
सोशल मीडिया पर एक क्रिएटर को रईसी दिखाना भारी पड़ गया. उसकी रील्स देखने वाले तीन लोगों ने मिलकर उसे किडनैप कर लिया. पुलिस ने तीनों आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और उसका जुलूस निकाला.
Kidnapping Case: सोशल मीडिया पर महंगे मोबाइल, लग्जरी लाइफ और रईसी दिखाने वाली रील्स बनाना मध्य प्रदेश के एक युवक को भारी पड़ गया. उसके फॉलोअर्स ने उसकी रील्स देखी, उन्हीं ने उसे अगवा कर लिया. परिवार से 10 लाख रुपये की फिरौती मांग डाली. हालांकि पुलिस की तेजी से की गई कार्रवाई की वजह से युवक सुरक्षित घर लौट आया और तीनों आरोपी गिरफ्तार कर लिए गए.
यह मामला मध्य प्रदेश के पन्ना जिले के पवई का है. पीड़ित की पहचान 19 वर्षीय अंशुल उर्फ कान्हा डेंगरे के रूप में हुई है. बताया गया कि कान्हा सोशल मीडिया पर अक्सर महंगे मोबाइल, स्टाइलिश लाइफस्टाइल और रईसी दिखाने वाली रील्स पोस्ट करता था.
रिहाई के बदले मांगे 10 लाख
बता दें कि 27 जून को तीन लोगों ने कान्हा का अपहरण कर लिया. आरोपियों ने परिवार से उसकी रिहाई के बदले 10 लाख रुपये की मांग की. बेटे की सुरक्षा को देखते हुए परिजनों ने पहले आरोपियों के बैंक खाते में 1.48 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए. इसके साथ ही उन्होंने पुलिस को भी पूरी घटना की जानकारी दी.
तीन आरोपी गिरफ्तार
सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आ गई और सबसे पहले जिस बैंक खाते में पैसे भेजे गए थे. उसे तुरंत फ्रीज कराया गया. इसके बाद तकनीकी जांच और लगातार तलाश के आधार पर पुलिस ने अंशुल को सुरक्षित बरामद कर लिया और तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने इस मामले में राजकमल रजक, राजकुमार पाल और शिवेंद्र सिंह को गिरफ्तार किया. उनके पास से एक पिस्तौल, दो देशी कट्टे और वारदात में इस्तेमाल की गई दो मोटरसाइकिलें भी बरामद हुईं.
निकाला गया जुलूस
गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों का पवई नगर की सड़कों पर पैदल जुलूस निकाला. पुलिस का कहना है कि इसका उद्देश्य अपराधियों को सख्त संदेश देना और लोगों में कानून के प्रति भरोसा बढ़ाना था. बाद में तीनों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया.
इससे पहले भी हुआ ऐसा केस
ऐसा पहला मामला नहीं है, जब सोशल मीडिया पर रईसी दिखाना किसी के लिए मुसीबत बन गया हो. इससे पहले मध्य प्रदेश के शिवपुरी में रचना गुर्जर नाम की महिला ने सोशल मीडिया पर अपने महंगे गहनों की रील शेयर की थी. इसके कुछ समय बाद चोरों ने उनके घर को निशाना बनाया और लाखों रुपये के गहने चोरी कर लिए थे. यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि सोशल मीडिया पर अपनी निजी जानकारी, महंगी चीजें या संपत्ति का दिखावा करना कभी-कभी अपराधियों के लिए आसान सुराग बन सकता है.



