India

PoJK में बगावत की हुंकार, ‘हम तुम्हारी मौत हैं’ के नारों ने बढ़ाई इस्लामाबाद की बेचैनी

PoJK में बगावत की हुंकार, ‘हम तुम्हारी मौत हैं’ के नारों ने बढ़ाई इस्लामाबाद की बेचैनी

पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoJK) के अलग-अलग शहरों में रविवार (5 जुलाई, 2026) को प्रदर्शन शुरू होने के 27वें दिन पाकिस्तान की हुकूमत और फौज के खिलाफ लाखों की संख्या में लोग सड़कों पर इकट्ठा हो गए और जुल्म जबर के खिलाफ आजादी के नारे लगा रहे हैं, हिंदुस्तान के साथ वापस आने का इशारा कर रहे हैं और हिंदुस्तान से खाना मांग रहे हैं. पाकिस्तानी हुकूमत और सेना के खिलाफ प्रदर्शन में बच्चे, बुजुर्ग, युवा, महिलाएं सब सड़कों पर हैं और पीओके में पाकिस्तान के जुल्म की दास्तान सुना रहे हैं.

‘है हक हमारा आजादी, हम लेके रहेंगे आजादी, मौला देंगे आजादी, मेरे मौला देंगे आजादी, हम लेके रहेंगे आजादी, हम लेके रहेंगे आजादी, है हक हमारा आजादी, तू क्यों ना देगा आजादी, तू क्यों ना देगा आजादी, है हक हमारा आजादी, है हक हमारा आजादी’ ये वो नारे हैं, जो रविवार (5 जुलाई, 2026) को पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के कोटली इलाके में लगाए गए, जिसकी वीडियो और तस्वीरें एबीपी न्यूज के पास मिली हैं.

पाकिस्तानी हुकूमत के खिलाफ बगावत में महिलाएं-बच्चे शामिल

पाकिस्तान के खिलाफ विद्रोह में क्या महिलाएं, क्या बच्चे सभी आज सड़कों पर हैं. ‘सहूलत्कारों देख लो हम तुम्हारी मौत हैं, हुक्मरानों देख लो हम तुम्हारी मौत हैं.. ‘ के साथ रविवार को पीओके का रावलकोट और हथियाबाला गूंज उठा, जहां रावलकोट के पानीवाला इलाके में हजारों महिलाओं ने इन नारों के साथ पाकिस्तानी हुकूमत को चुनौती दी, तो हथिया बाला में टिम्बर का डंडा लिए हजारों युवाओं ने पाकिस्तान को अपना रूख बताया.

“गलियों से बाजारों से, इंकलाब आएगा, बच्चा तेरी मेहनत से, इंकलाब आएगा, नौजवानों तेरी मेहनत से, इंकलाब आएगा, बुजुर्गों तेरी मेहनत से, इंकलाब आएगा, आएगा भाई आएगा, इंकलाब आएगा, खून रंग लाएगा… इंकलाब आएगा” ये नारे पीओके के बच्चों ने रविवार को स्कूल की छुट्टी के दिन रैली निकालकर लगाए और पाकिस्तान को बताया की पीओके का भविष्य पाकिस्तान के बिल्कुल खिलाफ है. पालंद्री से लेकर ददियाल, मीरपुर, कोटली, बाग हर तरफ बस पाकिस्तानी हुकूमत के खिलाफ लोग सड़कों पर पाकिस्तान के अवैध कब्जे को ललकार रहे हैं और अपनी आजादी मांग रहे हैं.

पाकिस्तानी हुकूमत ने पिछले महीने 5 जून को प्रदर्शन शुरू होने के 5 दिन पहले पूरे पीओके में इंटरनेट बंद किया था और उसी दिन पीओके में गोलीबारी की शुरुआत की थी, जिसमें अब तक 58 लोगों की मौत हो चुकी है. इसी की वजह से रविवार (5 जुलाई, 2026) को पाकिस्तान के जुल्म शुरू होने के एक महीने पूरे होने पर पूरे पीओके में प्रदर्शन किया जा रहा है.

पीओके में रविवार (5 जुलाई) को एक बार पाकिस्तानी सेना ने प्रदर्शन को कुचलने के लिए निहत्थे प्रदर्शनकारियों पर ददियाल और मुजफ्फराबाद के नीलाम पुल पर गोलियां चलाई, जिसमें 8 प्रदर्शनकारी घायल हैं. साथ ही, कल शनिवार (4 जुलाई, 2026) को भी रावलकोट के ईदगाह मैदान पर सुबह-सुबह फजर की नमाज के समय पाकिस्तानी सेना के रेंजर्स ने रावलाकोट के ईदगाह मैदान पर फायरिंग की थी, जहां पर पिछले 27 दिन से 80 हजार प्रदर्शनकारी डटे हुए हैं.

पाकिस्तानी फौज के आगे झुकने के लिए तैयार नहीं पीओके

मुजफ्फराबाद के नीलम पुल से आई तस्वीरों में साफ-साफ दिख रहा है कि जहां एक तरफ अजान चल रही है और दूसरी तरफ पाकिस्तानी रेंजर्स लोगों पर गोली चला रहे हैं. इसी तरह ददियाल में भी AK-47 से फायरिंग की तस्वीर दिख रही है. गोलीबारी के बावजूद, पीओके के लोग पाकिस्तानी फौज और पीओके की पुलिस के सामने झुकने को तैयार नहीं हैं. कई तस्वीरें और वीडियो ऐसी भी एबीपी न्यूज के पास आईं हैं, जहां पर लोग रेंजर्स और पुलिस के सामने इंकलाब के नारे लागा रहे हैं और बाइक पर मार्च कर रहे हैं.

contact.satyareport@gmail.com

Leave a Reply