Arvind Kejriwal Ram Lalla Darshan: अयोध्या में श्री राम मंदिर के चढ़ावा चोरी मामले में आप के संयोजक अरविंद केजरीवाल अयोध्या पहुंचे। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को अयोध्या में रामलला के दर्शन और पूजाअर्चना की और आशीर्वाद लिया। उन्होंने राम मंदिर के चढ़ावा मामले को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार और जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाए।

उन्होंने कहा कि चढ़ावे की कथित चोरी “महापाप” है और इस मामले में केवल छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई कर बड़े लोगों को बचाने की कोशिश की जा रही है। राम जन्मभूमि परिसर में दर्शन के बाद पत्रकारों से बातचीत में केजरीवाल ने कहा कि हमने भगवान श्रीराम से प्रार्थना की है कि जिन लोगों ने इस तरह का महापाप किया है, उन्हें भगवान कठोर से कठोर दंड दें।
FIR केवल दिखावे के लिए है – केजरीवाल
उन्होंने FIR दर्ज होने पर भी सवाल उठाते हुए कहा, “जो एफआईआर हुई है, वह केवल दिखावा और छलावा है। आठ छोटेछोटे कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया है, लेकिन इतने लंबे समय से यदि कोई घोटाला चल रहा था तो उसे केवल छोटे कर्मचारी नहीं चला सकते। इसके तार बहुत ऊपर तक जुड़े हुए हैं। बड़े लोगों को बचाने की कोशिश की जा रही है और छोटे कर्मचारियों के सिर पर ठीकरा फोड़ा जा रहा है।”
हमने आज श्री राम मंदिर में रामलला के दर्शन किए और भगवान से प्रार्थना की कि जिन लोगों ने भी श्री राम मंदिर से चढ़ावा चोरी का महापाप किया है, वे उन्हें कठोर से कठोर दंड दें। pic.twitter.com/DgHx3eaNfh
— Arvind Kejriwal June 26, 2026
संत महात्माओं से लिए आशीर्वाद
रामलला के दर्शन के बाद हनुमानगढ़ी मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने हनुमान चालीसा का पाठ किया और संतमहात्माओं का आशीर्वाद लिया। उन्होंने कहा कि अयोध्या आकर भगवान राम और बजरंगबली के दर्शन करना उनके लिए सौभाग्य की बात है।
अयोध्या में अरविंद केजरीवाल
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विश्लेषकों का कहना है कि केजरीवाल का यह दौरा ऐसे समय में हुआ है, जब के चढ़ावे में कथित अनियमितताओं का मामला प्रदेश की राजनीति के केंद्र में है। एसआईटी की सिफारिश के बाद गुरुवार देर रात इस मामले में आठ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
जांच एजेंसियां आरोपियों की भूमिका, नकदी बरामदगी और वित्तीय लेनदेन की जांच कर रही हैं। आम आदमी पार्टी ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष और व्यापक जांच कराई जाए तथा यदि जांच में किसी बड़े पदाधिकारी या प्रभावशाली व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी समान रूप से कार्रवाई की जाए।



