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मोदी सरकार का रणनीतिक कदम! मलक्का स्ट्रेट पर भारत की बढ़ती मौजूदगी से बदलेगा समीकरण?

मोदी सरकार का रणनीतिक कदम! मलक्का स्ट्रेट पर भारत की बढ़ती मौजूदगी से बदलेगा समीकरण?

विस्तारवाद पर सख्त संदेश देने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडोनेशिया से चीन का नाम लिए बिना निशाना साधा है. पीएम मोदी ने कहा कि भारत और इंडोनेशिया दिल और भूगोल दोनों से करीब है. उन्होंने कहा कि दोनों देशों का रिश्ता सागर का है. पीएम मोदी की ओर से अपने भाषण में समंदर का जिक्र करना सीधे तौर पर ड्रैगन को संदेश है कि जिस तरह ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का इस्तेमाल किया वैसे ही अब भारत मलक्का स्ट्रेट पर अपनी पकड़ और मजबूत करेगा.

इंडो पैसिफिक रीजन में चीन के विस्तारवादी रवैये को लेकर दक्षिण-पूर्व एशिया में बढ़ती चिंताओं के बीच, पीएम मोदी ने मंगलवार (7 जुलाई 2026) को इंडोनेशिया की संसद में कहा कि भारत विकास का रास्ता अपनाता है, विस्तारवाद का नहीं. इसके बाद पीएम मोदी ने जकार्ता में भारतीय समुदायो को संबोधित किया, जहां इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो और वरिष्ठ मंत्री मौजूद थे. यहां उन्होंने कहा कि भौगोलिक तौर पर भारत और इंडोनेशिया बहुत करीब हैं.

मलक्का स्ट्रेट में चीन की घेराबंदी

पीएम मोदी के दौरे के दौरान भारत और इंडोनेशिया के बीच साथ मिलकर सुमात्रा द्वीप के उत्तरी छोर पर स्थित सबांग पोर्ट को संयुक्त रूप से विकसित करने पर सहमति बनी है. यह पोर्ट मलक्का स्ट्रेट के एंट्री गेट पर है. यह भारत के प्रस्तावित ग्रेट निकोबार ट्रांस-शिपमेंट पोर्ट से केवल 160 किलोमीटर दूर स्थित है. इसे भारत और इंडोनेशिया का होर्मुज भी कहा जा रहा है. चीन की पूरी अर्थव्यवस्था मलक्का स्ट्रेट पर निर्भर है. अगर यह समुद्री रास्ता बंद होता है तो चीन की चमकती अर्थव्यवस्था बुरी तरह प्रभावित होगी.

चीन के कुल क्रूड ऑयल के आयात का करीब 80 फीसदी यहीं से गुजरता है. उसके अधिकतर व्यापारिक जहाज भी यहीं से गुजरते हैं. स्ट्रैटेजिक तौर पर देखें तो ये रास्ता भारत के लिए गेम चेंजर के रूप में साबित हो सकता है. चीन को अक्सर इस बात का डर सताता रहता है कि जंग जैसे हालात बनने के बाद इस रास्ते को बंद करके बीजिंग को गहरा चोट पहुंचाया जा सकता है.

भारत ने एक के बाद एक रिफॉर्म्स किए: पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा, ‘इंडोनेशिया हो या भारत हम दोनों ही देश विकास के लिए अधीर हैं. हमारे पास न रूकने का मौका है, न थमने का. आज भारत की अर्थव्यवस्था दुनिया की ग्रोथ और ड्राइव करने में बड़ी भूमिका निभा रही है. जब दुनिया पर कोरोना का इतना बड़ा संकट आया तो भी भारत की अर्थव्यवस्था ठप नहीं पड़ी. जब वेस्ट एशिया का इतना बड़ा संकट चल रहा था, तब भी भारत की अर्थव्यवस्था थमी नहीं. ये रफ्तार ऐसे ही नहीं आई है. भारत ने एक के बाद एक रिफॉर्म्स किए हैं, हमने लगातार परफॉर्म किया है इसलिए आज देश ट्रांसफॉर्म हो रहा है.’

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