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अडानी के इस शेयर में आई बड़ी तेजी, ₹13,225 करोड़ की विदेशी डील के बाद एक्सपर्ट्स ने दिया ₹2,000 का टारगेट

शेयर बाजार में बुधवार का दिन अडानी समूह के निवेशकों के लिए बेहद शानदार रहा. कंपनी के प्रमुख शेयरों में से एक Adani Ports ने तूफानी तेजी दिखाते हुए अपना 52 हफ्तों का नया रिकॉर्ड स्तर छू लिया. बुधवार के कारोबारी सत्र में यह शेयर 2.76 प्रतिशत की छलांग के साथ 1,860.20 रुपये पर पहुंच गया. पिछले एक साल में 28 फीसदी से ज्यादा की तेजी दिखाने वाले इस शेयर ने महज बीते तीन महीनों में ही निवेशकों को करीब 42 प्रतिशत का बंपर रिटर्न दिया है. इस जोरदार तेजी के पीछे एक बड़ी वजह सामने आई है. दरअसल, कंपनी ने दुनिया की दिग्गज शिपिंग फर्म MSC की एक इकाई के साथ करीब 13,225 करोड़ रुपये का भारीभरकम सौदा किया है. इस बड़ी डील और मजबूत कारोबारी विस्तार को देखते हुए ब्रोकरेज हाउस एमके शेयर को लेकर काफी बुलिश है.

अडानी के इस शेयर में आई बड़ी तेजी, ₹13,225 करोड़ की विदेशी डील के बाद एक्सपर्ट्स ने दिया ₹2,000 का टारगेट

13 हजार करोड़ की इस डील के मायने

अडानी पोर्ट्स ने दुनिया की सबसे बड़ी शिपिंग कंपनियों में शुमार एमएससी की कंटेनर टर्मिनल विंग ‘TiL’ के साथ एक अहम अंतिम समझौता किया है. इस सौदे के तहत, TiL अब अडानी विजिंजम पोर्ट प्राइवेट लिमिटेड में 49 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने जा रही है. यह महाडील लगभग 1.4 अरब डॉलर यानी 13,225 करोड़ रुपये में तय हुई है. इस बड़े विदेशी निवेश के बाद विजिंजम पोर्ट की कुल एंटरप्राइज वैल्यू 2.85 अरब डॉलर आंकी गई है. हालांकि, डील को पूरी तरह लागू होने से पहले जरूरी रेगुलेटरी मंजूरियों की प्रक्रिया से गुजरना होगा.

विजिंजम पोर्ट की क्षमता में होगा भारी इजाफा

इस साझेदारी का सीधा असर बंदरगाह के बुनियादी ढांचे और कामकाज पर पड़ेगा. अडानी समूह विजिंजम पोर्ट की कंटेनर हैंडलिंग क्षमता को कई गुना बढ़ाने की महत्वाकांक्षी योजना पर काम कर रहा है. अभी यह क्षमता 16 लाख TEU है, जिसे दिसंबर 2028 तक बढ़ाकर 57 लाख TEU करने का लक्ष्य रखा गया है. कंपनी प्रबंधन का मानना है कि क्षमता विस्तार के बाद बांग्लादेश का एक बड़ा ट्रांसशिपमेंट कार्गो ट्रैफिक विजिंजम पोर्ट की ओर आ सकता है, जो फिलहाल दक्षिणपूर्व एशिया के बंदरगाहों के जरिए संचालित होता है.

विदेशी कंपनी के साथ पुरानी है अडानी की साझेदारी

बाजार विश्लेषकों को इस नए प्रोजेक्ट में किसी तरह की संचालन संबंधी बाधा नजर नहीं आती. इसका मुख्य कारण यह है कि अडानी पोर्ट्स का एमएससी के साथ कामकाज का अनुभव नया नहीं है. दोनों कंपनियां पहले से ही देश के प्रमुख मुंद्रा तथा एन्नोर पोर्ट पर सफलतापूर्वक संयुक्त काम कर रही हैं. विजिंजम पोर्ट के प्रदर्शन की बात करें, तो इसने संचालन शुरू होने के शुरुआती 18 महीनों में ही 20 लाख TEU कंटेनर हैंडल कर एक बड़ा रिकॉर्ड बनाया था. खास बात यह है कि इस रिकॉर्ड में सबसे बड़ी हिस्सेदारी एमएससी के कार्गो की ही रही है.

निवेशकों के लिए क्या है ब्रोकरेज की सलाह?

इस बड़ी डील और भविष्य की शानदार रूपरेखा को देखते हुए बाजार के दिग्गज विश्लेषक काफी उत्साहित हैं. ब्रोकरेज हाउस एमके ने अपने वैल्युएशन में विजिंजम पोर्ट का मूल्य 2.85 अरब डॉलर ही माना है. ब्रोकरेज का स्पष्ट मानना है कि पोर्ट की बढ़ती क्षमता तथा विदेशी पार्टनरशिप से लंबी अवधि में कंपनी की ग्रोथ को एक मजबूत आधार मिलेगा. इसी भरोसे के चलते ब्रोकरेज ने अडानी पोर्ट्स के शेयर पर अपनी ‘BUY’ रेटिंग को बरकरार रखा है. साथ ही, निवेशकों के लिए मार्च 2027 का टारगेट प्राइस 1,900 रुपये से बढ़ाकर सीधे 2,000 रुपये कर दिया है.

Disclaimer: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए. TV9 भारतवर्ष अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है.

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