महाराष्ट्र के ठाणे जिले के अंबरनाथ में 21 वर्षीय युवक की कथित प्रेम संबंध के शक में हुई पिटाई के बाद मौत से इलाके में तनाव फैल गया। युवक की मौत की खबर सामने आते ही परिजनों और स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने एक पार्षद के कार्यालय पर पथराव कर तोड़फोड़ की। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पार्षद ने हमले में शामिल आरोपियों को संरक्षण दिया और उनके खिलाफ कार्रवाई से बचाने में मदद की। हालांकि पार्षद ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए अपने कार्यालय में तोड़फोड़ करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

पुलिस के अनुसार, अंबरनाथ पूर्व के पालेगांव इलाके में बुधवार को उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई जब 23 जून को हमले में गंभीर रूप से घायल हुए ओम खोरे की मुंबई के केईएम अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई।
पुलिस ने बताया कि ओम खोरे पर कथित तौर पर पांच से सात लोगों ने हमला किया था। आरोप है कि एक युवती के चाचा को संदेह था कि ओम खोरे उसकी भतीजी के साथ संबंध में था, जिसके चलते उस पर हमला किया गया। हमले में गंभीर रूप से घायल होने के बाद ओम खोरे को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। शिवाजीनगर पुलिस ने प्रारंभिक जांच के बाद तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था और दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था।
ओम खोरे की मौत की सूचना फैलते ही उनके परिजन, रिश्तेदार और सैकड़ों स्थानीय निवासी एकत्रित होकर पुलिस थाने की ओर मार्च निकालते हुए सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करने लगे।
पुलिस थाने की ओर जाते समय कुछ प्रदर्शनकारियों ने पालेगांव स्थित एक राष्ट्रीय राजनीतिक दल की पार्षद के कार्यालय पर कथित तौर पर पथराव किया और तोड़फोड़ की। मृतक के परिजनों का आरोप है कि पार्षद ने आरोपियों को संरक्षण दिया और उनके खिलाफ कार्रवाई से बचाने में सहायता की। पार्षद ने इन आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि उनका आरोपियों की मदद करने से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने उनके कार्यालय पर हमला करने वालों के खिलाफ सख्त पुलिस कार्रवाई की मांग भी की।
पुलिस थाने पहुंचने के बाद ओम खोरे के परिजनों ने सभी आरोपियों की गिरफ्तारी होने तक शव लेने और अंतिम संस्कार के लिए ले जाने से इनकार कर दिया। परिजनों का आरोप है कि उन्होंने शुरुआत में पुलिस को हमले में शामिल सात लोगों के नाम बताए थे, लेकिन अब तक केवल पांच लोगों के खिलाफ ही कार्रवाई की गई है।
पुलिस उपायुक्त सचिन गोरे ने बताया कि संदीप गवली, रवि परमार, नयन मडवी, सचिन पाटिल और राज देसेकर को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस शेष आरोपियों की तलाश में जुटी है और मामले की आगे की जांच जारी है।
घटना के बाद क्षेत्र में कानूनव्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय स्थिति को रोकने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। ओम खोरे की मौत के बाद उत्पन्न यह मामला अब पूरे इलाके में तनाव का कारण बना हुआ है, जबकि पुलिस सभी आरोपियों की गिरफ्तारी और मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के प्रयास में लगी है।



