भारतीयों को मालदीव बहुत पसंद है. हर साल 2 लाख से अधिक भारतीय वहां पहुंचते हैं. उन्हें साफ नीला पानी, सफेद रेतीले बीच, शांत महौल और पर्सनल वॉटर विला बहुत पसंद आते हैं. लेकिन दिलचस्प बात है कि भारत में भी एक मिनी मालदीव बसता है. जहां मालदीव जैसी खूबसूरती नजर आती है. वॉटर स्पोर्ट्स एक्टिविटी की जा सकती है. जो कहीं से भी मालदीव से कम नहीं है. उस जगह का नाम है लक्षद्वीप. यहां एक दो नहीं, पूरे 36 आइलैंड हैं जो इसकी खूबसूरती में चार चांद लगाते हैं.

भारत का सबसे छोटा केंद्र शासित प्रदेश है, जिसका कुल क्षेत्रफल मात्र 32 वर्ग किलोमीटर है. लेकिन खूबसूरती के मामले में इसकी बात ही कुछ और है.
मलयालम और संस्कृत से आया नाम
लक्षद्वीप भारत का सबसे छोटा केंद्र शासित प्रदेश है. केरल के तट से दूर अरब सागर में स्थित 36 खूबसूरत द्वीपों का समूह लक्षद्वीप अपने स्वच्छ सफेद समुद्र तटों, साफ नीले पानी और समृद्ध समुद्री जीवन के लिए प्रसिद्ध है. यहां की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, “लक्षद्वीप” नाम मलयालम और संस्कृत से लिया गया है, जिसका मतलब है “एक लाख द्वीप”.
लक्षद्वीप नाम नाम मलयालम और संस्कृत से लिया गया है. फोटो:Pexels
भारतीयों को पसंद क्यों है पसंद?
बड़ी संख्या में भारतीय लक्षद्वीप पहुंचते हैं. यहां के सफेद रेतीले समुद्र तट, स्वच्छ झीलें और वॉटर स्पोर्ट्स एक्टिविटी इसे खास बनाती हैं. यहां स्कूबा डाइविंग, स्नॉर्कलिंग, सर्फ़िंग, वाटर स्कीइंग जैसी एक्टिविटी का आनंद ले सकते हैं. सितंबर से मई तक का मौसम सुहावना होता है और समुद्र शांत रहता है.
बड़ी संख्या में भारतीय लक्षद्वीप पहुंचते हैं. फोटो: Pexels
36 द्वीप वाले लक्षद्वीप में महज 10 आइलैंड ऐसे हैं जहां लोग रहते हैं. इनमें कवरत्ती , अगाती, अमीनी, कदमत, किल्टन, चेटलैट, बिट्रा, एंड्रोट, कलपेनी और मिनीकॉय शामिल हैं.
लक्षद्वीप भारत का सबसे छोटा केंद्र शासित प्रदेश है. फोटो:Pexels
कितनी है आबादी?
लक्षद्वीप केरल के तटीय शहर कोच्चि से 220 से 440 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. या यूं कह सकते हैं कि लक्षद्वीप के पास का सबसे बड़ा शहर कोच्चि है. लक्षद्वीप की राजधानी कवरत्ती है, जो इस केंद्र शासित प्रदेश का एक प्रमुख शहर भी है. यहां 10 ग्राम पंचायतें, 9 उपखंड और 1 जिला है. साल 2011 की जनगणना के आंकड़े बताते हैं कि यहां की आबादी मात्र 64,473 थी, जिसमें पुरुष 33,123 और महिलाएं 31,350 थीं.
36 आइलैंड वाला लक्षद्वीप. फोटो: Unsplash
साक्षरता दल 91.85% और लक्षद्वीप में 96.58% लोग मुस्लिम हैं और मात्र 2.77% हिंदू लोग रहते हैं. यहां के सभी मूल निवासियों को अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति सूची , 1956 के तहत आधिकारिक तौर पर अनुसूचित जनजाति के रूप में वर्गीकृत किया गया है.
टूरिज्म इंडस्ट्री यहां की रीढ़ है. फोटो: Pexels
यहां के लोगों का मुख्य व्यवसाय मछली पकड़ना, नारियल की खेती और नारियल के रेशे से बुनाई करना है. टूरिज्म इंडस्ट्री यहां के लोगों को रोजगार देने के साथ आर्थिक मदद का जरिया भी है.
कितना पुराना इतिहास
दावा किया जाता है लक्षद्वीप का इतिहास 2000 साल से भी पुराना है. सबसे पहले यहां केरल के नायर और मुस्लिम समुदाय के लोग आकर बसे. कुछ इतिहासकार मानते हैं कि बौद्ध भिक्षु भी यहां आए थे. यह द्वीप अरब व्यापारियों के समुद्री मार्ग पर पड़ता था, इसलिए यहां इस्लाम का प्रभाव बहुत जल्द आया. 7वीं सदी में अरब व्यापारियों के जरिए यहां इस्लाम पहुंचा और आज द्वीप की 96% आबादी मुस्लिम है.



