
हम सभी जानते हैं कि ड्राई फ्रूट्स का सेवन सर्दियों में शरीर को गर्म रखने और एनर्जी देने में मदद करता है। लेकिन अक्सर लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि अगर ड्राई फ्रूट्स की तासीर गर्म होती है, तो क्या गर्मियों में इसका सेवन नहीं करना चाहिए? अधूरी जानकारी और सोशल मीडिया पर किए जाने वाले कई दावों के कारण लोग या तो गर्मियों में ड्राई फ्रूट्स खाना पूरी तरह बंद कर देते हैं या फिर उनका गलत तरीके से सेवन करते हैं। इससे कुछ लोगों को पेट खराब होना, एसिडिटी, अपच या शरीर में अत्यधिक गर्मी महसूस होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि आपको गर्मियों में ड्राई फ्रूट्स से पूरी तरह दूरी बना लेनी चाहिए। सही मात्रा और सही तरीके से सेवन करने पर ड्राई फ्रूट्स गर्मियों में भी शरीर को जरूरी पोषक तत्व, ऊर्जा और कई तरह के फायदे पहुंचा सकते हैं।
यशोदा हॉस्पिटल्स, हैदराबाद के कंसल्टेंट जनरल फिजिशियन एवं डायबिटोलॉजिस्ट डॉ. रंगा संतोष कुमार के अनुसार, ड्राई फ्रूट्स केवल सर्दियों के लिए ही फायदेमंद नहीं होते, बल्कि गर्मियों में भी सही मात्रा और सही तरीके से सेवन करने पर ये शरीर को कई फायदे पहुंचा सकते हैं। उनका कहना है कि सूखे मेवे शरीर को जरूरी पोषक तत्व देते हैं साथ ही साथ कमजोरी और थकान को दूर करते हैं। बॉडी में एनर्जी के स्तर को बनाएं रखने के लिए और ओवरऑल हेल्थ को बेहतर करने के लिए गर्मी में भी ड्राई फ्रूट्स का सेवन करना जरूरी है। आइए विशेषज्ञ से जानते हैं कि ड्राई फ्रूट्स के सेवन से सेहत को क्या-क्या फायदे मिलते हैं और गर्मियों में इन्हें खाने का सही तरीका क्या है।
गर्मी में बादाम खाएं
गर्मी में भीगे हुए बादाम खाना सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है। बादाम में विटामिन ई, मैग्नीशियम, फाइबर और प्रोटीन भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। यह शरीर को ऊर्जा देने के साथ-साथ समग्र स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में मदद कर सकता है। Journal of Food Science and Technology और European Journal of Nutrition के अनुसार, बादाम के छिलके में टैनिन (Tannin) होता है, जो प्रोटीन और आयरन का अवशोषण रोकता है। जब बादाम को 8 से 12 घंटे भिगोया जाता है, तो इसका फाइटिक एसिड का स्तर कम हो जाता है और लाइपेज (Lipase) नामक एंजाइम एक्टिव होता है, जो शरीर को फैट्स और विटामिन-ई को आसानी से पचाने में मदद करता है।
पिस्ता और पिस्ता खाएं
पिस्ता प्रोटीन, हेल्दी फैट, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट्स का अच्छा स्रोत है। भीगा हुआ पिस्ता शरीर में सूजन को कम करने और पोषण की जरूरतों को पूरा करने में मदद कर सकता है। काजू में हेल्दी फैट, फाइबर और कई जरूरी मिनरल्स मौजूद होते हैं। इसमें पाए जाने वाले कॉपर और जिंक जैसे पोषक तत्व इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने में मददगार हो सकते हैं। गर्मियों में काजू को भिगोकर खाने से इसे पचाना आसान हो जाता है।
Food Chemistry और International Journal of Food Sciences and Nutrition काजू और पिस्ता में जिंक, कॉपर और मैग्नीशियम जैसे मिनरल्स का जटिल ढांचा होता है। गर्मियों में इन्हें बिना भिगोए खाने से पेट में गर्मी और भारीपन हो सकता है। रिसर्च साबित करती है कि भिगोने से इनके स्टार्च और डेंस फैट्स का ब्रेकडाउन हो जाता है, जिससे यह आंतों (Gut) के लिए हल्के हो जाते हैं और इम्यून सिस्टम को तुरंत जिंक की आपूर्ति करते हैं।
अखरोट
ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर अखरोट मस्तिष्क और हृदय स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद माना जाता है। भीगे हुए अखरोट का सेवन शरीर में सूजन को कम करने और ब्रेन हेल्थ को सपोर्ट करने में मदद कर सकता है। The American Journal of Clinical Nutrition और Nutrients Journal की रिसर्च के मुताबिक अखरोट अल्फा-लिनोलेनिक एसिड (ALA) यानी प्लांट-बेस्ड ओमेगा-3 फैटी एसिड का सबसे बड़ा स्रोत है। क्लिनिकल ट्रायल्स में पाया गया है कि भीगे हुए अखरोट का सेवन धमनियों की सूजन को कम करता है, जिससे मस्तिष्क की कार्यप्रणाली (Cognitive Function) बेहतर होती है और खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) घटता है।
किशमिश और अंजीर खाएं
भीगी हुई किशमिश फाइबर, आयरन और पोटैशियम का अच्छा स्रोत होती है। इसका सेवन पाचन को बेहतर बनाने, ऊर्जा बढ़ाने और शरीर में जरूरी पोषक तत्वों की पूर्ति करने में मदद कर सकता है। अंजीर को पोषक तत्वों का खजाना माना जाता है। फाइबर से भरपूर भीगी हुई अंजीर पाचन को दुरुस्त रखने, शरीर की कमजोरी दूर करने और ऊर्जा बनाए रखने में मदद कर सकती है। Journal of Agricultural and Food Chemistry और गैस्ट्रोएंटरोलॉजी रिपोर्ट्स के मुताबिक किशमिश और अंजीर में अघुलनशील और घुलनशील फाइबर का बेहतरीन कॉम्बिनेशन होता है। जब इन्हें भिगोया जाता है, तो ये पानी सोखकर फूल जाते हैं और आंतों में जाकर एक नेचुरल लैक्सेटिव (Laxative) की तरह काम करते हैं। रिसर्च के अनुसार, भीगी हुई किशमिश से शरीर नॉन-हीम आयरन (Non-heme Iron) को बिना भीगी किशमिश की तुलना में 40% ज्यादा तेजी से अवशोषित करता है।
खजूर
खजूर में फाइबर, पोटैशियम, मैग्नीशियम और एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं। सीमित मात्रा में इसका सेवन शरीर को ऊर्जा देने और पाचन को बेहतर बनाए रखने में सहायक हो सकता है। International Journal of Food Sciences and Nutrition की एक समीक्षा के मुताबिक खजूर पोटैशियम और मैग्नीशियम जैसी प्राकृतिक शर्करा का पावर हाउस है। गर्मियों में पसीने के जरिए शरीर के इलेक्ट्रोलाइट्स निकल जाते हैं। सीमित मात्रा में भीगे खजूर का सेवन शरीर में तुरंत ग्लाइकोजन के स्तर को रीस्टोर करता है, जिससे गर्मियों में होने वाली सुस्ती और डिहाइड्रेशन से बचाव होता है।
कैसे करें सेवन?
विशेषज्ञों के अनुसार, ड्राई फ्रूट्स को रातभर पानी में भिगोकर सुबह सेवन करना बेहतर माना जाता है। गर्मियों के मौसम में ड्राई फ्रूट्स को भिगोकर (Soaking) खाना आधुनिक न्यूट्रिशन साइंस और क्लिनिकल रिसर्च के मानकों पर सबसे सही और वैज्ञानिक तरीका माना गया है। सूखे मेवों में प्राकृतिक रूप से फाइटिक एसिड (Phytic Acid) और एंजाइम इन्हिबिटर्स (Enzyme Inhibitors) होते हैं, जो शरीर को इनके पोषक तत्व पूरी तरह सोखने से रोकते हैं। भिगोने से ये तत्व निकल जाते हैं, इनकी तासीर सामान्य होती है और ये आसानी से पच जाते हैं। हालांकि, इनका सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए, क्योंकि अधिक मात्रा में खाने से कैलोरी का सेवन बढ़ सकता है। गर्मियों में सही तरीके से और संतुलित मात्रा में खाए गए ड्राई फ्रूट्स शरीर को पोषण, ऊर्जा और कई महत्वपूर्ण स्वास्थ्य लाभ प्रदान कर सकते हैं।
डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी और एक्सपर्ट की सलाह पूरी तरह से सामान्य जागरूकता और शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। जर्नल रिसर्च और डॉक्टर के सुझावों के बावजूद, हर व्यक्ति की शारीरिक प्रकृति, पाचन तंत्र और स्वास्थ्य स्थितियां अलग हो सकती हैं। गर्मियों में अपनी डाइट में किसी भी प्रकार का बड़ा बदलाव करने या औषधीय रूप में मेवों का सेवन शुरू करने से पहले अपने व्यक्तिगत डॉक्टर या प्रमाणित डाइटिशियन (Nutritionist) से परामर्श जरूर लें।



