
अयोध्या के भव्य राम जन्मभूमि मंदिर में रामलला के चढ़ावे में हुई चोरी के मामले में पुलिस का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है. इस मामले में गिरफ्तार किए गए आठ आरोपियों में से एक अविनाश शुक्ला को पुलिस ने कोर्ट से 13 घंटे की रिमांड पर लिया था. इस 13 घंटे की पुलिस पूछताछ में अविनाश ने ऐसे कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं, जिसने जांच अधिकारियों को भी हैरान कर दिया है.
सरकारी टीचर भाई के नाम पर खरीदी कार
पुलिस की जांच और पूछताछ में सबसे बड़ा खुलासा यह हुआ है कि अविनाश शुक्ला केवल 12 से 13 हजार रुपये की मामूली नौकरी करता था. लेकिन रामलला के चढ़ावे से चोरी किए गए पैसों से उसने ऐशो-आराम के साधन जुटाने शुरू कर दिए थे. अविनाश ने चोरी की रकम से एक सेकंड हैंड कार खरीदी. किसी को उस पर शक न हो, इसलिए उसने यह कार अपने भाई अभिषेक के नाम पर ट्रांसफर कराई, जो कि एक सरकारी स्कूल में टीचर है. पुलिस ने अविनाश की निशानदेही पर इस कार (गाड़ी संख्या: UP 42 AP 6054) को बरामद कर राम जन्मभूमि थाने में खड़ा कर दिया है.
45 दिनों के CCTV फुटेज देखकर फूटा घड़ा
पुलिस के सामने शुरुआती पूछताछ में अविनाश खुद को बिल्कुल निर्दोष बताता रहा. लेकिन जब अयोध्या पुलिस ने उसके सामने 45 दिनों के वो सीसीटीवी (CCTV) फुटेज रख दिए, जिसमें वह साफ तौर पर चढ़ावे की चोरी करते हुए कैद हुआ था तो वह पूरी तरह टूट गया. इसके बाद उसने परत-दर-परत पूरी साजिश का पर्दाफाश कर दिया.



