
जब बॉडी को हेल्दी रखने के लिए हेल्दी डाइट का जिक्र आता है तो फलों को सबसे बेहतरीन और हेल्दी विकल्प माना जाता है। लेकिन आप जानते हैं कि इन हेल्दी फलों का सेवन भी तब तक हेल्दी है जबतक आपकी बॉडी में कोई मेडिकल कंडीशन नहीं है। जी हां, अगर किडनी की बीमारी से जूझ रहे मरीज बॉडी को हेल्दी रखने के लिए लगातार फलों का सेवन करते हैं तो उनकी बॉडी को फायदे की जगह नुकसान पहुंच सकता है। किडनी मरीजों के लिए पोटैशियम रिच फूड्स का सेवन उनकी मुश्किलें बढ़ा सकता है, क्योंकि खराब किडनी अतिरिक्त पोटैशियम को शरीर से बाहर नहीं निकाल पाती। इससे खून में पोटैशियम बढ़ने का खतरा रहता है, जो दिल और मांसपेशियों पर गंभीर असर डाल सकता है।
कर्मा आयुर्वेदा के फाउंडर, आयुर्वेदिक एक्सपर्ट डॉक्टर पुनीत धवन ने बताया फल बेहतरीन फूड हैं लेकिन किडनी की परेशानी से जूझ रहे लोगों के लिए ये नुकसान भी पहुंचा सकते हैं। पोटैशियम रिच फूड्स का सेवन करने से खून में पोटैशियम का स्तर बढ़ सकता है, जिसे हाइपरकलेमिया (Hyperkalemia) कहा जाता है। यह स्थिति दिल की धड़कन और मांसपेशियों के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती है। आइए एक्सपर्ट से जानते हैं कि पोटैशियम का शरीर में क्या रोल है और किडनी के मरीजों को पोटैशियम से भरपूर कौन-कौन से फलों से परहेज करने की जरूरत है।
किडनी के मरीजों के लिए पोटैशियम क्यों है अहम?
डॉ. बताते हैं कि पोटैशियम शरीर के लिए एक जरूरी मिनरल है जो मांसपेशियों के संकुचन, नसों के कार्य, दिल की धड़कन को सामान्य रखने और शरीर में फ्लूइड बैलेंस बनाए रखने में मदद करता है। लेकिन जब किडनी ठीक से काम नहीं करती, तो अतिरिक्त पोटैशियम शरीर से बाहर नहीं निकल पाता और खून में इसकी मात्रा बढ़ने लगती है। ज्यादा पोटैशियम होने पर दिल की धड़कन अनियमित हो सकती है और मांसपेशियों में कमजोरी या दूसरी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। डॉ. धवन ने बताया हर किडनी मरीज को पोटैशियम पूरी तरह बंद करने की जरूरत नहीं होती। कुछ स्टेज में जैसे
- CKD स्टेज 1 और स्टेज 2 के मरीजों को आमतौर पर पोटैशियम पर बहुत सख्त नियंत्रण की आवश्यकता नहीं होती।
- CKD स्टेज 3, स्टेज 4, स्टेज 5 या डायलिसिस कराने वाले मरीजों को पोटैशियम का सेवन डॉक्टर की सलाह के अनुसार सीमित रखना चाहिए।
किन फलों में ज्यादा है पोटैशियम?
डॉ. धवन के मुताबिक कुछ फलों में पोटैशियम ज्यादा होता है इसलिए किडनी के मरीजों को इन फलों का सेवन सीमित करना चाहिए या डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही करना चाहिए। कुछ फल जैसे
केला, संतरा, आम, कीवी, खरबूजा, स्ट्रॉबेरी, बादाम,किशमिश और अंजीर का सेवन करने से परहेज करना चाहिए। इन खाद्य पदार्थों में पोटैशियम अधिक होता है, जिससे शरीर में इसका स्तर तेजी से बढ़ सकता है।
किडनी के मरीज कौन से फलों का कर सकते हैं सेवन
किडनी के मरीजों के लिए कम पोटैशियम वाले फल फायदेमंद होते हैं। इन फलों में सेब, लाल अंगूर,नाशपाती,पपीता, जामुन और तरबूज शामिल है। बात करें सेब की तो
- 100 ग्राम सेब में लगभग 107 मिलीग्राम पोटैशियम होता है। यह फाइबर से भरपूर होता है, पाचन बेहतर बनाता है और ब्लड शुगर नियंत्रित रखने में मदद करता है। इसे छीलकर खाना बेहतर माना जाता है।
- लाल अंगूर:
एक कप (करीब 151 ग्राम) लाल अंगूर में लगभग 110 मिलीग्राम पोटैशियम होता है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो सूजन कम करने और दिल की सेहत बनाए रखने में मदद करते हैं। - नाशपाती:
100 ग्राम नाशपाती में लगभग 116 मिलीग्राम पोटैशियम होता है। इसमें मौजूद फाइबर पाचन सुधारने और वजन कंट्रोल रखने में मदद करता है। - पपीता:
100 ग्राम पपीते में लगभग 182 मिलीग्राम पोटैशियम होता है। यह पाचन और इम्यूनिटी के लिए अच्छा माना जाता है, लेकिन किडनी मरीजों को इसे सीमित मात्रा में और डॉक्टर की सलाह पर ही खाना चाहिए। - जामुन:
100 ग्राम जामुन में लगभग 55 मिलीग्राम पोटैशियम होता है। यह खासकर डायबिटीज से पीड़ित किडनी मरीजों के लिए फायदेमंद माना जाता है क्योंकि यह ब्लड शुगर कंट्रोल करने में मदद कर सकता है। - तरबूज:
एक कप तरबूज में लगभग 170 मिलीग्राम पोटैशियम होता है। इसमें पानी की मात्रा भी अधिक होती है, इसलिए किडनी मरीजों को इसे सीमित मात्रा में ही खाना चाहिए। यदि मरीज डायलिसिस पर है या पेशाब कम बन रहा है तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
किडनी मरीजों के लिए फल खाने का तरीका
- डॉ. धवन ने बताया कि किडनी के मरीज फलों का सेवन बहुत सावधानी से करें। फल हमेशा अच्छी तरह धोकर खाएं और संभव हो तो छीलकर खाएं।
- फलों के जूस की बजाय साबुत फल खाएं।
- हफ्ते में 2-3 बार ही फल खाएं या डॉक्टर की सलाह के अनुसार सेवन करें।
- समय-समय पर ब्लड टेस्ट करवाकर पोटैशियम की जांच कराएं।
- कुछ फलों को उबालने से उनमें मौजूद पोटैशियम की मात्रा कुछ हद तक कम की जा सकती है।
किडनी मरीजों के लिए जरूरी सलाह
डॉ. का कहना है कि किडनी रोगियों को नियमित रूप से किडनी फंक्शन टेस्ट (KFT) करवाते रहना चाहिए और अपनी डाइट किसी सर्टिफाइड डाइटिशियन से बनवानी चाहिए। इसके अलावा वजन, पानी की मात्रा और भोजन पर भी नजर रखना जरूरी है। एक्सपर्ट ने बताया किडनी की बीमारी में फलों को पूरी तरह छोड़ने की जरूरत नहीं होती। सही फल, सही मात्रा और डॉक्टर की सलाह का पालन करके मरीज संतुलित आहार ले सकते हैं।
डिस्क्लेमर: यह लेख डॉक्टर द्वारा साझा की गई जानकारी पर आधारित है। किडनी की बीमारी, डायलिसिस या पोटैशियम से जुड़ी किसी भी डाइट में बदलाव करने से पहले अपने नेफ्रोलॉजिस्ट या सर्टिफाइड डाइटिशियन से सलाह जरूर लें।



