हरिद्वार स्थित पतंजलि सिविल सर्विसेज अकादमी को लेकर देशभर में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। अब तक देश के उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार और हरियाणा समेत 16 राज्यों से 1000 से अधिक अभ्यर्थियों ने पंजीकरण करा लिया है और प्रतिदिन आवेदकों की संख्या में वृद्धि हो रही है। इस अकादमी की विशेषता यह है कि पहली बार पतंजलि योगपीठ के लगभग 50 सन्यासी भी इस प्रशिक्षण कार्यशाला में भाग लेंगे और 18 जुलाई को आयोजित इंटरव्यू में सम्मिलित होंगे। योगगुरु स्वामी रामदेव ने एक अहम घोषणा करते हुए कहा है कि जिन अभ्यर्थियों ने अपनी मेहनत और प्रतिभा से यूपीएससी अथवा पीसीएस की प्रारंभिक एवं मुख्य परीक्षा उत्तीर्ण की है, लेकिन दो प्रयासों के बाद भी इंटरव्यू में सफल नहीं हो सके, वे भी पुनः तैयारी के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

अकादमी के अध्यक्ष अवध ओझा हैं, संरक्षक के रूप में भारतीय शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष एनपी सिंह और सचिव के रूप में पतंजलि विश्वविद्यालय के प्रति कुलपति प्रो. मयंक जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। इस अकादमी की स्थापना योगगुरु स्वामी रामदेव और आयुर्वेदाचार्य आचार्य बालकृष्ण के संकल्पों व प्रेरणा से हुई है, जिसका उद्देश्य केवल आईएएस, आईपीएस बनाना नहीं, बल्कि राष्ट्रनिष्ठ, चरित्रवान, ईमानदार और सेवाभावी प्रशासकों का निर्माण करना है, जो योग, अध्यात्म एवं भारतीय संस्कृति से प्रेरित होकर समाज की सेवा कर सकें। वर्ष 202628 बैच के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो गई है और बीए द्वितीय वर्ष के विद्यार्थी भी आवेदन के पात्र हैं।
पंजीकरण की अंतिम तिथि 14 जुलाई 2026, सायं 5:00 बजे है, जिसके बाद सभी पंजीकृत अभ्यर्थियों को उसी दिन शाम पांच बजे तक हरिद्वार स्थित पतंजलि योगपीठ पहुंचना अनिवार्य होगा। 15, 16 एवं 17 जुलाई 2026 को तीन दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यशाला होगी, जिसमें परीक्षा रणनीति, उत्तर लेखन, व्यक्तित्व विकास, नेतृत्व क्षमता व योग पर विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस अवधि में भोजन, आवास एवं प्रशिक्षण से लेकर इंटरव्यू तक की सभी व्यवस्थाएं निःशुल्क रहेंगी, जिसका व्यय पतंजलि योगपीठ द्वारा वहन किया जाएगा। 18 जुलाई को इंटरव्यू और अंतिम चयन होगा, जिसके बाद चयनित विद्यार्थियों की नियमित कक्षाएं 21 जुलाई 2026 से शुरू होंगी। यह दो वर्षीय पूर्णतः आवासीय फाउंडेशन कोर्स होगा, जिसमें प्रथम 6 माह बेसिक फाउंडेशन, एक वर्ष एडवांस अध्ययन और अंतिम 6 माह रिवीजन व टेस्ट सीरीज पर केंद्रित रहेंगे।
विद्यार्थियों के मार्गदर्शन के लिए अर्थशास्त्र विशेषज्ञ नमन जैन, भूगोल विशेषज्ञ चंद्रमौली चौधरी समेत कई अनुभवी मेंटर्स जुड़े हैं। साथ ही, प्रशासनिक सेवाओं के वास्तविक अनुभव के लिए एक विशेष मार्गदर्शक मंडल का गठन किया गया है, जिसमें योगेंद्र नारायण , बलविंदर कुमार , आनंद कुमार और केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. श्रीनिवास वरखेड़ी सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी व शिक्षाविद शामिल हैं।


