अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के इस्तीफे को लेकर ट्रस्ट के अंदर बड़ी उथलपुथल मची हुई है. इस बीच सोमवार दोपहर ट्रस्ट की बैठक शुरू हो गयी है. एकएक कर सभी सदस्य बैठक में पहुंच गए हैं. महंत नृत्य गोपाल दास की अध्यक्षता में यह बैठक हो रही है. बैठक में चंपत के इस्तीफे पर फैसला हो सकता है. बैठक के आरंभ में गोविंद देव गिरि ने बैठक का एजेंडा रखा.

दरअसल, ट्रस्ट में चंपत राय के इस्तीफे को लेकर दो राय है. कुछ सदस्य चंपत राय की विदाई पर मौन हैं जबकि कुछ चंपत के पक्ष में भी हैं, दिनेंद्र दास तो बयान भी देते रहे हैं. दिनेंद्र दास, वासुदेव सरस्वती, कृष्ण मोहन, गोविंद देव गिरि, महंत नृत्य गोपाल दास ट्रस्ट की बैठक में पहुंचे. हालांकि बैठक में चंपत राय और अनिल मिश्रा उपस्थित नहीं हैं.
बैठक पर देश भर की नजर
राम मंदिर के दान में हेराफेरी के आरोपों को लेकर बने विवाद के बीच, श्री राम जन्मभूमि ट्रस्ट आज अहम बैठक हो रही है. इस बैठक में चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे पर फैसला लिया जाएगा. सुरक्षा कारणों से बैठक की जगह बदल दी गई है. अब यह राम मंदिर परिसर में हो रही है, पहले मणि रामदास छावनी में होनी थी.
इस बैठक में जरूरी मुद्दों पर वोटिंग भी हो सकती है. ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी ने कहा कि नकद दान से जुड़े सिर्फ दो मामलों को छोड़कर, वे किसी और लेनदेन में शामिल नहीं थे.
राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक में शामिल होने के लिए रविवार को कई महत्वपूर्ण सदस्य अयोध्या पहुंच गए हैं. प्रयागराज से स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती, हरिद्वार से परमानंद गिरि महाराज, पुणे से कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि शामिल हैं. जो सदस्य व्यक्तिगत रूप से बैठक में नहीं आ सके, उन्हें वीडियो लिंक भेज दिया गया है ताकि वे ऑनलाइन अपनी राय दे सकें. ट्रस्ट के कई सदस्य वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े.
महंत नृत्य गोपाल दास ने दोषी को सजा देने की मांग की
सूत्रों के मुताबिक केंद्र सरकार में सचिव प्रशांत लोखंडे और उत्तर प्रदेश के गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय प्रसाद के भी वर्चुअल रूप से बैठक में शामिल होने की उम्मीद है. सूत्रों के मुताबिक राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा अयोध्या में होने वाली बैठक में शामिल नहीं होंगे.
अहम बैठक से ऐन पहले ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास ने इस मामले पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि वह इस घटना से ‘बहुत आहत’ हैं और उम्मीद है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस ‘पाप’ में शामिल लोगों को ‘कड़ी से कड़ी’ सजा दिलाएंगे.
दास ने यह भी कहा कि यह मामला ”करोड़ों हिंदुओं की आस्था का प्रश्न है और इसमें किसी भी व्यक्ति को अपने निजी लाभ के लिए राजनीति नहीं करनी चाहिये.”


