट्रैक किया गया। कई पुलिस टीमों को तैनात किया गया और कुछ घंटों के भीतर आरोपी को पनवेलकुर्ला क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस के अनुसार रोशन सुवर्णा मीरा रोड ईस्ट का निवासी है और एक कार्गो कंपनी में कार्यरत है। वह अंधेरी के पास स्थित एक कार्गो सुविधा केंद्र में क्यूआरकोड और बारकोड संबंधी परिचालन कार्य देखता था। जांच एजेंसियां घटना से पहले उसकी गतिविधियों की भी पड़ताल कर रही हैं। कुछ रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया है कि घटना से पहले उसने काफी मात्रा में शराब का सेवन किया था।
मयंक लोहार की मौत के बाद परिवार गहरे सदमे में है। मृतक के बड़े भाई मेहुल लोहार ने आरोपी की गिरफ्तारी के बाद भावुक प्रतिक्रिया देते हुए उसके लिए मृत्युदंड की मांग की है। उन्होंने कहा कि परिवार पूरी तरह टूट चुका है और आरोपी को सबसे कड़ी सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि जो दर्द उनके परिवार ने झेला है, वह किसी अन्य परिवार को न सहना पड़े। मयंक की मां, बहन और भाई सभी ने आरोपी को फांसी देने की मांग की है। उसकी बहन मेघा लोहार ने रेलवे सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूछा कि आखिर कोई व्यक्ति प्रथम श्रेणी डिब्बे में चाकू लेकर कैसे पहुंच गया, ट्रेन में सुरक्षा व्यवस्था कहां थी और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए भविष्य में क्या कदम उठाए जाएंगे।
यह घटना इसलिए भी व्यापक आक्रोश का कारण बनी है क्योंकि मुंबई की उपनगरीय रेलवे प्रणाली प्रतिदिन लाखों यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाती है। एक सामान्य विवाद का कुछ ही मिनटों में हत्या जैसी जघन्य वारदात में बदल जाना लोगों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं खड़ी कर रहा है। घटना के बाद लोकल ट्रेनों में हथियारों की जांच, सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने, पुलिस की मौजूदगी बढ़ाने और भीड़भाड़ के दौरान होने वाले विवादों को नियंत्रित करने पर नई बहस शुरू हो गई है।
फिलहाल रोशन सुवर्णा पुलिस हिरासत में है और उसके खिलाफ हत्या से जुड़े मामलों की जांच जारी है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और फोरेंसिक साक्ष्यों की गहन जांच कर रही है। आने वाले दिनों में आरोपी को अदालत में पेश किया जाएगा, जहां उसके खिलाफ कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। मुंबई लोकल ट्रेन में हुई यह सनसनीखेज हत्या न केवल एक परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है, बल्कि महानगर की सार्वजनिक परिवहन सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े कर रही है।



