
हमारी बॉडी को स्वस्थ, जवान और फिट रखने के लिए सबसे जरूरी चीजों में से एक है प्रोटीन। प्रोटीन हमारी बॉडी की हर सेल का आधार होता है। यह मसल्स बनाने, स्किन को टाइट रखने, बालों को मजबूत बनाने और शरीर की मरम्मत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। चाहे बचपन हो, युवावस्था हो या बुढ़ापे का समय, हर उम्र में शरीर को प्रोटीन की जरूरत होती है। यह ब्रेन फंक्शन को बेहतर बनाने, हार्ट को हेल्दी रखने और इम्यून सिस्टम को मजबूत करने में भी मदद करता है। इतना जरूरी होने के बावजूद कई लोग रोजाना प्रोटीन लेना ज्यादा जरूरी नहीं समझते हैं। खासकर शाकाहारी लोगों में प्रोटीन की कमी ज्यादा देखने को मिलती है। आइए जानते हैं प्रोटीन से भरपूर ऐसी चीजों के बारे में जिसे हर व्यक्ति आसानी से अपनी डाइट में शामिल कर सकता है।
आयुर्वेदिक और यूनानी विशेषज्ञ डॉ. सलीम जैदी के मुताबिक, डाइट में प्रोटीन की कमी होने पर शरीर में फैट बढ़ सकता है, मसल्स कमजोर हो सकती हैं, त्वचा और बालों की चमक कम हो सकती है और कमजोरी महसूस होने लगती है। एक सामान्य वयस्क व्यक्ति को अपने शरीर के वजन के अनुसार लगभग 0.8 ग्राम प्रति किलोग्राम प्रोटीन रोजाना लेने की आवश्यकता होती है। प्रोटीन केवल बॉडी बनाने वाले लोगों के लिए नहीं बल्कि हर व्यक्ति के लिए जरूरी है क्योंकि यह शरीर को मजबूत बनाता है और स्वस्थ जीवन जीने में मदद करता है। 30 साल की उम्र के बाद हर 10 साल में मसल्स मास लगभग 3 से 5 प्रतिशत तक कम हो सकता है। जब तक इसका एहसास होता है, तब तक सीढ़ियां चढ़ने में परेशानी, हाथों की पकड़ कमजोर होना और पहले आसानी से किए जाने वाले कामों में थकान महसूस होने लगती है। इस स्थिति को मेडिकल भाषा में ‘सारकोपीनिया’ कहा जाता है। इससे बचने के लिए शरीर को पर्याप्त प्रोटीन की आवश्यकता होती है।
काला चना
आप अपनी डाइट में काला चना शामिल कर सकते हैं। बता दें कि 100 ग्राम काले चने में लगभग 22 ग्राम प्रोटीन पाया जाता है, जो करीब तीन अंडों के बराबर माना जा सकता है। इसके अलावा इसमें आयरन, फाइबर और मैग्नीशियम भी पाया जाता है। ऐसे में इसका सेवन कपने से आपके शरीर में खून की कमी नहीं होती है और पाचन सुधरने के साथ मसल्स मजबूत होती है। अगर आप अपनी टाइट में इसे शामिल करना चाहते हैं, तो रात को 50 ग्राम काले चने पानी में भिगो दें और सुबह इसमें नींबू का रस, थोड़ा काला नमक और प्याज मिलाकर खा सकते हैं। अगर आपका पाचन कमजोर है तो इन्हें उबालकर या अंकुरित करके खा सकते हैं।
मूंग दाल
चना के अलावा आप मूंग दाल को भी अपनी डाइट में विभिन्न तरीके से शामिल कर सकते हैं। बता दें कि 100 ग्राम मूंग दाल में लगभग 24 ग्राम प्रोटीन होता है। ऐसे में आप इसे चीला, अंकुरित करके आसानी से खा सकते हैं। Clinical Nutrition की रिसर्च के अनुसार मूंग दाल का ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, जो आपके ब्लड शुगर को भी कंट्रोल करने में मदद करता है।
पनीर
अगर आपको पनीर पसंद है, तो इसे भी अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं। डॉ. सलीम जैदी के अनुसार, 100 ग्राम पनीर में लगभग 18 ग्राम प्रोटीन के साथ कैल्शियम पाया जाता है। इसका सेवन करने से हड्डियां मजबूत होने के साथ मसल्स की भी रिकवरी हो जाती है। इसे आप अपनी डाइट में सलाद के रूप में या फिर पनीर में काला नमक, नींबू के साथ अन्य चीजें मिलाकर खा सकते हैं। डेयरी साइंस के अनुसार, पनीर में मौजूद केसीन (Casein) प्रोटीन धीरे-धीरे पचने वाला प्रोटीन होता है, जो शरीर को लंबे समय तक आवश्यक अमीनो एसिड्स उपलब्ध कराता रहता है। इसमें पाया जाने वाला कैल्शियम और फास्फोरस मांसपेशियों की मजबूती के साथ-साथ हड्डियों के घनत्व को बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
सोयाबीन
बता दें कि 100 ग्राम सोयाबीन में लगभग 36 ग्राम प्रोटीन होता है। यह एक कंप्लीट प्रोटीन माना जाता है क्योंकि इसमें सभी आवश्यक अमीनो एसिड पाए जाते हैं। सोया चंक्स को गर्म पानी में भिगोकर सब्जी या पुलाव के रूप में खाया जा सकता है। हालांकि जिन लोगों को थायराइड की समस्या है या दवा चल रही है, उन्हें सोयाबीन का सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए।
दही
100 ग्राम दही में लगभग 10 से 11 ग्राम प्रोटीन पाया जाता है। दही में मौजूद प्रोबायोटिक्स आंतों की सेहत को बेहतर बनाने में मदद करते हैं। गर्मियों के मौसम में इसे खाना काफी लाभकारी माना जाता है। अच्छी गट हेल्थ शरीर में पोषक तत्वों के सही अवशोषण के लिए जरूरी होती है। रोजाना दोपहर में भोजन के साथ एक कटोरी सादा दही लिया जा सकता है।
ये प्रोटीन फूड्स भी कर सकते हैं शामिल
आप इन चीजों के अलावा अपनी डाइट में बादाम, कद्दू के बीज, राजमा, किनोवा आदि शामिल कर सकते हैं। अगर आप मांसाहारी है, तो अंडा, चिकन, मछली भी लाभकारी हो सकती है।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी केवल सामान्य जागरूकता और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए है। पनीर या किसी भी खाद्य पदार्थ के सेवन से मिलने वाले फायदे व्यक्ति की उम्र, स्वास्थ्य स्थिति, खान-पान और जीवनशैली पर निर्भर करते हैं। किसी भी बीमारी, एलर्जी, लैक्टोज असहिष्णुता या विशेष स्वास्थ्य स्थिति में अपने डॉक्टर या योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। यह जानकारी किसी भी चिकित्सा सलाह, जांच या उपचार का विकल्प नहीं है।



