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यूरिया-DAP की किसानों को नहीं होगी कमी, उर्वरक सप्लाई पर सरकार का बड़ा अपडेट

पश्चिम एशिया में हाल के तनाव और संघर्ष के बावजूद भारत में उर्वरकों की आपूर्ति पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा है. रसायन और उर्वरक मंत्रालय ने रविवार को बताया कि भारत के लिए उर्वरक और कच्चा माल लेकर आने वाले 20 जहाजों में से 15 सुरक्षित रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर चुके हैं और तय समय के अनुसार भारतीय बंदरगाहों की ओर बढ़ रहे हैं. इन जहाजों में 8 जहाज करीब 3.32 लाख टन यूरिया, 4 जहाज 2.57 लाख टन डीएपी और 3 जहाज 1.11 लाख टन सल्फर लेकर आ रहे हैं.

यूरिया-DAP की किसानों को नहीं होगी कमी, उर्वरक सप्लाई पर सरकार का बड़ा अपडेट

पांच और जहाज जल्द पहुंचेंगे

मंत्रालय के मुताबिक, पांच अन्य जहाज भी भारत के लिए रवाना होने वाले हैं. इनमें एक जहाज 0.25 लाख टन अमोनिया और दूसरा 0.45 लाख टन यूरिया लेकर आएगा. इसके अलावा दो और यूरिया जहाजों तथा एक सल्फर जहाज पर फिलहाल माल लोड किया जा रहा है. सरकार को उम्मीद है कि ये सभी जहाज भी तय समय पर भारत पहुंच जाएंगे.

नए देशों से भी की गई आपूर्ति की व्यवस्था

सरकार ने बताया कि पश्चिम एशिया में संघर्ष के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य से समुद्री यातायात प्रभावित हुआ था. हालांकि, समय पर योजना बनाने, लगातार निगरानी और बेहतर तालमेल की वजह से उर्वरकों की आपूर्ति में कोई बड़ी रुकावट नहीं आने दी गई.

आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने ओमान, मलेशिया, वियतनाम, जॉर्जिया, नाइजीरिया, रूस, फिनलैंड, मिस्र, अल्जीरिया, तुर्किये और नीदरलैंड जैसे देशों से यूरिया की व्यवस्था की. वहीं डीएपी और एनपीके उर्वरक रूस, मोरक्को, मिस्र, अमेरिका, जॉर्डन, दक्षिण कोरिया, ट्यूनीशिया और सऊदी अरब से लाल सागर मार्ग के जरिए मंगाए गए.

उत्पादन बढ़ा, भंडार भी मजबूत

केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि पश्चिम एशिया संकट से वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हुई, जिससे उर्वरकों की कीमतें और डिलीवरी का समय बढ़ा. इसके बावजूद केंद्र सरकार ने समय रहते कदम उठाकर किसानों के हितों की रक्षा की है.

मंत्रालय के अनुसार, संकट के दौरान उर्वरक संयंत्रों को प्राकृतिक गैस की आपूर्ति करीब 65 फीसदी तक घट गई थी, लेकिन अब यह पूरी तरह सामान्य हो चुकी है. इसके चलते देश के सभी यूरिया संयंत्र पूरी क्षमता से काम कर रहे हैं.

वित्त वर्ष 202627 की पहली तिमाही में घरेलू यूरिया उत्पादन 67.86 लाख टन के लक्ष्य के मुकाबले 71.55 लाख टन रहा. वहीं डीएपी उत्पादन भी लक्ष्य से अधिक होकर 9.84 लाख टन पहुंच गया. एनपीके का उत्पादन 20.77 लाख टन और एसएसपी का उत्पादन 13.50 लाख टन दर्ज किया गया.

किसानों के लिए पर्याप्त उर्वरक उपलब्ध

सरकार ने बताया कि भारत ने अपनी 383.9 लाख टन की वार्षिक आवश्यकता के मुकाबले 197.56 लाख टन उर्वरकों का भंडार पहले ही तैयार कर लिया है, जो कुल जरूरत का 51 फीसदी से ज्यादा है. मंत्रालय का कहना है कि पर्याप्त स्टॉक, घरेलू उत्पादन में बढ़ोतरी और कई देशों से आयात के कारण देशभर में उर्वरकों की उपलब्धता बनी हुई है. सरकार ने भरोसा दिलाया कि किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए हर जरूरी कदम आगे भी उठाए जाते रहेंगे.

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