अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के इस्तीफे को लेकर ट्रस्ट के अंदर बड़ी उथलपुथल मची हुई है. इस मामले पर ट्रस्ट में दो राय हैं. चंपत राय और उनके समर्थक ट्रस्ट से परमानेंट छुट्टी के पक्ष में नहीं हैं. इस्तीफे के बाद चंपत राय की अयोध्या से विदाई हो सकती है. इसलिए कुछ सदस्य चंपत राय की विदाई पर मौन सहमति जताते हैं. कुछ सदस्य चंपत के पक्ष में भी हैं, दिनेंद्र दास तो बयान भी देते रहे हैं. दिनेंद्र दास स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए बैठक की पूर्व संध्या अयोध्या से बाहर निकल गए.

वहीं कल तक वो लोगों से मिल भी रहे थे और मुस्कुराते हुए मीडिया से बातचीत भी कर रहे थे. विशेष बैठक आपात स्थिति में बुलाई गई है इसके बावजूद बैठक से दूरी बनाने पर भी सवाल है? क्या ये जान बूझ कर किया गया है या किसी ने उनसे ऐसा कहा है. गोपालजी राव उनका खुल कर विरोध करते रहे हैं.
आज होगी अहम बैठक
राम मंदिर के दान में हेराफेरी के आरोपों को लेकर बने विवाद के बीच, श्री राम जन्मभूमि ट्रस्ट आज दोपहर 3 बजे एक अहम बैठक कर रहा है. इस बैठक में चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे पर फैसला लिया जाएगा. सुरक्षा कारणों से बैठक की जगह बदल दी गई है. अब यह राम मंदिर परिसर में होगी, पहले मणि रामदास छावनी में होनी थी.
पहली बार ऐसा हो रहा है कि चंपत राय और अनिल मिश्रा बैठक में शामिल नहीं होंगे. इस बैठक में जरूरी मुद्दों पर वोटिंग भी हो सकती है. ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी ने कहा कि नकद दान से जुड़े सिर्फ दो मामलों को छोड़कर, वे किसी और लेनदेन में शामिल नहीं थे.
राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक में शामिल होने के लिए रविवार को कई महत्वपूर्ण सदस्य अयोध्या पहुंच गए हैं. प्रयागराज से स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती, हरिद्वार से परमानंद गिरि महाराज, पुणे से कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि शामिल हैं. निर्मोही अखाड़े के प्रमुख महंत दिनेंद्र दास रविवार को अयोध्या से बाहर थे, लेकिन उम्मीद है कि वे बैठक में शामिल होंगे. जो सदस्य व्यक्तिगत रूप से बैठक में नहीं आ सके, उन्हें वीडियो लिंक भेज दिया गया है ताकि वे ऑनलाइन अपनी राय दे सकें.


