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2030 में कुछ ऐसा होगा दिल्ली-NCR… छतों पर उतरेंगी टैक्सियां, ड्रोन से घर पहुंचेगा कूरियर, मास्टरप्लान के बारे में जानें सब कुछ

Urban Air Mobility Vertiport: आने वाले एक दशक के भीतर दिल्लीराष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में शहरी यातायात का स्वरूप पूरी तरह से बदला हुआ और हाईटेक नजर आएगा. सड़कों पर लगने वाले भीषण जाम से निजात दिलाने के लिए अब सरकार आसमान में परिवहन का एक नया नेटवर्क बुन रही है. एनसीआर प्लानिंग बोर्ड ने एक दूरदर्शी महायोजना तैयार की है, जिसके तहत भविष्य में गगनचुंबी इमारतों की छतों पर इलेक्ट्रिक एयर टैक्सी उतारने की तैयारी की जा रही है.

2030 में कुछ ऐसा होगा दिल्ली-NCR… छतों पर उतरेंगी टैक्सियां, ड्रोन से घर पहुंचेगा कूरियर, मास्टरप्लान के बारे में जानें सब कुछ

इस योजना के धरातल पर उतरने के बाद यात्री सड़कों पर ट्रैफिक में फंसे बिना चंद मिनटों में अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे. आइए जानते हैं कि इस फ्यूचरिस्टिक ट्रांसपोर्ट प्लान के तहत दिल्लीNCR में क्याक्या बड़े बदलाव होने जा रहे हैं.

एनसीआर प्लानिंग बोर्ड ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सभी चार राज्यों, दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के लिए बेहद कड़े और आधुनिक दिशानिर्देश जारी किए हैं. साल 2030 तक इन राज्यों के प्रत्येक जिला मुख्यालय पर ड्रोन सुविधाएं, हेलिपैड और अनमैन्ड एरियल व्हीकल के लिए विशेष लॉन्चिंग और पार्किंग एरिया बनाना अनिवार्य करने की सिफारिश की गई है.

इमारतों की छतों पर हेलिपैड

भविष्य की जरूरतों को देखते हुए एनसीआर की सभी महत्वपूर्ण और ऊंची व्यावसायिक व आवासीय इमारतों की छतों पर हेलिपैड बनाने की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं. इसके लिए विमानन सुरक्षा मंजूरी और सरकारी नियमों का सख्ती से पालन करना होगा.

रेलवे स्टेशनों और बस अड्डों की छतों पर बनेंगे वर्टीपोर्ट

एयर टैक्सियों और ड्रोन के सुरक्षित टेकऑफ और लैंडिंग के लिए साधारण रनवे की जगह विशेष प्रकार के स्टेशन बनाए जाएंगे, जिन्हें ‘वर्टीपोर्ट’ कहा जाता है. ये वर्टीपोर्ट एनसीआर के प्रमुख रेलवे स्टेशनों, बड़े बस अड्डों और मुख्य मेट्रो स्टेशनों की छतों पर विकसित किए जाएंगे. इसका सबसे बड़ा फायदा ये होगा कि कोई भी यात्री ट्रेन या बस से उतरकर सीधे स्टेशन की लिफ्ट से छत पर जा सकेगा और वहां से एयर टैक्सी पकड़कर अपने ऑफिस या घर के लिए रवाना हो सकेगा.

आसमान से होगी सुरक्षा की निगरानी, कूरियर भी पहुंचेगा सुपरफास्ट

इस अर्बन एयर मोबिलिटी नेटवर्क के तैयार होने से न सिर्फ आम जनता का सफर आसान होगा, बल्कि प्रशासनिक और कमर्शियल सेक्टर में भी क्रांति आएगी. पुलिस विभाग आसमान से ही कैमरों और ड्रोन के जरिए ट्रैफिक मैनेजमेंट और सुरक्षा व्यवस्था की लाइव निगरानी कर सकेगा.

बाढ़, आगजनी, या किसी भी मेडिकल इमरजेंसी की स्थिति में दवाइयां, राहत सामग्री और डॉक्टरों की टीम को तुरंत मौके पर पहुंचाया जा सकेगा. इसके लिए चार्टर विमानों के लिए अलग से विशेष सुविधाएं विकसित की जाएंगी. ईकॉमर्स कंपनियों के सामान और कूरियर की डिलीवरी ड्रोन के जरिए बेहद कम समय में सीधे ग्राहकों के घरों तक की जा सकेगी.

ग्रीन एनर्जी और एयरपोर्ट कनेक्टिविटी पर मुख्य फोकस

प्लानिंग बोर्ड का अनुमान है कि अगले 10 वर्षों में पूरी तरह बिजली से चलने वाली एयर टैक्सियां सड़कों का विकल्प बन जाएंगी. इन बैटरी चालित विमानों के लिए बड़े पैमाने पर चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, हाइड्रोजन फ्यूलसेल टेक्नोलॉजी और उनके सुरक्षित स्टोरेज सिस्टम को विकसित किया जाएगा.

योजना में सबसे ज्यादा जोर इस बात पर दिया गया है कि NCR के प्रत्येक जिला मुख्यालय की हवाई कनेक्टिविटी सीधे बड़े इंटरनेशनल एयरपोर्ट्स जैसे दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट या जेवर के नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से हो, ताकि बिजनेस ट्रैवल और वीआईपी मूवमेंट को रफ्तार मिल सके.

बदलते वक्त और आधुनिक टेक्नोलॉजी को अपनाते हुए सरकार बुलेट ट्रेन चलाने से लेकर आसमान में एयर टैक्सी उड़ाने तक के सभी बड़े विकल्पों पर तेजी से काम कर रही है, जो दिल्लीNCR के रियल्टी और ट्रांसपोर्ट सेक्टर को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा.

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