
चिलचिलाती गर्मी और उमस से राहत पाने के लिए अक्सर लोग आइसक्रीम समझकर बड़े चाव से ‘फ्रोजन डेजर्ट’ (Frozen Desserts) का सेवन करते हैं। दिखने में भले ही ये दोनों एक जैसे लगें, लेकिन सेहत पर इसका असर बिल्कुल अलग होता है। डाइटीशियन के मुताबिक, फ्रोजन डेजर्ट को बनाने में इस्तेमाल होने वाले वनस्पति तेल (Vegetable Oils) और एडेड शुगर हमारे मेटाबॉलिज्म को धीमा कर देते हैं। फ्रोजन डेजर्ट का नियमित सेवन मोटापा, फैटी लिवर और टाइप-2 डायबिटीज के खतरे को बढ़ा सकता है।
फ्रोजन फूड्स से कौन कौन सी बीमारियों का है खतरा?
मुंबई के ग्लेनीगल्स हॉस्पिटल की मुख्य डाइटीशियन जमुर्रद पटेल के अनुसार, फ्रोजन डेजर्ट का बार-बार सेवन करने से वजन बढ़ना, इंसुलिन रेजिस्टेंस, खराब गट हेल्थ, कब्ज, कोलेस्ट्रॉल का बढ़ना, मेटाबॉलिक विकार और हृदय रोगों का खतरा बढ़ सकता है। एक्सपर्ट ने बताया फ्रोजन डेजर्ट में इस्तेमाल होने वाली अत्याधिक चीनी, अनहेल्दी फैट और कृत्रिम एडिटिव्स सेहत को नुकसान पहुंचाते हैं।
आपको बता दें कि सालों से फ्रोजन डेजर्ट भारतीय बाजार में आइसक्रीम के सस्ते विकल्प के रूप में लोकप्रिय रहे हैं। हालांकि, इनमें से कई उत्पाद दूध के फैट के बजाय वेजिटेबल ऑयल से बनाए जाते हैं और इनमें अतिरिक्त चीनी, कृत्रिम फ्लेवर, रंग तथा स्टेबलाइजर की मात्रा अधिक हो सकती है।
हेल्थ एक्सपर्ट के मुताबिक ऐसे उत्पादों का नियमित सेवन लंबे समय में सेहत के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। पोषण संबंधी चिंताओं के बीच क्वालिटी कंपनी ने आने वाले सालों में फ्रोजन डेजर्ट की जगह डेयरी बेस्ड उत्पादों पर अधिक ध्यान देने का फैसला किया है। आइए जानते हैं कि फ्रोजन फूड कैसे सेहत को नुकसान पहुंचाते हैं और इन फूड्स पर डॉक्टरों की क्या राय है।
फ्रोजन फूड में कौन सी चीजें सेहत के लिए हैं खतरा?
अधिक चीनी की मात्रा
चीनी का ज्यादा सेवन सेहत के लिए खतरा है। फ्रोजन डेजर्ट में चीनी की मात्रा काफी ज्यादा होती है। इसका नियमित सेवन मोटापा, इंसुलिन रेजिस्टेंस और टाइप-2 डायबिटीज के खतरे को बढ़ा सकता है। ज्यादा चीनी फैटी लिवर और शरीर में इन्फ्लेमेशन यानी सूजन बढ़ा सकती है।
दूध के फैट की जगह वेजीटेरियन फैट है नुकसानदायक
नॉर्मल आइसक्रीम के विपरीत, फ्रोजन डेजर्ट अक्सर वेजीटेरियन ऑयलों से बनाए जाते हैं। हालांकि सभी वेजीटेरियन ऑयल नुकसानदायक नहीं होते, लेकिन अत्यधिक प्रोसेस्ड फैट मिश्रण पोषण गुणवत्ता को प्रभावित कर सकता हैं और डेयरी उत्पादों जैसे फायदे भी पहुंचा सकता है।
कृत्रिम एडिटिव्स और स्टेबलाइजर
फ्रोजन डेजर्ट में स्वाद और बनावट बनाए रखने के लिए फ्लेवर एन्हांसर, इमल्सीफायर, रंग और प्रिजर्वेटिव्स का इस्तेमाल किया जाता है। हेल्थ को लेकर जागरूकता बढ़ने के कारण अब उपभोक्ता कम प्रोसेस्ड और साफ लेबल वाले उत्पादों की मांग कर रहे हैं।
गट हेल्थ और मेटाबॉलिज्म पर असर
एक्सपर्ट का मानना है कि जरूरत से ज्यादा प्रोसेस्ड फूड्स का सेवन करने से पाचन तंत्र और गट हेल्थ को नुकसान पहुंच सकता है। इससे पेट फूलना, कब्ज और मेटाबॉलिक असंतुलन जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
ज्यादा कैलोरी के साथ कम पोषण है नुकसानदायक
फ्रोजन डेजर्ट में चीनी और वसा से कैलोरी तो मिलती है, लेकिन इनमें कैल्शियम, प्रोटीन और विटामिन जैसे आवश्यक पोषक तत्व अपेक्षाकृत कम होते हैं।
डेयरी बेस्ड फूड्स क्यों है फ्रोजन फूड से बेहतर?
एक्सपर्ट के अनुसार, दूध और डेयरी उत्पादों में उच्च गुणवत्ता वाला प्रोटीन, कैल्शियम, फॉस्फोरस, पोटैशियम और विटामिन B12 जैसे महत्वपूर्ण पोषक तत्व स्वाभाविक रूप से मौजूद होते हैं। इसमें मौजूद प्रोटीन मांसपेशियों के निर्माण और मरम्मत में मदद करता है। कैल्शियम और फास्फोरस हड्डियों और दांतों को मजबूत बनाता हैं। विटामिन B12 नसों की हेल्थ और लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण के लिए जरूरी है। दूध का फैट पारंपरिक आइसक्रीम को बेहतर स्वाद और क्रीमी टेक्सचर देता है। एक्सपर्ट के मुताबिक डेयरी बेस्ड मिठाइयों का सेवन भी सीमित मात्रा में करना चाहिए, लेकिन वे फ्रोजन डेजर्ट की तुलना में अधिक पोषण देती हैं।
एक्सपर्ट सलाह
हेल्थ एक्सपर्ट संतुलित आहार अपनाने की सलाह देते हैं, जिसमें फल, सब्जियां, साबुत अनाज, मेवे और डेयरी उत्पाद शामिल हों। साथ ही, अत्यधिक प्रोसेस्ड खाद्य पदार्थों का सेवन सीमित रखना चाहिए। किसी भी पैकेज्ड फूड को खरीदने से पहले उसका लेबल पढ़ना और उसमें मौजूद सामग्री को समझना बेहतर स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है।
डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से है। किसी भी खाद्य पदार्थ को अपनी डाइट में शामिल करने या हटाने से पहले डॉक्टर या योग्य न्यूट्रिशनिस्ट की सलाह अवश्य लें। संतुलित आहार और हेल्दी लाइफस्टाइल बेहतर स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए आवश्यक हैं।



