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EPFO Alert: कब निकाल सकते हैं पूरा PF और कब मिलेगा सिर्फ 75%? जानिए पूरा नियम

कर्मचारी भविष्य निधि नौकरीपेशा लोगों के लिए रिटायरमेंट के बाद आर्थिक सुरक्षा का एक महत्वपूर्ण साधन है. इसमें कर्मचारी और नियोक्ता दोनों का योगदान जमा होता है, जिस पर हर साल ब्याज भी मिलता है. हाल के दिनों में EPFO 3.0 और डिजिटल सेवाओं को लेकर चर्चा के बीच कई कर्मचारियों के मन में सवाल है कि क्या वे जब चाहें अपने PF खाते की 100 फीसदी रकम निकाल सकते हैं. इसका जवाब ‘नहीं’ है. EPFO के नियमों के मुताबिक, नौकरी के दौरान पूरी राशि निकालने की अनुमति नहीं है. केवल कुछ विशेष परिस्थितियों में ही 100 फीसदी निकासी की जा सकती है.

EPFO Alert: कब निकाल सकते हैं पूरा PF और कब मिलेगा सिर्फ 75%? जानिए पूरा नियम

किन परिस्थितियों में निकाल सकते हैं पूरा PF?

मौजूदा नियमों के अनुसार, कोई भी कर्मचारी 58 वर्ष की आयु पूरी करने के बाद अपने EPF खाते में जमा पूरी राशि निकाल सकता है. इसके अलावा, यदि कोई व्यक्ति नौकरी छोड़ने के बाद बेरोजगार हो जाता है, तो भी उसे पूरी राशि निकालने की सुविधा मिलती है.

EPFO के नियमों के मुताबिक, नौकरी छूटने के एक महीने बाद कर्मचारी अपने EPF बैलेंस का 75 फीसदी तक निकाल सकता है. अगर दो महीने या उससे अधिक समय तक नई नौकरी नहीं मिलती, तो बची हुई 25 फीसदी राशि भी निकाली जा सकती है. यह व्यवस्था बेरोजगारी के दौरान आर्थिक सहायता देने के उद्देश्य से बनाई गई है.

नौकरी बदलने पर PF निकालना सही नहीं

कई कर्मचारी नई नौकरी मिलने पर पुराना PF निकाल लेते हैं, लेकिन EPFO इसकी सलाह नहीं देता. संगठन का कहना है कि नौकरी बदलने पर PF राशि को यूनिवर्सल अकाउंट नंबर के जरिए नए नियोक्ता के खाते में ट्रांसफर करना चाहिए.

इससे PF खाते पर ब्याज मिलता रहता है, सेवा अवधि लगातार जुड़ी रहती है और रिटायरमेंट के समय बड़ा फंड तैयार होता है. बारबार PF निकालने से भविष्य की बचत पर असर पड़ सकता है और कुछ मामलों में टैक्स भी देना पड़ सकता है.

जरूरत पड़ने पर आंशिक निकासी की सुविधा

हालांकि नौकरी के दौरान पूरी रकम निकालने की अनुमति नहीं है, लेकिन EPFO कुछ विशेष जरूरतों के लिए आंशिक निकासी की सुविधा देता है. सदस्य उच्च शिक्षा, शादी, घर खरीदने, घर बनवाने, होम लोन चुकाने और इलाज जैसी जरूरतों के लिए PF से तय सीमा तक पैसा निकाल सकते हैं. हर उद्देश्य के लिए पात्रता और निकासी की राशि अलगअलग तय की गई है.

पूरी राशि निकालने से पहले करें सोचविचार

विशेषज्ञों का मानना है कि EPF सिर्फ बचत नहीं, बल्कि लंबी अवधि की रिटायरमेंट योजना है. इसमें कर्मचारी के योगदान के साथ नियोक्ता का हिस्सा और सालाना ब्याज भी जुड़ता रहता है. इसलिए यदि पैसों की तत्काल जरूरत न हो, तो PF की पूरी राशि निकालने के बजाय उसे खाते में रहने देना बेहतर होता है. इससे भविष्य में आर्थिक सुरक्षा मजबूत रहती है और रिटायरमेंट के समय पर्याप्त फंड उपलब्ध होता है.

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