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6 साल की बच्ची को अगवा कर बंद फ्लैट में ले गया आरोपी, चीख-पुकार सुन जुटी भीड़, मौके पर ही दबोच लिया.

6 साल की बच्ची को अगवा कर बंद फ्लैट में ले गया आरोपी, चीख-पुकार सुन जुटी भीड़, मौके पर ही दबोच लिया.

उत्तर प्रदेश के मेरठ से एक ऐसी खबर आई है, जिसने हर एक माता-पिता के दिल में बच्चों की सुरक्षा की चिंता को और बढ़ा दिया है. लेकिन इस खौफनाक घटना के बीच एक अच्छी बात यह रही कि स्थानीय लोगों की सूझबूझ और बहादुरी से एक मासूम बच्ची की जिंदगी तबाह होने से बच गई. यह पूरा मामला मेरठ के सुभारती बाईपास सुशांत सिटी का है. रोजाना की तरह एक 6 साल की मासूम बच्ची अपने घर के बाहर खेल रही थी. गलियों में बच्चों का खेलना बहुत आम बात है, और माता-पिता को भी लगता है कि बच्चा घर के आसपास ही है तो सुरक्षित होगा. लेकिन इसी दौरान 40 साल के मोहम्मद मुबाशिर नाम के एक शख्स की नजर उस मासूम पर पड़ी.

अगवा करके सुनसान जगह पर ले गया दरिंदा

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और दावों के अनुसार 40 साल का आरोपी मुबाशिर ने ताक लगाकर उस बच्ची को अकेले पाया और चुपके से उसे अगवा कर लिया. वह बच्ची को डरा-धमकाकर एक सुनसान और खाली पड़े फ्लैट की तरफ ले जाने लगा. उसकी नीयत बेहद खराब थी और वह किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के फिराक में था. लेकिन कहते हैं ना कि ‘जाको राखे साइयां, मार सके न कोए’. जब मुबाशिर उस रोती-बिलखती बच्ची को जबरन ले जा रहा था, तब वहां से गुजर रहे कुछ राहगीरों और स्थानीय लोगों की नजर उस पर पड़ गई. 

गुस्साई भीड़ ने आरोपी को दबोचा

लोगों को कुछ अजीब लगा, क्योंकि बच्ची बहुत डरी हुई थी और मुबाशिर हड़बड़ी में था. बिना एक पल गंवाए, कॉलोनी के लोग और राहगीर उस तरफ दौड़े. लोगों ने मुबाशिर को चारों तरफ से घेर लिया और बच्ची को उसके चंगुल से छुड़ाया. गुस्साए लोगों ने आरोपी को मौके पर ही दबोच लिया और उसकी जमकर धुनाई कर दी. इसके बाद तुरंत पुलिस को फोन किया गया. सूचना मिलते ही मेरठ पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी मोहम्मद मुबाशिर को अपनी हिरासत में ले लिया. 

पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा

पुलिस ने बच्ची को सुरक्षित उसके परिवार को सौंप दिया है. इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपी के खिलाफ किडनैपिंग की धाराओं के साथ-साथ बेहद सख्त पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) के तहत मुकदमा दर्ज किया है. इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि अगर समाज सतर्क रहे, तो बड़े से बड़े अपराध को रोका जा सकता है. मेरठ के इन आम लोगों की सतर्कता ने आज एक मासूम का भविष्य बचा लिया. हालांकि, यह घटना हमें यह सबक भी देती है कि हमें अपने छोटे बच्चों को कभी भी गलियों में अकेला नहीं छोड़ना चाहिए.

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