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टेस्ट में दूसरी लाइन का हल्का नजर आना, क्या ये प्रेगनेंसी का संकेत, एक्सपर्ट से जानें

प्रेगा किट के जरिए प्रेगनेंसी कंफर्म करना बेहद आसान है. लेकिन ये टेस्ट मन में तब कई सवाल खड़े कर देता है जब दूसरी लाइन हल्की नजर आ रही हो. जांच में ऐसा रिजल्ट सामने आने पर महिलाओं में पहला सवाल यही रहता है कि इसे बेबी कंसीव होना कंफर्म माना जाए या नहीं. इसके अलावा ये भी सवाल उठता है कि कहीं कोई गायनी प्रॉब्लम तो नहीं है. प्रेगनेंसी से जुड़े ऐसे रिजल्ट से जुड़े सवालों के जवाब के लिए टीवी9 ने डॉ. प्रज्ञा कंसल खास बातचीत की.

टेस्ट में दूसरी लाइन का हल्का नजर आना, क्या ये प्रेगनेंसी का संकेत, एक्सपर्ट से जानें

एक्सपर्ट कहते हैं कि हल्की लाइन कई बार इवैपोरेशन लाइन भी हो सकती है, जो गर्भावस्था का संकेत नहीं होती. चलिए आपको डॉक्टर के जरिए बताते हैं कि इससे जुड़ी जरूरी बातें…

क्या कहते हैं एक्सपर्ट

डॉ. प्रज्ञा कंसल कहती है कि अगर प्रेग्नेंसी टेस्ट में दूसरी लाइन बहुत हल्की दिखाई दे रही है, तो सबसे पहले घबराइए मत और ये मत मान लीजिए कि टेस्ट गलत है. कई बार हल्की सी लाइन का मतलब भी प्रेगनेंसी हो सकता है. ऐसा अक्सर तब होता है जब आपने बहुत जल्दी टेस्ट कर लिया हो.

उस समय शरीर में प्रेगनेंसी हार्मोन यानी एचसीजी की मात्रा अभी कम होती है, इसलिए दूसरी लाइन हल्की दिखाई देती है. जैसे जैसे प्रेग्नेंसी आगे बढ़ती है, इस हार्मोन की मात्रा भी बढ़ती जाती है. इसलिए अगर आप करीब दो दिन बाद दोबारा टेस्ट करें, तो अक्सर वही लाइन पहले से गहरी दिखाई देती है.

इवैपोरेशन लाइन

एक बात का ध्यान रखना बहुत ज़रूरी है. कई बार जो दूसरी लाइन दिखती है, वो असली पॉज़िटिव लाइन नहीं होती, बल्कि इवैपोरेशन लाइन होती है. ऐसा तब हो सकता है जब आप टेस्ट का रिजल्ट निर्देशों में बताए गए समय के बाद देखते हैं. असली पॉज़िटिव लाइन में हल्का गुलाबी या नीला रंग होता है, जबकि इवैपोरेशन लाइन ज़्यादातर बिना रंग की या हल्की ग्रे दिखाई देती है.

बीटा एचसीजी का टेस्ट

एक और बात, अगर टेस्ट करने से पहले आपने बहुत ज्यादा पानी पी लिया है, तो यूरिन पतला हो सकता है. ऐसे में भी दूसरी लाइन हल्की नज़र आ सकती है. इसलिए अगर आपको निर्देशों में बताए गए समय के अंदर हल्की रंग वाली दूसरी लाइन दिखाई देती है, तो हम उसे संभावित पॉज़िटिव मानते हैं. मेरी सलाह होगी कि करीब 48 घंटे बाद, सुबह उठते ही पहली यूरिन से दोबारा टेस्ट करें. अगर आप पक्की पुष्टि चाहते हैं, तो ब्लड टेस्ट भी करवा सकते हैं. इसके लिए बीटा एचसीजी का टेस्ट होता है और इसके परिणाम काफी सटीक होते हैं.

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