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Ram Mandir Donation Scam: चंपत राय और अनिल मिश्रा के खिलाफ FIR की मांग, आज थाने पहुंचेगा बार एसोसिएशन

Ram Mandir Donation Scam: अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच लगातार नए मोड़ ले रही है। अब विशेष जांच दल ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पिछले पांच वर्षों के ऑडिट और वित्तीय लेनदेन की गहन जांच करने का फैसला किया है। शुरुआती जांच में वित्तीय अनियमितताओं के संकेत मिलने के बाद हर लेनदेन और निर्माण कार्यों की भी बारीकी से पड़ताल की जाएगी।

Ram Mandir Donation Scam: चंपत राय और अनिल मिश्रा के खिलाफ FIR की मांग, आज थाने पहुंचेगा बार एसोसिएशन

चंपत राय और अनिल मिश्रा के खिलाफ FIR की मांग

राम मंदिर चढ़ावा मामले में अयोध्या बार एसोसिएशन ने बड़ा कदम उठाने का फैसला किया है। एसोसिएशन आज श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा और मंदिर निर्माण प्रभारी गोपाल राव के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग को लेकर थाना रामजन्मभूमि में तहरीर देगा। बार एसोसिएशन का कहना है कि यदि पुलिस शिकायत पर कार्रवाई नहीं करती है, तो वह अदालत का दरवाजा खटखटाएगा। एसोसिएशन का दावा है कि मामले की निष्पक्ष जांच और कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है। गौरतलब है कि राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच पहले से ही विशेष जांच दल कर रहा है। अब बार एसोसिएशन की इस पहल के बाद मामले में कानूनी और प्रशासनिक हलचल और तेज होने की संभावना है। 

पांच साल के ऑडिट की होगी जांच

सूत्रों के मुताबिक, SIT को अब तक ऐसे कई अहम साक्ष्य मिले हैं जो संभावित वित्तीय गड़बड़ियों की ओर इशारा करते हैं। इसी वजह से जांच का दायरा बढ़ाते हुए ट्रस्ट के पिछले पांच साल के ऑडिट और उससे जुड़े दस्तावेजों की भी समीक्षा की जाएगी। शासन ने जांच पूरी करने के लिए SIT को दो सप्ताह का अतिरिक्त समय दिया है और अब रिपोर्ट 15 जुलाई तक सौंपी जाएगी।

पूछताछ में अनिल मिश्रा का बड़ा दावा

सूत्रों के अनुसार, पूछताछ के दौरान ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा ने आरोप लगाया कि चढ़ावे की गणना करने वाले कर्मचारी टिन्नू यादव के निर्देश पर काम करते थे। उन्होंने अपनी किसी भी प्रत्यक्ष भूमिका से इनकार करते हुए पूरे मामले की जिम्मेदारी गणनाकर्मियों पर डाली है। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और SIT सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

बड़े पदाधिकारियों पर भी जांच की नजर

जांच एजेंसी वित्तीय रिकॉर्ड के साथसाथ ट्रस्ट के निर्माण कार्यों और प्रशासनिक फैसलों की भी समीक्षा कर रही है। सूत्रों का कहना है कि जांच की जद में ट्रस्ट के कुछ वरिष्ठ पदाधिकारी भी आ सकते हैं। इस सिलसिले में लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, आईजी किरण एस और विशेष वित्त सचिव नील रतन की बैठक के बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी।

6 जुलाई को ट्रस्ट की अहम बैठक

चढ़ावा चोरी मामला सामने आने के बाद 6 जुलाई को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की पहली बैठक होने जा रही है। इस बैठक में महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा के भविष्य को लेकर चर्चा हो सकती है। सूत्रों के अनुसार, यदि उनके इस्तीफों या पद से हटाने का प्रस्ताव आता है तो ट्रस्ट के बायलॉज के मुताबिक इसके लिए दोतिहाई बहुमत जरूरी होगा। वर्तमान में ट्रस्ट के 14 में से दो सदस्य इस्तीफा दे चुके हैं, ऐसे में 12 ट्रस्टियों की राय महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

पद से हटने पर भी ट्रस्ट की सदस्यता रहेगी

ट्रस्ट के नियमों के अनुसार, किसी पदाधिकारी को उसके पद से हटाया जा सकता है, लेकिन वह ट्रस्ट का सदस्य बना रह सकता है। यानी यदि महासचिव पद से बदलाव होता है तो भी चंपत राय की ट्रस्ट सदस्यता बनी रह सकती है।

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पहले भी वोटिंग से हुआ था बड़ा फैसला

रामलला की मूर्ति के चयन के समय भी ट्रस्ट ने मतदान की प्रक्रिया अपनाई थी। उस समय दोतिहाई बहुमत से प्रसिद्ध मूर्तिकार अरुण योगीराज की प्रतिमा का चयन किया गया था, जो आज राम मंदिर के गर्भगृह में स्थापित है। फिलहाल, SIT की जांच और 6 जुलाई को होने वाली ट्रस्ट बैठक दोनों पर सभी की नजरें टिकी हैं। आने वाले दिनों में इस मामले में कई अहम फैसले सामने आ सकते हैं।

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