
जब समाज का सबसे पढ़ा-लिखा बौद्धिक तबका भी अंधविश्वास के जाल में फंस जाए, तो मामला गंभीर हो जाता है. छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से एक ऐसा ही सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां ‘चावल वाले बाबा’ के नाम से मशहूर एक कथित तांत्रिक ने नोएडा निवासी एक बड़े डॉक्टर को अपना शिकार बना लिया. दरअसल भाई की संदिग्ध मौत का सच जानने और अपने बेटों को ‘प्रेत बाधा’ से बचाने के फेर में डॉक्टर इस शातिर बाबा के जाल में ऐसे उलझे कि उन्होंने अपनी जिंदगी की गाढ़ी कमाई के 40 लाख रुपये लुटा दिए. नोएडा के डॉक्टर ऋषभ चौबे की शिकायत पर रायपुर की खम्हारडीह थाना पुलिस ने अब इस हाई-प्रोफाइल मामले की परतें खोलनी शुरू कर दी हैं.
यहां से शुरू हुआ ‘माइंड गेम’
यह पूरी कहानी एक डॉक्टर की उस लाचारी और दुख से जुड़ी है, जिसका फायदा इस ढोंगी बाबा ने उठाया. दरअसल, डॉक्टर ऋषभ चौबे के छोटे भाई दिव्य देव चौबे की 11 अगस्त 2024 को मध्य प्रदेश के इंदौर में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी, उनका शव एक कार में मिला था.
भाई की इस रहस्यमयी मौत से टूट चुके डॉक्टर ऋषभ अक्टूबर 2024 में रायपुर के गीतांजलि नगर में अपने एक परिचित के यहां आए थे. यहीं उन्हें ‘चावल वाले बाबा’ उर्फ नरेंद्र नयन शास्त्री के बारे में पता चला, जो तंत्र-मंत्र से सब कुछ ठीक करने का दावा करता था. भाई की मौत का सच जानने की चाहत में जब डॉक्टर बाबा के पास पहुंचे, तो बाबा ने उनकी लाचारी को अपनी सबसे बड़ी ताकत बना लिया.
बेटों पर ‘प्रेत साए’ का खौफ और लाखों की वसूली
डॉक्टर की कमजोरी भांपते ही कथित बाबा नरेंद्र नयन शास्त्री ने एक खौफनाक ताना-बाना बुना. उसने दावा किया कि वह अपनी शक्तियों से भाई की मौत की वजह तो बता देगा, लेकिन डॉक्टर के पूरे परिवार पर एक भयानक प्रेत बाधा का साया है. बाबा ने डॉक्टर को डराते हुए कहा कि अगर तुरंत इसका उपाय नहीं किया गया, तो आने वाले दिनों में उनके बेटों पर भी इस प्रेत आत्मा का संकट आ जाएगा. एक पिता और भाई के रूप में डॉक्टर ऋषभ इस कदर डर गए कि उन्होंने बाबा की हर बात माननी शुरू कर दी. इसके बाद अक्टूबर 2024 से लेकर जनवरी-फरवरी 2026 के बीच बाबा ने डॉक्टर से लाखों रुपये ऐंठना शुरू कर दिया.
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लग्जरी कार, कैश और हवाई सफर: बाबा के ठाठ-बाठ का खर्च
बताया जा रहा है कि तंत्र-मंत्र की आड़ में इस कथित बाबा के शौक बेहद आलीशान थे. मई 2025 में बाबा ने अपनी सुख-सुविधा के लिए एक महंगी कार खरीदने के नाम पर डॉक्टर से सीधे अपने बैंक खाते में 20 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए. इसके अलावा, अलग-अलग समय पर पूजा-पाठ, तांत्रिक अनुष्ठान और प्रेत बाधा दूर करने के नाम पर करीब 10 लाख रुपये नकद (कैश) वसूले गए. इतना ही नहीं, बाबा के दौरों, वीआईपी ट्रीटमेंट और एयर टिकट्स (हवाई यात्राओं) के नाम पर भी डॉक्टर से करीब 10 लाख रुपये खर्च करवाए गए. कुल मिलाकर करीब 40 लाख रुपये फूंकने के बाद जब डॉक्टर को ठगी का अहसास हुआ, तब तक पानी सिर से ऊपर जा चुका था.



