
भोपाल। राजधानी भोपाल में अटल आवास योजना में फ्लैट दिलाने और विभिन्न सरकारी विभागों में नौकरी लगाने के नाम पर बड़े फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। टीटी नगर पुलिस ने मामले में आरोपी प्रमीला तिवारी को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि उसका नेटवर्क भोपाल से लेकर रीवा, जबलपुर, बैतूल और सतना समेत कई शहरों तक फैला हुआ था।
पुलिस के अनुसार आरोपी और उसके सहयोगी बेरोजगार युवाओं को सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर उनसे लाखों रुपये वसूलते थे। गिरोह कथित तौर पर वन विभाग, रेलवे, नगर निगम, एम्स और पीडब्ल्यूडी समेत विभिन्न विभागों के फर्जी नियुक्ति पत्र तैयार कर युवाओं को सौंपता था। जांच में यह भी सामने आया है कि कुछ मामलों में युवाओं को आईएफएस अधिकारी, बैंक क्लर्क और रेलवे कर्मचारी बनाने का दावा किया गया।
मामले में अब तक भोपाल, रीवा, जबलपुर और सतना के कम से कम सात पीड़ित सामने आए हैं। भोपाल के कोटरा निवासी प्रतीक सोनी ने आरोप लगाया है कि अटल आवास योजना के तहत फ्लैट दिलाने के नाम पर उनसे करीब 1.80 लाख रुपये लिए गए, लेकिन न तो फ्लैट मिला और न ही रकम वापस की गई।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह लोगों का विश्वास जीतने के बाद उनसे पैसे वसूलता था और बाद में फर्जी दस्तावेज सौंप देता था। एक मामले में पीडब्ल्यूडी विभाग में भर्ती का कथित नियुक्ति पत्र दिया गया, जिस पर तत्कालीन मंत्री के फर्जी हस्ताक्षर होने की बात भी सामने आई है।
गौरतलब है कि प्रमीला तिवारी इससे पहले भी विवादों में रह चुकी है। वह उस समय चर्चा में आई थी जब उसने एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी पर घर में घुसकर चोरी करने का आरोप लगाया था।
टीटी नगर पुलिस मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस गिरोह में और कौन-कौन लोग शामिल थे तथा कितने लोगों को ठगी का शिकार बनाया गया। पुलिस का मानना है कि जांच आगे बढ़ने पर और भी पीड़ित सामने आ सकते हैं।



