अगर आप नौकरी करते हैं और आपकी सैलरी से हर महीने EPF कटता है, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है. में साफ किया गया है कि कर्मचारी के लिए हर महीने कम से कम ₹1,800 जमा करना ही जरूरी रहेगा. अगर कोई कर्मचारी इससे ज्यादा पैसा जमा करना चाहता है, तो उसे स्वैच्छिक योगदान माना जाएगा.

इस बदलाव के बाद उन कर्मचारियों के सामने एक नया विकल्प आ गया है, जिनका PF उनकी पूरी बेसिक सैलरी पर कटता है. वे चाहें तो अपना PF घटाकर सिर्फ ₹1,800 कर सकते हैं, जिससे हर महीने हाथ में आने वाली सैलरी बढ़ जाएगी. वहीं, अगर वे ज्यादा PF जमा करते रहते हैं, तो रिटायरमेंट के समय उनके पास बड़ा फंड तैयार हो सकता है. यह फैसला आपके और आपकी कंपनी निर्भर करेगा. लेकिन एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह फैसला सभी लोगों के लिए एक जैसा नहीं हो सकता. PF कम करने से पहले हर कर्मचारी को कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए.
1. अपनी उम्र और रिटायरमेंट को ध्यान में रखें
अगर आपकी उम्र 20 से 35 साल के बीच है, तो आपके पास रिटायरमेंट तक काफी समय है. ऐसे में ज्यादा EPF जमा करने से आपको कंपाउंडिंग का फायदा मिलेगा और रिटायरमेंट के समय बड़ी रकम तैयार हो सकती है. लेकिन अगर आप रिटायरमेंट के करीब हैं और पहले से पर्याप्त बचत कर चुके हैं, तो ज्यादा टेकहोम सैलरी आपके लिए ज्यादा उपयोगी हो सकती है.
2. अपने रिटायरमेंट लक्ष्य तय करें
PF कम करने से आपकी हर महीने की सैलरी तो बढ़ जाएगी, लेकिन भविष्य के लिए जमा होने वाला रिटायरमेंट फंड कम हो सकता है.
एक्सपर्ट्स का कहना है कि रिटायरमेंट की पूरी बचत सिर्फ EPF में रखना भी सही नहीं है. निवेश को अलगअलग विकल्पों में बांटना बेहतर माना जाता है. जैसे म्यूचुअल फंड, NPS, फिक्स्ड इनकम स्कीम भी अच्छे विकल्प हो सकते हैं.
3. क्या अभी ज्यादा पैसों की जरूरत है?
अगर आप होम लोन चुका रहे हैं, बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठा रहे हैं या किसी बड़े आर्थिक खर्च का सामना कर रहे हैं, तो PF को अनिवार्य ₹1,800 तक सीमित करके हर महीने ज्यादा सैलरी हाथ में ले सकते हैं. इससे आपके हाथ में ज्यादा कैश रहेगा.
4. टैक्स का भी रखें ध्यान
EPF में निवेश पर टैक्स से जुड़े कई फायदे मिलते हैं, लेकिन अगर आप अनिवार्य सीमा से ज्यादा पैसा जमा करना चाहते हैं, तो पहले उसके टैक्स नियमों को भी समझ लें. इसलिए सिर्फ रिटायरमेंट नहीं, बल्कि टैक्स बचत को भी ध्यान में रखकर फैसला लें.
5. सिर्फ EPF पर निर्भर न रहें
नई EPF स्कीम 2026 में स्वैच्छिक भविष्य निधि की सुविधा पहले की तरह जारी रहेगी. यानी कर्मचारी चाहें तो ₹1,800 से कहीं ज्यादा भी PF में जमा कर सकते हैं. हालांकि विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि रिटायरमेंट की पूरी बचत सिर्फ EPF में नहीं रखनी चाहिए. बेहतर होगा कि EPF के साथसाथ म्यूचुअल फंड, NPS, फिक्स्ड डिपॉजिट और अन्य निवेश विकल्पों में भी पैसा लगाया जाए. इससे जोखिम कम होता है और भविष्य में बेहतर रिटर्न मिलने की संभावना बढ़ जाती है.
आखिरकार क्या करें?
कुल मिलाकर बात इतनी है कि EPF Scheme 2026 में 12% योगदान की दर या रिटायरमेंट के फायदे नहीं बदले हैं. सिर्फ इतना बदलाव हुआ है कि अब कर्मचारी के पास यह विकल्प है कि वह अनिवार्य ₹1,800 से ज्यादा PF जमा करे या नहीं. लेकिन केवल हाथ में ज्यादा सैलरी पाने के लिए PF कम करना हमेशा सही फैसला नहीं होगा. कोई भी निर्णय लेने से पहले अपनी उम्र, रिटायरमेंट की योजना, मौजूदा खर्च, टैक्स और दूसरे निवेशों को ध्यान में जरूर रखें.



