
बिगड़ते लाइफस्टाइल, जंक फूड का अधिक सेवन और निष्क्रिय लाइफस्टाइल के कारण फैटी लिवर (Fatty Liver) की समस्या तेजी से पैर पसार रही है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि फैटी लिवर का सीधा संबंध आपके खून में मौजूद एक खास तरह के फैट यानी ‘ट्राइग्लिसराइड्स’ (Triglycerides) के बढ़ने से भी है? जब शरीर में ट्राइग्लिसराइड्स का स्तर अनकंट्रोल हो जाता है, तो यह लिवर की कोशिकाओं में जमा होने लगता है, जिससे लिवर की कार्यक्षमता प्रभावित होती है। शुरुआती चरणों में फैटी लिवर को बिना दवाओं के, सिर्फ सही आदतों से पूरी तरह रिवर्स किया जा सकता है।
जनरल डायटीशियन और डायबिटोलॉजिस्ट डॉक्टर कोमल कुलकर्णी ने ट्राइग्लिसराइड्स को कंट्रोल करने और फैटी लिवर से मुक्ति पाने के लिए लाइफस्टाइल में 7 जरूरी बदलाव (Lifestyle Changes) करने की सलाह दी है। एक्सपर्ट ने बताया खराब खानपान, मीठे पेय, शारीरिक गतिविधि की कमी और बढ़ता मोटापा आज फैटी लिवर और हाई ट्राइग्लिसराइड्स की बड़ी वजह बन चुके हैं। अगर समय रहते डाइट और लाइफस्टाइल में बदलाव किए जाएं तो ट्राइग्लिसराइड्स का स्तर कम करने और फैटी लिवर की स्थिति में सुधार लाने में मदद मिल सकती है। आइए जानते हैं कि फैटी लिवर से छुटकारा पाने के लिए लाइफस्टाइल में कौन-कौन से बदलाव करना जरूरी है।
सबसे पहले मीठे ड्रिंक्स का सेवन नहीं करें
डॉक्टर ने सलाह दी है कि अगर ट्राइग्लिसराइड्स बढ़ा हुआ हैं तो सबसे पहले शुगर वाली ड्रिंक्स को डाइट से हटाएं। कोल्ड ड्रिंक, पैकेज्ड जूस, मीठी चाय-कॉफी और अन्य शुगर युक्त पेय पदार्थ शरीर में अतिरिक्त शुगर पहुंचाते हैं, जो ट्राइग्लिसराइड्स बढ़ाने और लिवर में फैट जमा होने का कारण बन सकते हैं। इसकी जगह सादा पानी, बिना चीनी वाली ग्रीन टी या नींबू पानी बेहतर विकल्प हो सकते हैं।
शरीर का 10% वजन कम करने का लक्ष्य रखें
अगर आपका वजन सामान्य से अधिक है तो कुल वजन का लगभग 10 प्रतिशत कम करने का लक्ष्य रखें। वजन घटाना लिवर की सेहत के लिए फायदेमंद हो सकता है। धीरे-धीरे वजन घटाने से ट्राइग्लिसराइड्स कम करने, इंसुलिन सेंसिटिविटी सुधारने और फैटी लिवर की गंभीरता कम करने में मदद मिल सकती है।
नियमित एक्सरसाइज करें
डॉक्टर के अनुसार सप्ताह में कम से कम 150 से 180 मिनट तेज चाल से चलें। बॉडी को एक्टिव रखने के लिए जॉगिंग या एरोबिक एक्सरसाइज करें। इसके अलावा सप्ताह में 2 से 3 दिन स्ट्रेंथ ट्रेनिंग भी शामिल करें। नियमित शारीरिक गतिविधि शरीर में जमा अतिरिक्त फैट कम करने और मेटाबॉलिज्म बेहतर बनाने में मदद करती है।
हर मील में प्रोटीन शामिल करें
हर भोजन में अच्छी गुणवत्ता वाला प्रोटीन शामिल करें। इसके लिए अंडा, चिकन, मछली, पनीर, टोफू और दालें अच्छे विकल्प हो सकते हैं। पर्याप्त प्रोटीन लेने से लंबे समय तक पेट भरा रहता है, मांसपेशियां मजबूत रहती हैं और वजन घटाने में भी मदद मिलती है।
रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट कम करें
मैदा से बने बिस्कुट, बेकरी प्रोडक्ट्स, सफेद ब्रेड और नमकीन जैसे रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट का सेवन कम करें। इनकी जगह साबुत अनाज और हाई-फाइबर विकल्प चुनें। रिफाइंड कार्ब्स का अधिक सेवन ट्राइग्लिसराइड्स और पेट की चर्बी बढ़ाने से जुड़ा माना जाता है।
फाइबर से भरपूर भोजन खाएं
डाइट में फल, हरी सब्जियां, ओट्स और अन्य फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ शामिल करें। फाइबर पाचन को बेहतर बनाने, ब्लड शुगर को संतुलित रखने और ट्राइग्लिसराइड्स के स्तर को कंट्रोल करने में मदद कर सकता है। साथ ही यह लंबे समय तक पेट भरा रखने में भी सहायक होता है।
रोजाना 7 से 8 घंटे की नींद लें
अच्छी नींद भी फैटी लिवर और मेटाबॉलिक हेल्थ के लिए जरूरी है। रोजाना 7 से 8 घंटे की गुणवत्तापूर्ण नींद लेने से हार्मोन संतुलित रहते हैं, भूख कंट्रोल रहती है और वजन घटाने में मदद मिलती है।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी डॉक्टर के सुझावों पर आधारित है। फैटी लिवर या हाई ट्राइग्लिसराइड्स की स्थिति में डाइट, एक्सरसाइज या दवा में बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर या गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट से सलाह जरूर लें।



