TET Exam 2026: उत्तर प्रदेश के बदायूं में भाजपा नेता के रोड शो ने उस समय बड़ा विवाद खड़ा कर दिया, जब हाईवे पर लगे लंबे जाम के कारण कई उम्मीदवार की शिक्षक पात्रता परीक्षा TET छूटने का आरोप सामने आया। उम्मीदवारों का कहना है कि वे समय से पहले घर से निकले थे, लेकिन रोड शो के चलते कई किलोमीटर लंबे जाम में फंस गए और परीक्षा केंद्र तक तय समय में नहीं पहुंच सके। जिससे उनका एग्जाम छूट गया। अब सवाल उठ रहे हैं कि आखिर VIP कार्यक्रम के सामने छात्रों के भविष्य की जिम्मेदारी कौन लेगा?

क्या है पूरा मामला
बदायूं में भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष दुर्विजय सिंह शाक्य के आगमन पर बरेली से बदायूं तक भव्य रोड शो निकाला गया। रोड शो के दौरान हाईवे पर बड़ी संख्या में समर्थकों और वाहनों की मौजूदगी के चलते कई स्थानों पर लंबा जाम लग गया। सड़क पर वाहनों की कतार दूरदूर तक दिखाई दी और आम लोगों के साथसाथ परीक्षा देने जा रहे छात्रछात्राएं भी घंटों तक जाम में फंसे रहे। कई स्टूडेंट का आरोप है कि वे पर्याप्त समय लेकर निकले थे, लेकिन ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह चरमरा जाने के कारण परीक्षा केंद्र तक समय पर नहीं पहुंच सके।
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निष्पक्ष जांच की मांग
जाम में फंसे स्टूडेंट का कहना है कि उनके एक साल की मेहनत पर पानी फिर गया। समय पर परीक्षा केंद्र न पहुंच पाने के कारण उन्हें TET परीक्षा में शामिल होने का मौका नहीं मिला। छात्रों ने प्रशासन पर यातायात प्रबंधन में लापरवाही का आरोप लगाया है और मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। इसके साथ ही जिन स्टूडेंट की परीक्षा जाम के कारण छूटी है, उनके हित में उचित निर्णय लिया जाए। फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में भी चर्चा तेज हो गई है।
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