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विटामिन B12 की कमी शरीर को बना सकती है कमजोर, पाचन पर भी पड़ सकता है असर; जानिए लक्षण और बचाव…

विटामिन B12 की कमी शरीर को बना सकती है कमजोर, पाचन पर भी पड़ सकता है असर; जानिए लक्षण और बचाव…

क्या आप भी बिना किसी भारी काम के दिनभर थकान, कमजोरी या सुस्ती महसूस करते हैं? अक्सर लोग इसे काम का तनाव या नींद की कमी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। हालांकि, कई मामलों में ये लक्षण शरीर में विटामिन B12 की कमी का संकेत भी हो सकते हैं। विटामिन B12 नसों को स्वस्थ रखने, रेड ब्लड सेल्स बनाने और शरीर के कई जरूरी कार्यों के लिए अहम पोषक तत्व है।

अपोलो दिल्ली के सर्जन डॉ. अंशुमान कौशल ने इंस्टाग्राम पर वीडियो शेयर कर बताया कि कई मरीजों में बी 12 की कमी के लक्षण जैसे थकान, पैरों में झनझनाहट,याददाश्त से जुड़ी समस्याओं, मूड स्विंग के रूप में दिखते हैं जिसे अक्सर लोग नजरअंदाज कर देते हैं। कुछ लोगों में विटामिन बी 12 की कमी से पाचन से जुड़ी परेशानी भी हो सकती है। आइए एक्सपर्ट से समझते हैं कि बी 12 की कमी कैसे पाचन को प्रभावित करती है, इसके मुख्य लक्षण क्या हैं और इससे सुरक्षित तरीके से कैसे बचा जा सकता है?

विटामिन बी 12 की कमी क्या है?

विटामिन B12 की कमी (Vitamin B12 Deficiency) एक ऐसी स्थिति है जिसमें शरीर में इस विटामिन का स्तर नॉर्मल स्तर से काफी कम हो जाता है। ये परेशानी सबसे ज्यादा शाकाहारी लोगों में होती है। Harvard Health और National Institutes of Health (NIH) की रिपोर्ट्स के मुताबिक, विटामिन B12 प्राकृतिक रूप से केवल पशु-आधारित खाद्य पदार्थों में पाया जाता है। यही कारण है कि शाकाहारी और विशेषकर वीगन (Vegan) आबादी में इसकी कमी का खतरा 60% से 80% तक देखा गया है।

विटामिन B12 बॉडी के लिए जरूरी विटामिन है जिसे हमारी बॉडी खुद नहीं बनाती बल्कि इसे डाइट से हासिल किया जाता है। इस विटामिन का काम डीएनए बनाना, स्वस्थ लाल रक्त कोशिकाओं (Red Blood Cells) का निर्माण करना, मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र (Nervous System) का सही कामकाज रखना और ऊर्जा का उत्पादन करना होता है। इसकी कमी होने पर बॉडी में ऑक्सीजन की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है और बॉडी में कुछ लक्षण दिख सकते हैं।

बात करें इसकी कमी से होने वाली परेशानियों की तो लगातार थकान होना, कमजोरी, हाथ-पैरों में झुनझुनी, संतुलन बिगड़ना, याददाश्त में कमी और कुछ मामलों में एनीमिया जैसी समस्याएं हो सकती हैं। यदि लंबे समय तक इस कमी का इलाज न किया जाए, तो नसों को स्थायी नुकसान भी पहुंच सकता है। बॉडी में इस विटामिन की कमी को पूरा करने के लिए दूध, दही, अंडे, मछली, चिकन और मांस जैसे एनिमल बेस्ड फूड्स का सेवन करें।

बी 12 की कमी कैसे पाचन को करती है प्रभावित

विटामिन B12 सीधे तौर पर भोजन को पचाने का काम नहीं करता, लेकिन यह पाचन तंत्र (Digestive System) की कोशिकाओं और नसों को हेल्दी रखने में अहम किरदार निभाता है। बॉडी में इस विटामिन की कमी होने पर पाचन तंत्र प्रभावित हो सकता है। रिसर्च बताती है कि पेट में बनने वाला ‘इंट्रिन्सिक फैक्टर’ (Intrinsic Factor) नाम का प्रोटीन विटामिन B12 को अवशोषित करने के लिए जरूरी होता है। उम्र बढ़ने के साथ या ‘पर्निशियस एनीमिया’ (Pernicious Anemia) के कारण जब यह प्रोटीन कम बनता है, तो शरीर भोजन से B12 सोख नहीं पाता, जिससे गैस, कब्ज और भूख न लगना जैसी पेट की समस्याएं शुरू हो जाती हैं।

बॉडी में इस विटामिन की कमी होने से कुछ लोगों को भूख कम लगती है, जी मिचलाना, मतली (Nausea), कब्ज या दस्त, पेट में गैस, पेट फूलना और वजन कम होने जैसी समस्याएं देखने को मिल सकती हैं। इसके अलावा, विटामिन B12 की कमी आंतों और पेट से जुड़े कुछ रोगों, जैसे Pernicious anemia, Crohn’s disease का कारण बन सकती है, क्योंकि इन स्थितियों में शरीर भोजन से विटामिन B12 को ठीक से अवशोषित (Absorb) नहीं कर पाता। हालांकि पाचन से जुड़ी समस्याएं सिर्फ बी 12 की कमी के कारण नहीं बल्कि और भी कई कारणों की वजह से हो सकती है।

विटामिन B12 की कमी पूरी करने के लिए क्या खाएं?

विटामिन B12 की कमी को दूर करने के लिए सबसे अच्छे प्राकृतिक स्रोत पशु-आधारित खाद्य पदार्थ हैं। नॉनवेज खाने वाले लोग अपनी डाइट में मछली, चिकन, अंडे, लाल मांस (Red Meat), दूध, दही और पनीर जैसी चीजें शामिल कर सकते हैं। वहीं, शुद्ध शाकाहारी लोगों के लिए नेचुरल रूप से विटामिन B12 के विकल्प सीमित होते हैं। ऐसे में वे B12-फोर्टिफाइड (Vitamin B12 Fortified) दूध, प्लांट-बेस्ड मिल्क, ब्रेकफास्ट सीरियल्स और न्यूट्रिशनल यीस्ट जैसे फोर्टिफाइड खाद्य पदार्थों का सेवन कर सकते हैं। यदि शरीर में B12 की कमी अधिक हो, तो डॉक्टर की सलाह पर विटामिन B12 सप्लीमेंट्स या इंजेक्शन की जरूरत पड़ सकती है।

क्या फल और सब्जियां विटामिन B12 की कमी पूरी करते हैं?

सेब, केला, संतरा, आम और ब्लूबेरी जैसे फल विटामिन B12 के स्रोत नहीं हैं। हरी पत्तेदार सब्जियों में भी यह न के बराबर होता है। शाकाहारी लोगों के लिए केवल फोर्टिफाइड फूड्स जैसे कुछ खास अनाज या प्लांट मिल्क या डेयरी प्रोडक्ट्स  जैसे दूध, पनीर ही बी 12 का एकमात्र जरिया हैं। ये विटामिन, मिनरल्स, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होता हैं, जो शरीर के समग्र स्वास्थ्य और इम्यूनिटी को बेहतर बनाए रखने में मदद करते हैं। इसलिए इन्हें संतुलित आहार का हिस्सा जरूर बनाना चाहिए, लेकिन केवल फलों के भरोसे विटामिन B12 की कमी पूरी नहीं किया जा सकता।

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